2017-21 तक टीम इंडिया क्यों नहीं जीत पाई एक भी ICC ट्रॉफी, रवि शास्त्री ने सचिन, सहवाग, युवराज का उदाहरण देकर दिया जवाब

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2017-21 तक टीम इंडिया क्यों नहीं जीत पाई एक भी ICC ट्रॉफी, रवि शास्त्री ने सचिन, सहवाग, युवराज का उदाहरण देकर दिया जवाब

नई दिल्ली: पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया बड़े टूर्नामेंट्स में फेल हो रही है। चाहे वो टी20 वर्ल्डकप हो या फिर वर्ल्डकप हो। टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री के कार्यकाल में टीम इंडिया ने विदेशों में कई सीरीज अपने नाम की है। इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में बदलाव आया था। कोहली और शास्त्री के बीच बॉन्डिंग भी अच्छी रही। मगर दोनों की किस्मत में कोई भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं आई। फैंस इस बात को लेकर शास्त्री को हमेशा ट्रोल भी करते रहते हैं। रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के स्वर्णिम युग के दौरान कुछ पुरानी यादें शेयर की हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के अंदर खेल के प्रति ललक, जुनून का भी उदाहरण दिया है।

टीम इंडिया में ऑलराउंडर खिलाड़ियों की कमी- शास्त्री
रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का कारण बताया है। उन्होंने कहा है कि टीम में ऑलराउंडर की कमी थी, जिसकी वजह से टीम आईसीसी की ट्रॉफी नहीं जीत पाई। शास्त्री ने क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का भी जिक्र किया। रवि शास्त्री कोच से हटने के बाद अब फिर से कमेंट्री की दुनिया में वापस चले गए हैं। कमेंट्री के दौरान ही अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि जब वो टीम के कोच थे तब उन्हें टीम में ऐसे बल्लेलबाज चाहिए थे जो 4-5 ओवर गेंदबाजी कर सके। उन्होंने इस बारे चयनकर्ताओं को भी कहा कि देश में कुछ ऐसे भी बल्लेबाज होंगे जो गेंदबाजी करना पसंद करते होंगे।

रवि शास्त्री ने सचिन का दिया उदाहरण
रवि शास्त्री ने सचिन तेंदुलकर का उदहारण देते हुए कहा कि उनके भीतर गेंदबाजी का कीड़ा था। आपने ये बात खुद भी देखी होगी। सचिन तेंदुलकर मैच के दौरान हमेशा कुछ ओवर गेंदबाजी करते थे। इतना ही नहीं वो गेंदबाजी में प्रयोग भी करते थे और विकेट भी निकालते थे। उन्होंने आगे कहा कि जब सचिन बल्लेबाजी कर लेते थे तब वो बोलते थे कि मुझे फर्क नहीं पड़ता, वह गेंद भी लेते थे और फिर लेग स्पिन, ऑफ स्पिन जैसी अलग-अलग गेंद भी फेंकते थे। तो यह कीड़ा होना चाहिए। रवि शास्त्री ने अजय जडेजा का भी उदहारण देते हुए कहा कि वो भी ऐसा कर लेते थे। पूर्व हेड कोच का यह भी कहना है कि देश में 1.4 विलियन लोग हैं, और चयनकर्ता उनसे कह रहे हैं कि यह कीड़ा किसी बल्लेबाज में नहीं है कि वह गेंदबाजी भी करे। कमाल है !

सचिन में गेंदबाज़ी करने का कीड़ा था. वह अपनी बैटिंग खत्म होने के बाद बॉल उठा लेता था और अलग-अलग वेरिएशन ट्राई करता था। अजय जडेजा भी बॉलिंग करना पसंद करता था. आपको ऐसे खिलाड़ियों को पहचानना होगा। वो (सेलेक्टर्स) मुझसे कहने की कोशिश करते हैं कि कीड़ा नहीं है किसी भी बैट्समैन के पास, बॉलिंग करने का? कमाल है।

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पूर्व हेड कोच, रवि शास्त्री

सचिन, सहवाग, युवराज का दिया उदाहरण
रवि शास्त्री ने आगे कहा कि पहले सहवाग, सचिन, युवराज और रैना थे, लेकिन पिछले तीन-चार साल में ऐसा कोई नहीं रहा है जिसकी वजह से टीम का पूरा बैलेंस हिल गया है। ये बात बिल्कुल सही है कि कई सालों तक टीम इंडिया चार और पांच नंबर के लिए संघर्ष करती रही। युवराज सिंह की जगह आज तक कोई उनके जैसा बल्लेबाज नहीं आया जो किसी भी परिस्थिति में मैच निकालने की दम रखता हो। युवराज सिंह न केवल बल्लेबाजी बल्कि गेंदबाजी से भी हमेशा प्रभावित करते थे। 2011 विश्वकप को याद करिए, जब भी विरोधी टीम की पार्टनरशिप तोड़ने की बात आती थी तो युवराज सिंह के हाथों में गेंद थमाई जाती थी और वो विकेट निकाल देते थे।

मुझे टीम में ऐसा बल्लेबाज़ चाहिए था जो 4-5 ओवर गेंदबाज़ी भी कर सके। मैंने सेलेक्टर्स को ऐसे किसी खिलाड़ी को ढूंढने के लिए कहा। मुझे विश्वास है कि हमारी कंट्री में ऐसे बल्लेबाज़ होंगे जो गेंदबाज़ी करना पसंद करते हैं। जिनमें बॉलिंग करना का कीड़ा हो. जैसे सचिन तेंदुलकर को कीड़ा था।

पूर्व हेड कोच, रवि शास्त्री

दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल की तारीफ
रवि शास्त्री ने कहा कि दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों को देखकर अच्छा लगता है जो ना सिर्फ गेंदबाजी कर सकते हैं बल्कि बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। रवि शास्त्री से जब टीम में ऑलराउंडर्स की कमी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कप्तान और सिलेक्टर्स के बीच बेहतर कम्युनिकेशन बनाने की जरूरत है। चयनकर्ताओं को यह कहा जाए कि टीम में टॉप-6 में ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो टीम के लिए चार-पांच ओवर भी कर सकें। कप्तान कहे कि मुझे ऐसे चार-पांच खिलाड़ी चाहिए और आप डोमेस्टिक लेवल पर ऐसे खिलाड़ी खोजकर लाएं।



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