125 बरस की गोदरेज एंड बॉयस का स्वेदशी विनिर्माण पर जोर, राजस्व में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य

0
100

125 बरस की गोदरेज एंड बॉयस का स्वेदशी विनिर्माण पर जोर, राजस्व में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य

डिसक्लेमर:यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।

| Updated: Jul 24, 2022, 5:08 PM

कोलकाता, 24 जुलाई (भाषा) टाइपराइटर, रेफ्रिजरेटर और मतदान पेटी तक बनाने वाली 125 साल पुरानी कंपनी गोदरेज एंड बॉयस का अपनी वृद्धि को रफ्तार देने के लिए अब भी स्वदेशी विनिर्माण पर जोर है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 15-20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा है। 1897 में ताले बनाने के साथ कारोबार शुरू करने वाली यह कंपनी अब निर्माण, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक इंजीनियरिंग, उपकरण, फर्नीचर और वैमानिकी क्षेत्र में भी मौजूद है। गोदरेज एंड बॉयस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और ब्रांड एवं रणनीतिक दृष्टि प्रमुख मेहरनोश पीठावाला ने पीटीआई-भाषा से कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में 15-20 प्रतिशत

 

Copy
कोलकाता, 24 जुलाई (भाषा) टाइपराइटर, रेफ्रिजरेटर और मतदान पेटी तक बनाने वाली 125 साल पुरानी कंपनी गोदरेज एंड बॉयस का अपनी वृद्धि को रफ्तार देने के लिए अब भी स्वदेशी विनिर्माण पर जोर है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 15-20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

1897 में ताले बनाने के साथ कारोबार शुरू करने वाली यह कंपनी अब निर्माण, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक इंजीनियरिंग, उपकरण, फर्नीचर और वैमानिकी क्षेत्र में भी मौजूद है।

गोदरेज एंड बॉयस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और ब्रांड एवं रणनीतिक दृष्टि प्रमुख मेहरनोश पीठावाला ने पीटीआई-भाषा से कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में 15-20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान उपभोक्ताओं के बारे में गहरी समझ एवं नवाचार की क्षमता पर आधारित है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 11,800 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था।

उन्होंने कहा कि गोदरेज समूह विनिर्माण के वैश्विक स्रोत के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का इरादा रखता है। अगले दो वर्षों में सालाना आधार पर अपने निर्यात में 30 प्रतिशत की वृद्धि करने की योजना भी है।

पीठावाला ने कहा, ‘‘कंपनी एक आत्म-निर्भर भारत में यकीन करती है और इस प्रकार स्वदेशी विनिर्माण हमारे लिए महत्वपूर्ण है। हमारे पास सभी उत्पादों के लिए संयंत्र हैं जो हम अपने 14 व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों से बनाते हैं।’’ गोदरेज एंड बॉयस के देशभर में 12 स्थानों पर 38 कारखाने हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के बारे में समझ होना गोदरेज की एक ताकत है। हम उस जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुछ नया करते हैं और देश के लिए प्रासंगिक तकनीक लेकर आते हैं।’’

राजनीति की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – राजनीति
News