ड्रग कानून एन्फोर्समेंट, नशीली दवा दुरुपयोग रोकने कमेटी बनी: चीफ सेक्रेट्री होंगे अध्यक्ष, केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि और राज्य सरकार के अफसर सदस्य बने – Bhopal News h3>
छिंदवाड़ा और बैतूल में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामलों के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध ड्रग व्यापार और मादक फसल
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सरकार के आदेश के अनुसार, यह समिति ड्रग कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए प्रदेश के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस समिति के गठन से ड्रग्स नियंत्रण व्यवस्था और एंटी-नार्कोटिक्स एक्शन को मजबूत आधार मिलेगा। साथ ही प्रदेश में हाल में बढ़े कफ सिरप और नशीली दवाओं से जुड़ी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
यह समिति निम्न प्रमुख कार्यों पर ध्यान देगी
- प्रदेश में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहन देना।
- नशीली दवाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए रणनीति तैयार करना।
- मादक फसलों की अवैध खेती से प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम तैयार करना।
- भारत सरकार के Narco Coordination Centre (NCORD) से जुड़ी नीतिगत और क्षेत्रीय समस्याओं का समन्वयपूर्ण समाधान करना।
समिति में शामिल प्रमुख अधिकारी
- अपर मुख्य सचिव
- प्रमुख सचिव (गृह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, वन, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, वाणिज्यिक कर, शिक्षा विभाग)
- पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल
- अतिरिक्त महानिदेशक (DRI), इंदौर
- डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर (CBN), ग्वालियर
- उप पुलिस महानिरीक्षक, रेल, भोपाल
- पोस्ट मास्टर जनरल
- स्टेट ड्रग कंट्रोलर
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के वरिष्ठ अधिकारी
ये भी रहेंगे कमेटी में शामिल
इस समिति में निदेशक एसएफएसएल, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा कंपनी, गृह मंत्रालय (खुफिया ब्यूरो) के प्रतिनिधि, क्षेत्रीय प्रमुख प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के प्रतिनिधि, राज्य एड्स नियंत्रण समिति (एसएसीएस) के प्रतिनिधि और सक्षम प्राधिकारी और प्रशासक SAFEM (FOP) अधिनियम, 1976 NDPS अधिनियम, 1985 के प्रतिनिधि (राजस्व) भी सदस्य होंगे। समिति में क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार डीडीजी कार्यकारी सदस्य और निदेशक नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सह-सदस्य बनाया गया है।
यह काम करेगी एनसीओआरडी कमेटी
- समिति द्वारा राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी की निगरानी करना जिसमें बंदरगाहों समुद्री मार्गों के माध्यम से तस्करी और नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों पर तटीय राज्यों में राष्ट्रीय नीति का कार्यान्वयन शामिल हैं।
- ड्रग कानून प्रवर्तन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के मुद्दों को संबोधित करना
- राज्य स्तर पर नशीली दवाओं के दुरूपयोग के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना
- राज्य स्तर पर क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के मुद्दों को संबोधित करना
- राज्यों में मादक फसलों की अवैध खेती से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम तैयार करना और कार्यान्वित करना
- स्वापक नियंत्रण योजना के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को सहायता के तहत स्वीकृत धन के उपयोग की निगरानी
- नशीली दवाओं के दुरुपयोग के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कोष (NFCDA) के तहत स्वीकृत धन के उपयोग की निगरानी करना
- राज्य में फोरेंसिक क्षमता का गैप विश्लेषण और उसे भरने के लिए कदमों का कार्यान्वयन
- राज्यों में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना
- कोई अन्य मुद्दा जो समिति द्वारा उचित समझा जाए उसके लिए काम किया जाएगा।



