Advertising
Home Breaking News Hindi भारत में चीन जैसा अनुशासन संभव नहीं, स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने पर...
Advertising
<

भारत में चीन जैसा अनुशासन संभव नहीं, स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने पर ध्यान दें: गुजरात हाई कोर्ट

71
भारत में चीन जैसा अनुशासन संभव नहीं, स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने पर ध्यान दें: गुजरात हाई कोर्ट


भारत में चीन जैसा अनुशासन संभव नहीं, स्वास्थ्य ढांचे को सुधारने पर ध्यान दें: गुजरात हाई कोर्ट

हाइलाइट्स:

  • गुजरात हाई कोर्ट ने राज्‍य सरकार के कामकाज पर की टिप्‍पणी
  • कोर्ट ने कहा कि महामारी की तीसरी या चौथी लहर भी आ सकती है
  • अदालत ने कहा कि भारत में चीन जैसा अनुशासन नहीं लागू हो सकता है

अहमदाबाद
गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार को इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे का विकास करना चाहिए कि महामारी की तीसरी या चौथी लहर तक आ सकती है क्योंकि लोग मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वच्छता जैसे नियमों का पालन नहीं करने जा रहे। अदालत ने कहा कि भारत में चीन जैसा अनुशासन लागू नहीं हो सकता।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और न्यायमूर्ति भार्गव डी करिया की खंडपीठ ने गुजरात सरकार से कहा कि महामारी की किसी भी नई लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे में सुधार करना होगा। गुजरात में कोविड-19 हालात और इससे संबंधित अन्य मुद्दों पर स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लंबी अवधि के लिए बेहतर करने की आवश्यकता है, ना कि केवल महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए।

UP Covid Vaccination: सिद्धार्थनगर में कोविड वैक्‍सीनेशन में लापरवाही, 20 लोगों को पहली और दूसरी डोज में लगा दीं अलग-अलग वैक्‍सीन
‘हर छह महीने पर आएगी कोरोना की लहर’
पीठ ने कहा, ‘महामारी की तीसरी और चौथी के बारे में क्या करें? तीसरी लहर के बाद चौथी लहर आएगी क्योंकि राज्य के लोग मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करने जा रहे। इस देश में कोई ऐसा नहीं करने वाला, इसलिए हर छह महीने में एक नई लहर आएगी।’ सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी से कहा, ‘इस समझ के साथ आपको खुद को तैयार करना होगा।’

कोरोना को गंभीर होने से किस हद तक रोकते हैं कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन? ICMR करेगा सर्वे
‘हमने लोकतंत्र की कीमत चुकाई है’
जब त्रिवेदी ने महामारी के मद्देनजर भारत की तुलना यूरोपीय देशों से की तो अदालत ने कहा, भारत की तूलना केवल एक देश चीन से की जा सकती है जोकि ‘बेमिसाल’ है। उन्होंने कहा, ‘आपको केवल चीन से तुलना करनी होगी। यह बेमिसाल है। वहां जैसा अनुशासन, यहां लागू नहीं किया जा सकता इसलिए स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर करिए।’ इस पर, त्रिवेदी ने कहा, ‘ किसी ने सही कहा है कि हमने लोकतंत्र की कीमत चुकाई है।’ सरकारी वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि सरकार कोविड बचाव संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

गुजरात हाई कोर्ट की टिप्‍पणी

गुजरात हाई कोर्ट की टिप्‍पणी

Advertising



Source link

Advertising