जानलेवा गड्ढे और खुले चैंबर: सड़कों पर मौत के कुएं, जिम्मेदारों ने सुधार के बजाय बैरिकेड्स लगाकर पल्ला झाड़ा – Bhopal News h3>
भोपाल की सड़कों पर हालात इतने खतरनाक हो चुके हैं कि आम लोगों की जान मानो प्रशासन की नजर में दो कौड़ी की रह गई हो। ये तस्वीरें एससी गोधा रोड, रजत विहार, हनुमानगंज थाने के पास और 1100 क्वार्टर चौराहे जैसे बेहद व्यस्त मार्गों की हैं, जहां बड़े-बड़े गड्ढ
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स्थिति यह है कि एक गड्ढा एक माह से खुला पड़ा है तो दूसरा छह माह से जस का तस। हर गड्ढा 1 से 3 फीट चौड़ा और लगभग उतना ही गहरा है। कई जगह सीवेज चैंबर के ढक्कन गायब हैं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ बैरिकेड लगाकर छोड़ दिया गया है। इससे आगे की कार्रवाई से जैसे विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया हो।
गड्ढों के चारों तरफ लगाए गए बैरिकेड्स और बड़े पत्थर भी खतरे का नया कारण बन गए हैं। दिन में ये यातायात को बाधित करते हैं, वहीं रात के समय और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं, क्योंकि अधिकांश बैरिकेड्स पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं है। अंधेरे में वाहन चालक इन्हें देख ही नहीं पाते। पत्थर भी ऐसे रखे हैं कि हल्की सी चूक बड़ा हादसा करा सकती है। अगर कोई नया वाहन चालक इन मार्गों पर पहली बार आए और ओवरटेकिंग के दौरान अचानक सामने गड्ढा या बेरिकेड आ जाए, तो हादसा लगभग तय है। शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर चल रहे दावों की पोल इन गड्ढों ने खोल दी है।
आमजन की जान से कैसे खिलवाड़ हो रहा यह तस्वीरों में दिख रहा, लेकिन अफसरों को नहीं दिखाई देते
हनुमानगंज: चैंबर की मरम्मत तो की नहीं, बैरिकेड्स रख दिए
1100 क्वार्टर चौराहा: रोटरी-प्रतिमा हटाई, गड्ढा नहीं भरा
एससी गोधा रोड: चैंबर लेवल नहीं किया, बैरिकेड्स रख दिए
रजत विहार कॉलोनी: चैंबर का ढक्कन बार-बार टूट रहा
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के पास नाले के चैंबर की मरम्मत के नाम पर लापरवाही सामने आई है। चैंबर को ठीक करने के बजाय, उस पर बैरिकेड्स रख दिए हैं। यह न सिर्फ गलत है, बल्कि सरकारी संपत्ति का नुकसान भी है। स्थानीय लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बैरिकेड्स रखने की जगह, प्रशासन को चेंबर पर ढक्कन लगवाना था। ढक्कन लगने से चैंबर खुला नहीं रहता और लोग भी सुरक्षित रहते। उन्होंने मांग की है कि बैरिकेड्स हटाकर तुरंत चैंबर पर सुरक्षित ढक्कन लगाए जाएं, ताकि जन सुरक्षा और सरकारी संपत्ति दोनों सुनिश्चित हो सकें।
अरेरा कॉलोनी स्थित इस चौराहे से करीब तीन साल पहले श्री दुर्गादास राठौर जी की प्रतिमा हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दी। साथ ही रोटरी को भी हटा दिया। इसके बाद उखड़ी सड़क को अब तक दुरुस्त नहीं किया है। ऐसे में बीच चौराहे पर इस हिस्से में गड्ढा बना हुआ है। वाहन चालकों के यहां से गुजरने पर हादसे की आशंका रहती है। यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिए एक बैरिकेड रख दिया है। अब तीन साल से वाहन चालक इस हिस्से का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है, इसलिए उसे ही ठीक करना है। इस संबंध में एमआईसी सदस्य मनोज राठौर का कहना है कि जल्द ठीक कराएंगे।
एससी गोधा रोड पर हाल ही में नई सड़क का निर्माण होने के बावजूद लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। सड़क के बीचों-बीच चैंबर पर बैरिकेड्स रखकर छोड़ दिए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में बाधा बन रहें हैं। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने सड़क तो बना दी, लेकिन न तो चैंबर लेवल किया और न ही बैरिकेड्स हटाए। ऐसे में कार और दोपहिया वाहन चालक रोज़ाना जोखिम उठाते हुए इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। गड्ढेनुमा जगहों और ऊबड़-खाबड़ हिस्सों के कारण अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द ठीक करवाने की मांग की है।
पिछले 6 महीने में रजत विहार को जाने वाली रोड पर एक चैंबर का ढक्कन बार-बार टूटने के बाद प्रशासन इस पर फर्शी रखकर पल्ला झाड़ लिया। फर्शी भी टूट गइ है और स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में कई बार गाड़ियां इसकी चपेट में आने से लोग घायल हो रहे हैं। इस संबंध में गर निगम अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। अक्सर वाहन चालक इस गड्ढे में फंस जाते हैं। रहवासियों ने नगर निगम से जल्द से जल्द टूटा चैंबर ठीक करने की मांग की है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यदि इसे जल्द ठीक नहीं किया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।



