2 माह की बच्‍ची को मार पूरे दिन-रात उसके साथ रही मां, गुनाह कबूला लेकिन वजह पर चुप्‍पी

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2 माह की बच्‍ची को मार पूरे दिन-रात उसके साथ रही मां, गुनाह कबूला लेकिन वजह पर चुप्‍पी

नई दिल्ली: मालवीय नगर के चिराग दिल्ली गांव में सोमवार को हुई 54 दिन की बच्ची की हत्या का राज खुल गया है। लंबी पूछताछ के बाद इस नन्हीं जान की हत्या के आरोप में इसकी मां को ही गिरफ्तार किया गया है। परिजनों ने शुरू से ही यह शक जाहिर किया था। शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कराया गया, जहां डॉक्टरों ने खुलासा किया कि बच्ची की हत्या तो एक दिन पहले ही कर दी गई थी। बच्ची को मुंह भींचकर मारा गया। माना जा रहा है कि 18 से 20 घंटे तक आरोपी मां अपनी बेटी के शव के साथ ही रही। रात के वक्त परिवार के अन्य लोग भी शव के साथ रहे।

साउथ दिल्ली की डीसीपी बेनिता मेरी जयकर ने बताया कि करीब दो महीने की बच्ची की हत्या के आरोप में उसकी मां को गिरफ्तार किया गया है। अभी तक की जांच में आरोपी मां ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है कि उसी ने बच्ची की हत्या की। हालांकि, उसने ऐसा क्यों किया, यह अभी तक साफ नहीं है। पुलिस के मुताबिक, ऐसा नहीं कहा जा सकता कि मां ने बच्ची को इसलिए मार दिया कि उसे दूसरा भी बेटा चाहिए था, बेटी नहीं। गौरतलब है कि आरोपी महिला के करीब चार साल का एक बेटा है। जबकि इसी साल 27 जनवरी को यह बच्ची पैदा हुई थी। बताया जाता है कि मां को छोड़कर बच्ची के जन्म से सब खुश थे, लेकिन पुलिस ने ऐसी बात से इनकार किया है।

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डीसीपी जयकर ने बताया कि आरोपी मां के अलावा अभी तक किसी अन्य की भूमिका नहीं मिली है। इस मामले में सोमवार दोपहर बाद 4:30 बजे बच्ची के गुम होने की कॉल मिली थी। पुलिस घर पहुंची। पता लगा बच्ची मिल गई है। उसे पंडित मदन मोहन मालवीय हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मृतक बच्ची की मां, पिता, दादी, दोनों चाचा और पड़ोसियों से पूछताछ की। घर की दूसरी मंजिल में रखे माइक्रोवेव ओवन से जब बच्ची का शव मिला था, तब वहां काफी लोग थे। मामला साफ होने में थोड़ा वक्त लगा, लेकिन अब साफ है कि इसमें मां ही शामिल थी।

शव पर इंजरी के कुछ निशान भी मिले हैं। गिरफ्तार मां फिलहाल गुम-सी है। बच्ची की हत्या में क्या कोई और भी शामिल था, इसके जवाब में डीसीपी का कहना है कि बच्ची लगातार मां के पास थी। परिवार के अन्य लोगों ने जब भी बच्ची को देखा, वह सोती मिली। किसी ने भी बच्ची को रोते हुए या खाते-पीते नहीं देखा। इस दौरान न ही किसी ने बच्ची को उठाया और ना ही बाहर ले गए। तमाम हालात यही कह रहे हैं कि बच्ची को उसी की मां ने मारा।

डीसीपी ने यह भी बताया कि आरोपी महिला से जितनी बार भी बातें हुईं, उसमें हर बार वह अलग बातें कर रहीं थी। वह डिस्टर्ब लग रही है। पुलिस ने महिला को पूरी रात का वक्त दिया, फिर सुबह पूछताछ की। बच्ची के पिता और दो चाचा की घर के नीचे परचून और स्टेशनरी की दुकानें हैं।

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