सबरीमाला के दर्शन के लिए 36 महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन !

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जैसे ही गुरुवार को सबरीमाला मंदिर में कोर्ट की तरफ यह फैसला आया की इस मामले को न्यायाधीशों की बड़ी पीठ को सौंपा दिया है और पिछले साल कोर्ट द्वारा जो फैसला लिया गया था की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने से प्रतिबंध नहीं है , यह फैसला अभी भी बरकरार रहेंगा। महिलाओं को सबरीमाला मंदिर जाने की अनुमति है। इस फैसले के आते ही मंदिर की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के जरिए 36 महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।

10 व 50 आयु के बीच की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के प्रतिबंध को हटा दिया गया है. इसके मायने हैं कि सभी आयु वर्ग की महिलाएं बड़ी पीठ का फैसला आने तक मंदिर की यात्रा कर सकती हैं। पिछले सीजन में प्रतिबंधित आयु वर्ग की 740 महिलाओं ने दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। 28 सितंबर 2018 के फैसले को कायम रखते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है। जब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता इस संदर्भ में तब तक महिलाओं के मंदिर प्रवेश में कोई भी प्रतिबन्ध नहीं लागया था।

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सबरीमाला मसले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस का असर सिर्फ इस मंदिर नहीं बल्कि मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश, अग्यारी में पारसी महिलाओं के प्रवेश पर भी पड़ेगा. अपने फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परंपराएं धर्म के सर्वोच्च सर्वमान्य नियमों के मुताबिक होनी चाहिए. अब बड़ी बेंच में जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं के दरगाह-मस्जिदों में प्रवेश पर भी सुनवाई की जाएगी और ऐसी सभी तरह की पाबंदियों को दायरे में रखकर समग्र रूप से फैसला लिया जाएगा ।