Advertising
Home Top stories फर्जी मार्केशीट छापने वाले गिरोह का खुलासा: लंदन तक फर्जी मार्कशीट...
Advertising
<

फर्जी मार्केशीट छापने वाले गिरोह का खुलासा: लंदन तक फर्जी मार्कशीट का नेटवर्क, हाईस्कूल से पीएचडी तक की डिग्रियां मिलीं; करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला – Kanpur News

0
फर्जी मार्केशीट छापने वाले गिरोह का खुलासा:  लंदन तक फर्जी मार्कशीट का नेटवर्क, हाईस्कूल से पीएचडी तक की डिग्रियां मिलीं; करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला – Kanpur News

फर्जी मार्केशीट छापने वाले गिरोह का खुलासा: लंदन तक फर्जी मार्कशीट का नेटवर्क, हाईस्कूल से पीएचडी तक की डिग्रियां मिलीं; करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला – Kanpur News


कानपुर पुलिस कमिश्नर ने फर्जी मार्कशीट गिरोह के प्रिंटिंग प्रेस का खुलासा किया है। फर्जी मार्कशीट छापने वाले मास्टर माइंड के साथ ही चार आरोपियों को अरेस्ट किया है। जांच के दौरान देश के कई राज्यों के साथ ही लंदन तक फर्जी मार्कशीट का नेटवर्क फैला होने का खुलासा हुआ। यह गिरोह हाईस्कूल-इंटर से लेकर पीएचडी तक की डिग्रियां अपने घर में लगे प्रिंटिंग प्रेस में छाप रहा था। पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी डिग्रियां बरामद की है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। लंदर के मोबाइल नंबर से ऑपरेट हो रहा था सिंडीकेट पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने खुलासा करते हुए बताया कि क्राइमब्रांच और किदवई नगर थाने की पुलिस ने फर्जी मार्कशीट गिरोह का खुलासा किया था। इसमें अब तक 10 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। फर्जी मार्कशीट गिरोह की जांच के दौरान पुलिस अब फर्जी मार्कशीट छापने वाले सिंडीकेट तक पहुंच गई और मास्टर माइंड हीरामन का पुरवा निवासी जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ को अरेस्ट कर लिया। आतिफ मौजूदा समय में नाला रोड इकबाल बल्डिंग चमनगंज में रहता है। जियाउल के साथ ही उसके भाई हसन आमिर, हीरामन का पुरवा नरुद्दीन और हसन आसिफ को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया कि मास्टर माइंड जियाउल हसन ने घर पर ही प्रिंटिंग प्रेस का पूरा सिस्टम लगा रखा था। असली और नकली मार्कशीट देखकर अफसर भी दंग रह गए और असली से बेहतर नकली डिग्रियों की प्रिंटिंग मिली। सामान्य तौर पर देखकर यूनिवर्सिटी के अफसर भी असली और नकली में फर्क नहीं बता सके। फर्जी डिग्री सिंडीकेट सिर्फ कानपुर या यूपी नहीं देश के कई राज्यों और कनाडा, लंदन तक फैला हुआ था। सिंडीकेट विदेश तक ऑड डिमांड फर्जी डिग्रियां उपलब्ध करा रहा था। मास्टर माइंड जियाउल के पासपोर्ट की जांच से सामने आया कि शातिर दो बार लंदन में महीनों रह चुका है। मौजूदा समय में लंदन के मोबाइल नंबर से ही पूरे सिंडीकेट को ऑपरेट कर रहा था। पहली बार लंदन में सात महीने और दूसरी बारी छह महीने के लिए गया था। 2022 में साउदी अरब भी गया था, शातिर ने साउदी अरब, कनाडा और ब्रिटेन समेत कई देशों में फर्जी मार्कशीट बेची है। जल्द ही परिवार के साथ लंदन में सेटेल होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने मास्टर माइंड के साथ ही तीन अन्य आरोपियों को भी अरेस्ट कर लिया। इन सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पकड़े गए चारों आरोपी 10 हजार में एक मार्कशीट छापता था गैंग इनके कब्जे से फर्जी मार्कशीट बनाने के उपकरण कम्प्यूटर, सीपीयू, प्रिंटर, प्रिंटेड मार्कशीट, प्रिन्ट करने के लिये प्रयुक्त किया जा रहा सादा पेपर (रॉ मटेरियल) (830 पेपर), पेपर में लगाने के लिये होलोग्राम (80 होलोग्राम), होलोग्राम बनाने की डाई, विभिन्न विश्वविद्यालय के 141 रबर स्टैम्प, व स्टेशनरी से संबंधित सामग्री बरामद हुई। अभियुक्त जियाउल हसन फर्जी मार्कशीट गिरोह का मास्टर मांइड है। पूछताछ करने पर बताया कि मेरा एक साथी आमिर अहमद पुत्र स्व सईद अहमद उम्र 34 वर्ष नि० हीरामन का पुरवा कानपुर नगर भी हम लोगों के साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट बनाने का कार्य करता है। हम लोग 13 वर्षों से लगातार अपने साथियों के साथ फर्जी मार्कशीट बनाने का काम करते हैं। फर्जी मार्कशीट का नेटवर्क पूरे भारत के साथ साथ विदेशों में भी फैला हुआ है। आरोपियों ने बताया कि वे पूरे भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीट-डिग्री बनाकर बिना कॉलेज गए लोगों को कम समय में महंगे दामों पर बेचते थे। जांच में सामने आया कि यह गिरोह 10 हजार में एक मार्कशीट छापता था। 8 यूनिवर्सिटी की हजारों मार्कशीट बरामद पुलिस कमिश्नर ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने 62 फर्जी मार्कशीट, सादे कागज 830 बरामद किया है। गिरोह मौजूदा समय में आठ यूनिवर्सिटी जैसे कि अन्नामलाई विश्वविद्यालय, लिंगाया विद्यापीठ फरीदाबाद, कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, उस्मानिया यूनिवर्सिटी हैदराबाद, डॉ. डी.वाई. पाटिल विद्यापीठ पुणे, अलगप्पा विश्वविद्यालय, आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर समेत अन्य की फर्जी मार्केशीट छाप रहा था। मार्कशीट के साथ ही डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन, ट्रांसक्रिप्ट, PhD संबंधित दस्तावेज (कई कॉपी सहित) बरामद किया है।

उत्तर प्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Uttar Pradesh News

Advertising