JPSC परीक्षा घोटाला: 10 और आरोपियों पर CID का शिकंजा, पूरक चार्जशीट दाखिल
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में हुई धांधली के मामले में जांच की रफ्तार तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने सोमवार को इस…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में हुई धांधली के मामले में जांच की रफ्तार तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने सोमवार को इस मामले में 10 और आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में अपनी पहली पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन सभी आरोपियों को इसी साल अगस्त महीने में अलग-अलग तारीखों पर गिरफ्तार किया गया था और वे तब से न्यायिक हिरासत में हैं।
चार्जशीट में बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार समेत कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है। CID को जांच में अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने वाले एक बड़े नेटवर्क के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अभी 12 अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है और दिसंबर तक उनके विरुद्ध भी एक और पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
जांच में हुआ करोड़ों के लेनदेन का खुलासा
CID की विस्तृत जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों ने अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर न सिर्फ नकद, बल्कि RTGS, UPI और हवाला जैसे अवैध तरीकों से भी करोड़ों रुपये वसूले थे। जांचकर्ताओं ने आरोपियों के बैंक खातों, पासबुक, KYC दस्तावेजों और मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा चार्जशीट में शामिल किया है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और बतौर सुरक्षा हस्ताक्षर किए हुए खाली चेक भी गिरवी रखवा लेता था।
डिजिटल सबूत और गुप्त सूची बरामद
जांच एजेंसी को मुख्य आरोपी बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप से 24 अभ्यर्थियों की एक गुप्त सूची भी मिली थी। जांच में पता चला कि इस सूची में से 11 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल भी हुए थे। CID अब इन सफल अभ्यर्थियों और दलालों के बीच के संबंधों की गहराई से पड़ताल कर रही है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी अभय तिवारी के ठिकानों पर छापेमारी में 5.50 लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि इस काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा शेल (फर्जी) कंपनियों में निवेश किया गया है।
अब तक 34 गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा धांधली के इस चर्चित मामले में अब तक कुल 34 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खिंग्याते समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। अब 10 नए नाम जुड़ने के बाद CID की जांच मास्टरमाइंड, आयोग के संदिग्ध अधिकारियों और परीक्षा संचालन एजेंसी के बीच के आर्थिक संबंधों पर केंद्रित हो गई है।
इनपुट: IANS



