बलिया में बाढ़ पीड़ितों से मिले CM योगी, राहत सामग्री के साथ सपा सरकार पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार पर निशाना…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार जहाँ 50-50 किलो के राहत पैकेट दे रही है, वहीं सपा सरकार में 500 ग्राम सामग्री भी पीड़ितों तक नहीं पहुँच पाती थी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के हक की राहत सपा से जुड़े लोग हड़प लेते थे।
बलिया में तीन विधानसभा क्षेत्रों—बांसडीह, बलिया और बैरिया—के दौरे के बाद सीएम योगी ने 1500 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और मेडिकल किट बांटी। उन्होंने लोगों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की सरकार गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के हित में पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।
बाढ़ से प्रभावित यूपी के 26 ज़िले
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हालिया अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के लगभग 26 ज़िले बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे 251 गाँव और 1.71 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार तेज़ी से राहत और बचाव कार्य चला रही है और अब तक एक हज़ार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। सीएम ने कहा कि वे लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि किसी भी बाढ़ पीड़ित को परेशानी न हो।
समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप
सीएम योगी ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPAIC) का उदाहरण देते हुए सपा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "इस केंद्र की लागत मात्र 200 करोड़ थी। लेकिन, लुटेरी सपा सरकार ने उस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए, और तब भी यह अधूरा रहा।" उन्होंने दावा किया कि सपा की मंशा इसे "लूट-खसोट व अय्याशी का अड्डा" बनाना थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की संचालन समिति में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव और राजेंद्र चौधरी को शामिल कर इसे व्यक्तिगत संपत्ति की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, जिसके लिए अखिलेश को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
राहत और मुआवजे की विस्तृत व्यवस्था
सीएम ने बताया कि सरकार की ओर से हर पीड़ित परिवार को लगभग 50 किलो सामग्री वाली एक विस्तृत राहत किट दी जा रही है। इसमें आटा, चावल, दाल, मसाले, तेल, आलू, तिरपाल, मोमबत्ती, साबुन, सैनिटरी पैड और अन्य ज़रूरी सामान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, क्लोरीन की गोलियों और अन्य दवाओं वाली मेडिकल किट भी दी जा रही है।
आपदा में मृत्यु होने पर मुआवज़े की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सर्पदंश या जंगली जानवर के हमले से मौत पर 4 लाख रुपये और किसान या बटाईदार की बाढ़ या बिजली गिरने से मृत्यु पर 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना' के तहत 5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल शक्ति मंत्री को निर्देश दिए गए हैं और घाघरा नदी को चैनलाइज़ करने पर काम किया जाएगा।
इनपुट: IANS



