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तूफान मोन्था ओडिशा पहुंचा- समुद्र में ऊंची लहरें उठ रहीं: हवा की रफ्तार 100kmph; इससे पहले आंध्र प्रदेश में 5.30 घंटे लैंडफॉल चला

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तूफान मोन्था ओडिशा पहुंचा- समुद्र में ऊंची लहरें उठ रहीं:  हवा की रफ्तार 100kmph; इससे पहले आंध्र प्रदेश में 5.30 घंटे लैंडफॉल चला

तूफान मोन्था ओडिशा पहुंचा- समुद्र में ऊंची लहरें उठ रहीं: हवा की रफ्तार 100kmph; इससे पहले आंध्र प्रदेश में 5.30 घंटे लैंडफॉल चला

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नई दिल्ली/अमरावती/भुवनेश्वर9 मिनट पहले

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चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से ​​​​​​गुजरकर बुधवार सुबह ओडिशा के गंजम में गोपालपुर बीच पर पहुंच गया है। गंजम के समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और 80-100kmph की रफ्तार से हवा चल रही है। IMD के मुताबिक लैंडफॉल के बावजूद अगले 6 घंटों तक इसका असर रहेगा।

आंध्र के बाद ओडिशा के 8 जिले गंजम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर में मोन्था के चलते भारी बारिश और आंधी चल सकती है।

राज्य सरकार ने इन जिलों से 11 हजार लोगों को निकाला है। 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की तैयारी है। ODRF की 30 टीम और NDRF की 5 टीमों को तैनात किया गया है।

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इससे पहले मंगलवार रात में चक्रवात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया था। मंगलवार शाम 7.30 बजे से देर रात लगभग 1 बजे तक लगभग 5.30 घंटे लैंडफॉल चला। इस दौरान 90-100kmph की रफ्तार से हवा चली थी, जो कि 110kmph पहुंच गई।

मछलीपट्टनम में कई जगह पेड़ गिरे, समुद्र किनारे के मकान ढह गए। कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए और पोल गिर गए। शहर की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। कोनासीमा में घर पर पेड़ गिरने से बुजुर्ग महिला की मौत हुई। एक दूसरी घटना में 2 अन्य लोग घायल हो गए।

तूफान मोन्था के असर की सैटेलाइट वीडियो

मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के असर से केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में अगले 3 दिन तक बारिश हो सकती है।

मोन्था ने 300 KM का एरिया कवर किया हुआ है। तूफान मोन्था को यह नाम थाइलैंड ने दिया है। थाई भाषा में इसका अर्थ है सुगंधित फूल।

ऐसा है तूफान मोन्था का रूट…

मोन्था प्रभावित राज्यों की 5 तस्वीरें…

ओडिशा: पुरी बीच पर समुद्र तट पर आए लोगों को ज्यादा गहराई तक न जाने की सलाह दी जा रही है।

ओडिशा: गंजम में तटरेखा नष्ट हो गई और पोदमपेटा गांव में किनारे बनी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।

आंध्र प्रदेश: काकीनाडा में तूफान मोन्था के असर से बचाने राहत शिविर में लोगों को रखा गया है।

तमिलनाडु: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) के कार्यकर्ताओं ने राहत शिविर में जरूरतमंदों के लिए खाना तैयार किया।

तूफान मोन्था से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

12 मिनट पहले

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बालासोर में बारिश और तेज हवाएं, चांदीपुर सबसे ज्यादा प्रभावित

27 मिनट पहले

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ओडिशा के गोपालपुर बीच पर चल रही तेज हवाएं

12:54 AM29 अक्टूबर 2025

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चक्रवात मोन्था ओडिशा पहुंचा

07:28 PM28 अक्टूबर 2025

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IMD: लैंडफॉल के बाद 6 घंटे तक मोन्था की इंटेंसिटी बनी रहेगी

मौसम विभाग के मुताबिक, ‘मोन्था के आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के आस-पास के इलाकों में लैंडफॉल के बाद 6 घंटे तक इसकी इंटेंसिटी बनी रहने की संभावना है।

29 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश और यनम में ज्यादातर इलाकों में तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। कुछ इलाकों में 20cm तक बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को मोन्था प्रभावित राज्यों में बारिश का असर रहेगा।

07:05 PM28 अक्टूबर 2025

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ओडिशा: तूफान प्रभावितों के लिए 2000 सेंटर खोले गए

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार चक्रवात मोन्था का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। तूफान से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों के लिए 8 दक्षिणी जिलों में 2,000 से ज्यादा आपदा राहत केंद्र खोले हैं। राज्य सरकार के 2,048 आपदा राहत केंद्रों में 11,396 लोगों को रखा गया है।

07:05 PM28 अक्टूबर 2025

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उड़ीसा के पुरी में समुद्र में ऊंची लहरें उठीं

चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से पुरी में समुद्र बेहद खतरनाक और उफान पर है। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी जिग्यान्सु बेहेरा ने बताया कि समुद्र में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है क्योंकि हादसे का खतरा बहुत अधिक है।

07:04 PM28 अक्टूबर 2025

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आंध्र प्रदेश की 43,000 हेक्टेयर फसल डूबी

चक्रवात मोन्था के कारण आंध्र प्रदेश की 43,000 हेक्टेयर से ज्यादा फसलें पानी में डूब गईं, जिससे 83,000 से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। कुल 292 मंडलों और 1,712 गांवों में नुकसान की सूचना मिली है।

सबसे ज्यादा नुकसान धान और कपास की फसलों को हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल क्षतिग्रस्त क्षेत्र का 80% हिस्सा इन्हीं फसलों का है। लगभग 31,267 हेक्टेयर धान की फसल और 15,680 हेक्टेयर कपास की फसल लगातार बारिश और बाढ़ में नष्ट हो गई।

