शिवसेना (UBT) का चुनाव आयोग पर हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और भारतीय जनता पार्टी पर चुनावों में धांधली का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 1…
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और भारतीय जनता पार्टी पर चुनावों में धांधली का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें दस लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता अवधेश शुक्ला ने इस आंदोलन को 'लोकतंत्र को बचाने की आखिरी लड़ाई' बताया है।
मुंबई में 27 अक्टूबर को दिए एक बयान में शुक्ला ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने रहते हैं, तो भाजपा चुनावों में इसी तरह धांधली करती रहेगी। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन पूरी तरह जायज है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक इसे रोका नहीं जाएगा।"
विपक्ष के आंदोलन और भाजपा की पदयात्रा पर सवाल
अवधेश शुक्ला ने विपक्ष के प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रशासन के इस्तेमाल का आरोप लगाया, जबकि भाजपा खुद पदयात्रा कर रही है। उन्होंने कहा, "जब विपक्ष सरकार के खिलाफ आंदोलन करने निकलता है तो उसे रोकने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल किया जाता है। प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है, ट्रेनें रोकी जा रही हैं और बल प्रयोग किया जा रहा है।" शुक्ला ने सवाल उठाया कि विपक्ष को आंदोलन करने से रोकना कैसे उचित है और दावा किया कि यह सब चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी और मुकदमों पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी का बचाव करते हुए शुक्ला ने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा सबसे पहले भाजपा ने ही खोई थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के बड़े नेताओं ने राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ भी कई टिप्पणियां की हैं। उनके अनुसार, विपक्षी नेता अब समझ गए हैं कि भाजपा को उसी की भाषा में जवाब देना होगा।
मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने पर उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है, लेकिन विपक्ष इन मामलों से डरने वाला नहीं है।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता
शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने स्थानीय चुनावों और उपचुनावों में भी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मतदान के दौरान सीसीटीवी बंद होने की खबरें चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं। शुक्ला ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना उचित नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा सरकार गिर सकती है।
इनपुट: IANS



