जसीडीह में 293 करोड़ की रेल बाइपास लाइन चालू, अब इंजन बदलने का झंझट खत्म, बचेगा समय
झारखंड के देवघर क्षेत्र में रेल यात्रियों और माल ढुलाई के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों के इंजन की दिशा बदलने की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए 293 करोड़ रुपये की लाग…
झारखंड के देवघर क्षेत्र में रेल यात्रियों और माल ढुलाई के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों के इंजन की दिशा बदलने की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए 293 करोड़ रुपये की लागत से बनी एक नई रेल बाइपास लाइन का उद्घाटन कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस लगभग पांच किलोमीटर लंबी लाइन से ट्रेनों के परिचालन में लगने वाला अतिरिक्त समय बचेगा, जिससे यात्रा सुगम होगी।
शुक्रवार को गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने हरी झंडी दिखाकर इस बहुप्रतीक्षित बाइपास लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय और आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य समेत रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
ट्रेनों का समय बचेगा, स्टेशन पर भीड़ घटेगी
अब तक, कई ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन में प्रवेश करने के बाद इंजन को एक छोर से खोलकर दूसरे छोर पर लगाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था और स्टेशन पर अनावश्यक दबाव भी बढ़ता था। यह नई लाइन देवघर लिंक केबिन से कुमड़ाबाद-रोहिणी होते हुए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी, जिससे ट्रेनें बिना स्टेशन में गए सीधे गुजर सकेंगी।
रेलवे के मुताबिक, इस बाइपास लाइन के शुरू होने से हर दिन कम से कम पांच यात्री ट्रेनों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही, लगभग दो मालगाड़ियां भी मुख्य स्टेशन पर आए बिना सीधे अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकेंगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक आपूर्ति और माल परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती
देवघर, बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां श्रावणी मेले जैसे अवसरों पर लाखों श्रद्धालु आते हैं। जसीडीह यहाँ का मुख्य रेलवे स्टेशन है। बेहतर और तेज रेल परिचालन से इन यात्रियों को काफी सुविधा होगी। पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि इस परियोजना से यात्री आवागमन और रेल परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे देवघर, जसीडीह, दुमका और गोड्डा जैसे क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
इनपुट: IANS



