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पिपलिया डेब में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार का आरोप: नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट में सौंपा ज्ञापन, कहा- कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर विकास निधि के दुरुपयोग किया – Barwani News

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पिपलिया डेब में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार का आरोप:  नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट में सौंपा ज्ञापन, कहा- कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर विकास निधि के दुरुपयोग किया – Barwani News

पिपलिया डेब में सरपंच पति पर भ्रष्टाचार का आरोप: नाराज ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट में सौंपा ज्ञापन, कहा- कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर विकास निधि के दुरुपयोग किया – Barwani News

बड़वानी जिले की ठीकरी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पिपलिया डेब में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने सरपंच पति और शासकीय शिक्षक रमेश चंद्र रोमडे पर पंचायत के कामकाज में खुलेआम हस्तक्षेप करने का

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सरपंच पति पर मनमानी और भ्रष्टाचार का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पति रमेश चंद्र रोमडे, जो स्वयं एक शासकीय टीचर हैं, सरपंच बसंती बाई से खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस मनमानी के कारण गांव के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के अधिकारियों पर भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है।

ग्रामीण मुन्नालाल, सुरेश, बबलू सहित कई लोगों का कहना है कि 2022 में नई सरपंच चुने जाने के बाद से ही उनके पति और ग्राम पंचायत अधिकारी मनमाना रवैया अपना रहे हैं।

शिकायतकर्ता महेश कनासे के आरोप

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  • नियमों का उल्लंघन: ग्राम विकास मंत्रालय के नियमों के विपरीत, सरपंच पति खुलेआम मासिक सभाओं में बैठते हैं।
  • मारपीट की शिकायत: शिकायत करने वाले ग्रामीण महेश कनासे ने आरोप लगाया कि बुधवार को ग्राम सभा का विरोध करने पर सरपंच पति ने डायल 112 के सामने उनके साथ मारपीट की, जिसका वीडियो भी मौजूद है।
  • फंड का दुरुपयोग: 14वें और 15वें वित्त आयोग से मिली विकास राशि को कहाँ और कैसे खर्च किया गया, इसकी कोई जानकारी नहीं दी जाती है, सिर्फ कागजों पर काम दिखाकर फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • विकास कार्य ठप: गांव में स्ट्रीट लाइट तो लगीं, लेकिन बल्ब नहीं लगाए गए, कचरा पेटी की सफाई नहीं होती, और सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
  • अन्य आरोप: जॉब कार्ड के माध्यम से लोगों के खातों में पैसा डाला जा रहा है। विधायक निधि से आई राशि का उपयोग अन्य जगह किया गया है। दिव्यांग लाभार्थियों को मिलने वाली निधि का वितरण भी नहीं किया गया है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम पंचायत नियमित रूप से खुलती नहीं है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है।

सरपंच पति ने आरोपों को नकारा, मारपीट का कारण बताया

सरपंच पति रमेशचंद्र रोमडे ने कहा कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वो निराधार हैं। उन्होंने मारपीट की घटना पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ग्राम सभा होने के बाद महेश कनासे कुछ लोगों को लेकर उनके घर आया और उनकी पत्नी (सरपंच) बसंती बाई से झगड़ा करने लगा और अपशब्द कहे जा रहे थे, इसी के कारण उन्होंने उसे मारा। उन्होंने यह भी कहा कि महेश कनासे आए दिन उन्हें परेशान करता रहता है और फर्जी शिकायतें करता रहता है।

अधिकारियों पर भी अनदेखी का आरोप

ग्रामीण रामचंद्र असके, मदन, राधेश्याम सहित अन्य ग्रामीणों ने जनपद पंचायत अधिकारियों पर भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनपद पंचायत के अधिकारी ग्राम पंचायत पिपलिया डेब में कोई ध्यान नहीं देते और ग्राम सभाओं का नियमित आयोजन भी नहीं होता। ग्रामीणों ने कहा कि जनपद पंचायत सीईओ, जनसुनवाई और पुलिस प्रशासन को भी इस मामले की जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर कार्यालय में की गई इस शिकायत के बाद जल्द ही निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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