लॉ स्टूडेंट जानलेवा हमला केस में सामने आया CCTV: घायल स्टूडेंट ने पिस्टल रखते हुए कैमरे में कैद, इकतरफा कार्रवाई पर दरोगा सस्पेंड – Kanpur News h3>
लॉ स्टूडेंट मेडिकल स्टोर पर अवैध पिस्टल के साथ सीसीटीवी में हुआ था कैद।
कानपुर के रावतपुर में लॉ स्टूडेंट अभिजीत सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में मंगलवार को एक सीसीटीवी सामने आया है। इसमें घायल स्टूडेंट मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के दौरान अपनी पिस्टल काउंटर पर रखते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ मामले में इक
.
इस केस में चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध मिली है। इसके साथ ही जिस आरोपी प्रिंस राज श्रीवास्तव की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। उसने कचहरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपना पक्ष सामने रखते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध, घायल पर ही दर्ज किया था रंगदारी का केस रावतपुर थाना क्षेत्र के विनायकपुर में विधि छात्र अभिजीत सिंह पर 25 नवंबर को चापड़ से जानलेवा हमला हुआ था। दबंगों ने इस कदर पीटा था कि उनकी दो अंगुलियां कट गई, सिर पर चापड़ से गंभीर घाव हुआ और पेट में चापड़ मारने से आंतें तक बाहर निकल आई थी। वारदात के बाद से गंभीर रूप से घायल अभिजीत का सर्वोदय नगर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि जांच में कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं।
इससे सामने आया कि लॉ स्टूडेंट अभिजीत अपनी कार से मेडिकल स्टोर पर पहुंचा था। उसके एक हाथ से खून बह रहा था और दूसरे हाथ पर पिस्टल थी। उसने अपनी अवैध पिस्टल निकालकर मेडिकल स्टोर के काउंटर पर रखी। इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक अमर सिंह, विजय सिंह, निखिल तिवारी और प्रिंस राज श्रीवास्तव से विवाद हो गया। मेडिकल स्टोर संचालक और उसके साथियों ने लॉ स्टूडेंट पर चापड़ से हमला किया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था।
यह फोटो फरार आरोपी प्रिंस राज श्रीवास्तव का है।
इकतरफा कार्रवाई पर सस्पेंड हुए चौकी इंचार्ज डीसीपी वेस्ट ने बताया कि वारदात के बाद रावतपुर थाना के गुरुदेव चौकी इंचार्ज सचिन भाटी फोर्स के साथ मौके पर जांच करने पहुंचे थे। चौकी इंचार्ज ने आरोपियों के पक्ष से ही घायल पर रंगदारी समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। जबकि दूसरे पक्ष गंभीर रूप से घायल अभिजीत सिंह को नजरंदाज कर दिया। इकतरफा कार्रवाई और जानलेवा हमला जैसे केस में लापरवाही बरतने में चौकी इंचार्ज सचिन भाटी को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच की जा रही है।
आरोपियों ने गायब किया CCTV फुटेज डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अमर सिंह और उसके गैंग ने मेडिकल स्टोर में लगे सीसीटीवी का डीवीआर गायब कर दिया। इससे साफ है कि मेडिकल स्टोर संचालक की भूमिका संदिग्ध है।
मेडिकल स्टोर संचालक ने सिर्फ घायल अभिजीत का अवैध पिस्टल वाला सीसीटीवी फुटेज अलग-अलग माध्ययमों से सोशल मीडिया पर वायरल किया है। जबकि पूरे वारदात के सीसीटीवी फुटेज को गायब कर दिया है। जल्द ही डीवीआर बरामद करके मामले में अन्य आरोपियों को भी अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा।
पुलिस करती रही छापेमारी, आरोपी कचहरी में कर रहा था प्रेस कॉन्फ्रेंस आपको जानकार हैरत होगी कि लॉ स्टूडेंट पर जानलेवा हमले के आरोपी प्रिंस राज श्रीवास्तव की तलाश में पुलिस की टीमें नाटकीय ढंग से छापेमारी कर रही थी। वह कचहरी में अपने अधिवक्ता के चैंबर में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने अपना पक्ष रख रहा था। इसके चलते जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे अभिजीत के परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को अरेस्ट नहीं करने का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अमर सिंह, विजय सिंह और उसके साथी निखिल तिवारी को अरेस्ट करके जेल भेज चुकी है।



