सीएम ग्रिड योजना से बदलेगी बरेली की सूरत: विदेशों जैसी चमचमाती सड़कों का काम तेज, दिखेंगे नाथ नगरी के रंग – Bareilly News h3>
यूपी का बरेली शहर अब देश और प्रदेश में अपनी एक नई और आधुनिक पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली को सजाने-संवारने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। करोड़ों की विकास परियोजनाओं से बरेली न केवल स्मार्ट बन रहा है, बल्कि ‘सीएम ग्रिड’ य
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100 सालों की प्लानिंग: अब नहीं पड़ेगी सड़क चौड़ी करने की जरूरत बरेली के मॉडल टाउन, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, प्रेमनगर धर्मकांटा से लेकर कोहाड़ापीर तक चौड़े रोड बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार प्रशासन ने आने वाले 100 सालों का खाका खींचकर काम शुरू किया है। योजना इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में एक सदी तक सड़कों को दोबारा चौड़ा करने की नौबत न आए। सड़कों के साथ-साथ सीवरेज सिस्टम को भी इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या का नामोनिशान न रहे।
तारों के जाल से मुक्ति: सब कुछ होगा अंडरग्राउंड शहर की खूबसूरती में अक्सर बिजली के लटकते तार और केबल बाधा बनते हैं, लेकिन सीएम ग्रिड योजना के तहत इन सभी को ‘यूटिलिटी डक्ट’ के जरिए अंडरग्राउंड किया जा रहा है। बिजली के तार, लीज लाइन और केबल अब सड़कों पर नहीं बल्कि जमीन के अंदर होंगे। इतना ही नहीं, नाले-नालियां भी कवर्ड होंगी। जब कोई इन क्षेत्रों से गुजरेगा, तो उसे एक साफ-सुथरा और विदेशी तर्ज पर विकसित शहर दिखाई देगा।
नाथ नगरी की विरासत: पर्यटन को मिलेगा नया पंख सड़कों के किनारे केवल डामर और कंक्रीट नहीं, बल्कि बरेली की संस्कृति भी नजर आएगी। इन सड़कों पर नाथ नगरी से जुड़ी कथाएं, भगवान शिव के प्रतीक चिन्ह जैसे त्रिशूल, शंख, गदा, डमरू और नंदी की आकृतियां स्थापित की जाएंगी। पर्यटन की दृष्टि से यह कदम गेम-चेंजर साबित होगा। बता दें कि पिछले साल बरेली में 1 करोड़ 10 लाख पर्यटक आए थे, और इस सौंदर्यीकरण के बाद विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफे की उम्मीद है।
बजट का गणित: 81 करोड़ से संवर रहा है बरेली का कोना-कोना बरेली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन ने सीएम ग्रिड योजना के तहत लगभग ₹81 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में भी ₹50 करोड़ का प्रावधान खास तौर पर सीएम ग्रिड के लिए रखा गया है। फेज-1 के तहत मॉडल टाउन की सड़कों के लिए ₹46 करोड़ का काम जारी है, वहीं फेज-2 में कोहाड़ापीर से कुदेशिया पुल तक के कार्यों के लिए ₹36.34 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बन रही हैं सड़कें नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मुख्यमंत्री हरित सड़क सुधार योजना (CM-GRID) उत्तर प्रदेश सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा: “हमारा लक्ष्य बरेली की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके तहत केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनका पूर्ण कायाकल्प किया जा रहा है। हम सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ फुटपाथ, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, बस स्टॉप और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी स्मार्ट सुविधाएं दे रहे हैं। सड़कों के किनारे हरियाली (ग्रीन जोन) विकसित की जा रही है ताकि पैदल चलने वालों को भी बेहतर अनुभव मिले। फेज-1 और फेज-2 का काम तेजी से चल रहा है और आने वाले समय में बरेली की सूरत पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी।”
इन प्रमुख इलाकों में चल रहा है काम:
मॉडल टाउन: कुष्ठ आश्रम से गंगाशील अस्पताल और सेंट फ्रांसिस स्कूल से गुप्ता वॉच चौराहा। कोहाड़ापीर: कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया पुल (जीआरएम स्कूल होते हुए)। अन्य क्षेत्र: स्टेडियम रोड और संजय नगर क्षेत्र की प्रमुख सड़कें।




