1984 सिख दंगे: कमलनाथ की कथित भूमिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, 30 नवंबर को अगली तारीख
1984 के सिख-विरोधी दंगों से जुड़े एक अहम मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की कथित भूमिका पर कार्रवाई की मांग की गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री…
1984 के सिख-विरोधी दंगों से जुड़े एक अहम मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की कथित भूमिका पर कार्रवाई की मांग की गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह याचिका दायर की है, जो गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में हुई हिंसा से संबंधित है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को हुई इस सुनवाई के बाद मामले की अगली तारीख 30 नवंबर तय की गई है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस सुनवाई की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "आज मैंने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी याचिका के संबंध में पक्ष रखा। इस याचिका में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दौरान गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में कांग्रेस नेता कमलनाथ की कथित भूमिका पर कार्रवाई की मांग की गई है।"
न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प
सिरसा ने अपनी पोस्ट में इस लड़ाई को जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पीड़ितों के परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि कांग्रेस चाहती हो कि 1984 की घटना को भुला दिया जाए... किसी का राजनीतिक कद उसे जवाबदेही से नहीं बचा सकता, और न ही दशकों की देरी उनके दुख को मिटा सकती है। न्यायपालिका पर मेरा अटूट विश्वास है। मैं तब तक यह लड़ाई लड़ता रहूंगा, जब तक कि न्याय नहीं मिल जाता।"
संबंधित मामले में सज्जन कुमार को हुई थी सजा
यह सुनवाई उस व्यापक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें दंगों से जुड़े कई मामलों पर अदालती कार्रवाई चल रही है। इसी साल फरवरी में, एक अन्य मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह मामला 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह नाम के दो सिख नागरिकों को जिंदा जलाने से जुड़ा था। उस मामले की FIR शुरुआत में पंजाबी बाग थाने में दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में जस्टिस जीपी माथुर कमेटी की सिफारिश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने आरोप पत्र दाखिल किया था। समिति ने कुल 114 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की थी, जिसमें यह भी एक था।
इनपुट: IANS