07:04 PM28 अक्टूबर 2025

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ओडिशा के गंजाम में तेज लहरों ने समुद्र तट की जमीन को काटा

ओडिशा के गंजाम में चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से समुद्र उफान पर है। तेज लहरों ने समुद्र तट की जमीन को काट दिया और किनारे स्थित कई मकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, समुद्र की लहरें लगातार तेज हो रही हैं और पानी घरों तक पहुंच रहा है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

07:04 PM28 अक्टूबर 2025

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मछलीपट्टनम​​​​​​​ तट पर तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरे

चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से मछलीपट्टनम तट पर तेज हवाएं चल रही हैं। मंगिनापुडी बीच रोड पर तीन पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। दो पेड़ हटा दिए गए हैं, जबकि एक पेड़ बिजली के खंभे पर झुका हुआ है।

एनडीआरएफ की 10वीं बटालियन के कमांडर ईश्वर राव गड्डे ने बताया कि टीम कल से लगातार हालात पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “आज दोपहर हवा की रफ्तार बहुत बढ़ गई। हमने सिविल प्रशासन से हाइड्रा की मदद मांगी है, क्योंकि इस काम के लिए जेसीबी उपयुक्त नहीं है।”

07:03 PM28 अक्टूबर 2025

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ओडिशा के मलकानगिरी में गर्भवती महिलाओं के लिए खास इंतजाम

डिशा के मलकानगिरी में चक्रवात ‘मोन्था’ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के लिए खास इंतजाम किए हैं। जिन महिलाओं की डिलीवरी अगले 15 दिनों में होनी है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। इन्हें जिले के 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बने ‘मां गृह’ (जन्म प्रतीक्षा गृह) में रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।

07:03 PM28 अक्टूबर 2025

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मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप

चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए और पोल गिर गए। इससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया है।

चक्रवात के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 100kmph तक हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत दल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और बिजली बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है।

07:02 PM28 अक्टूबर 2025

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तूफान पर रडार और सैटेलाइट्स से नजर रखी जा रही

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात ‘मोन्था’ की निगरानी लगातार की जा रही है। इसके लिए डॉपलर वेदर रडार (DWR) मछलीपट्टनम और विशाखापट्टनम में लगाए गए हैं। इसके अलावा तटीय वेधशालाओं, ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS), जहाजों और उपग्रहों (सैटेलाइट्स) से भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

06:50 PM28 अक्टूबर 2025

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अधिकारी ने कहा- मोन्था का लैंडफॉल जारी

IMD भुवनेश्वर के सीनियर साइंटिस्ट संजीव द्विवेदी ने कहा- साइक्लोन मोन्था का लैंडफॉल प्रोसेस अभी भी चल रहा है। यह पिछले छह घंटों से लगभग 15 km प्रति घंटे की स्पीड से बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।

28 अक्टूबर को रात 9:30 बजे तक यह सिस्टम आंध्र प्रदेश और यनम तटों के पा, बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में मौजूद रहा। यह आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम से लगभग 230 km दक्षिण-पश्चिम में और ओडिशा में गोपालपुर से लगभग 480 km दक्षिण-पश्चिम में है।

लैंडफॉल प्रोसेस जारी है। इस गंभीर साइक्लोनिक तूफान में अभी हवा की स्पीड 90-100 kmph है, जो 110 kmph तक जा सकती है।

फोरकास्ट के मुताबिक, यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा और अगले दो घंटों में काकीनाडा के दक्षिण में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तटों को पार करेगा।

06:46 PM28 अक्टूबर 2025

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एनडीआरएफ ने चक्रवात मोन्था के लिए 45 टीमें तैनात की

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने चक्रवात मोन्था के मद्देनजर राहत और बचाव कार्यों के लिए बचाव दल की 45 टीमें तैनात की हैं। यह चक्रवात मुख्य रूप से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा को प्रभावित करेगा।

NDRF ने बताया कि आंध्र प्रदेश में 10, ओडिशा में 6, तमिलनाडु और तेलंगाना में 3-3, छत्तीसगढ़ में 2 और पुडुचेरी में 1 टीम तैनात की गई है। 20 अतिरिक्त टीमों को “स्टैंडबाय” पर रखा गया है।

06:44 PM28 अक्टूबर 2025

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साइक्लोन मोन्था से 4 राज्यों में बारिश का रेड अलर्ट

ओडिशा- ओडिशा के मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि NDRF, ODRAF और फायर सर्विस की 128 टीमें (करीब 5,000 कर्मी) तैनात कर दी गई हैं। 28-29 अक्टूबर को हवा की रफ्तार 80 से 110kmph तक पहुंच सकती है।

राहत की बात है कि तूफान तेजी से आगे बढ़ रहा है, क्योंकि इससे समुद्र में ऊर्जा इकट्ठा नहीं होगी और नुकसान कम होने की उम्मीद है।

आंध्र प्रदेश- पीएम नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से बात की और हालात का जायजा लिया। आंध्र प्रदेश के कृष्णा, गुंटूर, बापटला और वेस्ट गोदावरी जिलों में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना है। इसके कारण सोमवार को स्कूल बंद रखे गए हैं।

तमिलनाडु- चेन्नई और आसपास के तीन जिलों रानीपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पुडुचेरी और विल्लुपुरम में भी बारिश के आसार हैं।

पश्चिम बंगाल- बंगाल में मंगलवार से शुक्रवार तक कई जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, 24 परगना, मेदिनीपुर, बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है।

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