हिमालय की दो दुर्गम चोटियों पर भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं का साझा परचम
भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के एक संयुक्त पर्वतारोही दल ने हिमालय की दो सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक नया मुकाम हासिल किया है। इस अभियान के तहत दल ने उत्तराखंड के चमोली जिले…
भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के एक संयुक्त पर्वतारोही दल ने हिमालय की दो सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक नया मुकाम हासिल किया है। इस अभियान के तहत दल ने उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित 7,756 मीटर ऊंची माउंट कामेट और 7,355 मीटर ऊंची माउंट अबी गामिन को फतह किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस सफल अभियान के बाद सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को नई दिल्ली में दल के सदस्यों का स्वागत किया।
यह साझा अभियान 21 अगस्त को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर से शुरू हुआ था। लेफ्टिनेंट कर्नल चिराग चटर्जी के नेतृत्व वाले इस 35 सदस्यीय दल में भारतीय सेना के 25 और अर्जेंटीना की सेना के 10 जवान शामिल थे। पर्वतारोहियों ने जमा देने वाली ठंड, तेज हवाओं, खड़ी चट्टानों और गहरी बर्फीली दरारों जैसी कई मुश्किलों का सामना करते हुए यह सफलता हासिल की।
सफलता की तारीखें और महत्वपूर्ण तथ्य
संयुक्त सैन्य दल ने आपसी तालमेल और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते हुए पहले 17 सितंबर को माउंट अबी गामिन पर विजय प्राप्त की। इसके ठीक चार दिन बाद, 21 सितंबर को उन्होंने माउंट कामेट की चोटी पर तिरंगा और अर्जेंटीना का झंडा फहराया। गौरतलब है कि कंचनजंगा और नंदा देवी के बाद माउंट कामेट भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है।
रक्षा सहयोग में एक और मील का पत्थर
यह भारत और अर्जेंटीना की सेनाओं के बीच तीसरा संयुक्त पर्वतारोहण अभियान था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को दर्शाता है। इससे पहले, जनवरी 2025 में दोनों देशों के सैनिकों ने अर्जेंटीना की 6,962 मीटर ऊंची माउंट एकॉनकागुआ पर चढ़ाई की थी। इसके बाद अगस्त 2025 में उन्होंने लद्दाख की सुरू घाटी में स्थित 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन को भी एक साथ फतह किया था। इन अभियानों से दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर समझ और कठिन परिस्थितियों में मिलकर काम करने की क्षमता मजबूत हुई है।
इनपुट: IANS



