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डीएमआईसी: ई-एलएमएस सिस्टम को मिलेगा नया रूप: तीन साल के लिए नियुक्त होगा कंस्लटेंट, 3 करोड़ होंगे खर्च, 3 मार्च तक करे आवेदन – Noida (Gautambudh Nagar) News

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डीएमआईसी: ई-एलएमएस सिस्टम को मिलेगा नया रूप:  तीन साल के लिए नियुक्त होगा कंस्लटेंट, 3 करोड़ होंगे खर्च, 3 मार्च तक करे आवेदन – Noida (Gautambudh Nagar) News

डीएमआईसी: ई-एलएमएस सिस्टम को मिलेगा नया रूप: तीन साल के लिए नियुक्त होगा कंस्लटेंट, 3 करोड़ होंगे खर्च, 3 मार्च तक करे आवेदन – Noida (Gautambudh Nagar) News


DMIC इंटीग्रेटड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटरनोएडा नोएडा लिमिटेड ने अपने इलेक्ट्रॉनिक लैंड मैनेजमेंट सिस्टम (e-LMS) और आधिकारिक वेबसाइट के रखरखाव व अपग्रेड के लिए आईटी कंसल्टेंट नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह नियुक्ति तीन साल के लिए होगी। प्राधिकरण के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये है। प्राधिकरण द्वारा रिक्यूवेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के अनुसार, इच्छुक कंपनियां 3 मार्च तक आवेदन कर सकती है। टेक्निकल बिड 6 मार्च को खोली जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि चयनित कंसल्टेंट e-LMS और वेबसाइट की ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (OM) सेवाएं देगा। 750 एकड़ टाउनशिप का मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म
e-LMS सिस्टम 750 एकड़ में विकसित हो रही इंडस्ट्रियल टाउनशिप का एक अहम डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसी पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को जमीन आवंटन, बिल्डिंग प्लान अप्रूवल और संबंधित भुगतान की सुविधाएं ऑनलाइन मिलती हैं। उद्योग इकाइयां अपने नक्शे, ड्रॉइंग और अन्य अनुपालन दस्तावेज इसी सिस्टम पर अपलोड करती हैं। पारदर्शिता और रियल-टाइम ट्रैकिंग पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक, e-LMS को मिशन-क्रिटिकल सिस्टम माना जाता है क्योंकि यह प्राधिकरण और अलॉटियों के बीच मुख्य इंटरफेस का काम करता है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल जांच, अप्रूवल जारी करना और सुरक्षित भुगतान प्रोसेसिंग संभव होती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और वित्तीय लेन-देन की रियल-टाइम ट्रैकिंग होती है। सुरक्षा और डेटा संरक्षण पर विशेष ध्यान
नियुक्त कंसल्टेंट की जिम्मेदारियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, SSL मैनेजमेंट और सरकारी नियमों का पालन शामिल होगा। इसके अलावा डेटा सुरक्षा और वेबसाइट की एक्सेसिबिलिटी स्टैंडर्ड्स पर भी आईटी कंसल्टेंट सॉफ्टवेयर अपडेट, बग फिक्सिंग, परफॉर्मेंस सुधार, डेटाबेस मेंटेनेंस और पेमेंट गेटवे जैसी थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन का काम भी संभालेगा। 24×7 सपोर्ट और डिजास्टर रिकवरी प्लान
प्राधिकरण ने कंसल्टेंट के लिए 24 घंटे आपातकालीन सपोर्ट अनिवार्य किया है। सिस्टम डाउनटाइम या साइबर हमले जैसी स्थितियों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित डेटा बैकअप और टेस्टेड डिजास्टर रिकवरी प्लान भी लागू रहेगा।

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