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क्या गैर सपाई को ज्यादा तरजीह दे रहे आजम?: अब तक अपने करीबी विधायकों से ही मिले, रामपुर सांसद से सबसे ज्यादा नाराज – Uttar Pradesh News

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क्या गैर सपाई को ज्यादा तरजीह दे रहे आजम?:  अब तक अपने करीबी विधायकों से ही मिले, रामपुर सांसद से सबसे ज्यादा नाराज – Uttar Pradesh News

क्या गैर सपाई को ज्यादा तरजीह दे रहे आजम?: अब तक अपने करीबी विधायकों से ही मिले, रामपुर सांसद से सबसे ज्यादा नाराज – Uttar Pradesh News

समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे आजम खान जब से जेल से बाहर आए हैं, मीडिया में जमकर इंटरव्यू दे रहे हैं। चाहे इलेक्ट्रानिक चैनल हों या यूट्यूबर्स, हर किसी से विस्तार से बात कर रहे हैं। सीधे-सीधे सवालों का जवाब भी अपने ही अंदाज में देन

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ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आजम खान सपा से ज्यादा गैर सपाइयों को तरजीह दे रहे? आजम खान से अब तक कौन-कौन से प्रमुख लोग मिले? किसने क्या कहा? सपा के कौन-कौन से नेता आजम से मिल चुके हैं? पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के करीबियों को लेकर आजम खान का क्या नजरिया है? आजम खान का अगला रुख क्या हो सकता है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

आजम खान 23 सितंबर को जेल से रिहा हुए थे। तब से उनको लेकर कयासबाजी का दौर तेज है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान को 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा किया गया। उनकी करीबी मानी जाने वाली मुरादाबाद से सपा सांसद रुचिवीरा के अलावा रिहाई के समय सपा की ओर से कोई और नेता नहीं पहुंचा।

रामपुर पहुंचने के बाद से आजम खान की जिन लोगों से अब तक मुलाकात हुई है, उनमें सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के अलावा ज्यादातर वे लोग हैं जो आजम के करीबी रहे हैं। इनमें कासगंज से विधायक नादिरा सुल्तान हों, लंबे समय तक जेल में रहे सपा के कानपुर की सीसामऊ सीट से विधायक रहे इरफान सोलंकी, मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा से विधायक नवाब जान, बरेली की भोजीपुरा विधानसभा सीट से विधायक शहजिल इस्लाम और आजम खान के दोस्तों में से एक अरविंद सिंह गोप से मुलाकात हुई है।

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वहीं, गैर सपाइयों में जो दो सबसे बड़े नाम हैं, उनमें सपा से अलग हो चुके स्वामी प्रसाद मौर्य और कभी समाजवादी पार्टी के नेता रहे सीपी राय शामिल हैं।

सबसे ज्यादा नाराजगी स्थानीय सांसद से जेल से वापस आने के बाद से आजम की अब तक रामपुर के सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी से मुलाकात तक नहीं हुई। इसके पीछे उनकी नाराजगी बताई जा रही है। सबसे अहम बात ये है कि सपा के जिन लोगों से आजम खान की मुलाकात हुई, उनमें ज्यादातर के सामने उन्होंने सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी को लेकर नाराजगी जाहिर की।

ये सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी हैं। नदवी के बयान के बाद आजम ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

हालांकि इस मुद्दे पर कोई भी बोलने से मना कर रहा। आजम खान से मुलाकात के बाद एक नेता नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि सांसद से वह ज्यादा नाराज हैं। मौलाना का सुधार गृह वाला बयान उन्हें सबसे ज्यादा चुभा। फिलहाल, आजम खान उन्हें देखना भी नहीं चाहते। एक इंटरव्यू के दौरान भी आजम खान ने मौलाना मोहिबुल्ला नदवी का नाम लिए बिना कहा था कि ‘रामपुर की जीत को आजम खान की हार न समझें, बात खराब हो जाएगी, बहुत खराब हो जाएगी।’

जिसे विधान परिषद भेजा, उसने भी दिया धोखा आजम सपा के दो विधायकों और एक एमएलसी से भी खफा बताए जा रहे हैं। इसमें मुरादाबाद की बिल्लारी सीट से विधायक मोहम्म्द फहीम इरफान के अलावा आजम खान की सिफारिश पर सहारनपुर से विधान परिषद भेजे गए शहनवाज खान का नाम शामिल है। ये दोनों नेता आजम के बेटे अब्दुल्लाह आजम के खास थे। लेकिन, जब आजम पर मुसीबत आई तो इन लोगों ने उस तरह से मदद नहीं की, जिसकी दरकार आजम खान को थी। आजम खान को जितनी उनसे उम्मीदें थीं, वो पूरी नहीं हुईं।

अखिलेश यादव से भी शिकवा-शिकायत 8 अक्टूबर को अखिलेश यादव जब आजम खान से मिलने रामपुर पहुंचे, तो बंद कमरे में सिर्फ उन्हीं दोनों की आपस में बातचीत हुई। सोर्सेज का कहना है कि इस मुलाकात में भी आजम खान ने अखिलेश से शिकवा-शिकायत की। उन नेताओं के बारे मे बताया, जिन्होंने उनके साथ गद्दारी की। इसके अलावा जेल में उनके साथ हुई ज्यादतियों के किस्से भी सुनाए थे।

तस्वीर 8 अक्टूबर की है, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव रामपुर आजम खान से मिलने पहुंचे थे।

फहीम ने लिखा- हमें उन पर भरोसा था… दो दिन पहले सोशल मीडिया पर मुरादाबाद की बिल्लारी विधानसभा से विधायक मोहम्मद फहीम ने लिखा कि ‘हमें उन पर भरोसा था, उन्हें लगा मैं उनके भरोसे हूं…।’ इस पर एक यूजर ने लिखा कि आजम खान की बात हो रही है क्या? एक दूसरे यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि उनकी गलतफहमी थी कि आप पर भरोसा किया।

2027 के लिए संभावनाएं तलाश रहे स्वामी प्रसाद मौर्य पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सपा से अलग होने के बाद 2027 के लिए मेहनत कर रहे हैं। वह छोटे-छोटे दलों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आजम खान से उनकी मुलाकात को अहम माना गया। आजम से मिलने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राजनीति में सब कुछ संभव है।

उन्होंने आजम खान पर हुई कार्रवाई को इमरजेंसी से भी ज्यादा ज्यादती बताया। मौर्य ने आजम खान के किसी भी पार्टी में जाने-आने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह मुलाकात एक शिष्टाचार भेंट थी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सपा नेता आजम खान से मुलाकात की थी।

कांग्रेस के लिए आजम का रुख टटोलने पहुंचे सीपी राय सीपी राय आजम खान से मिलने वाले इकलौती कांग्रेसी नेता रहे। सीपी राय कहते हैं- आजम खान के साथ उन्होंने लंबा समय बिताया। उनके साथ नाश्ता और रात का खाना भी खाया। बंद लफ्जों में वे कहते हैं कि आजम भाई पार्टी के लोगों के रवैये से खुश नहीं। इससे ज्यादा उन्होंने कुछ नहीं कहा। एक इंटरव्यू के दौरान भी आजम खान ने सपा सुप्रीमो के करीबियों पर निशाना साधा था। कहा ये भी जा रहा है कि सीपी राय आजम खान के रुख को टटोलने पहुंचे थे।

कांग्रेस नेता सीपी राय ने सपा नेता आजम खान से मुलाकात की थी।

अरविंद सिंह गोप ने कहा- अन्याय की पराकाष्ठा सपा सरकार में मंत्री रहे सपा के वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह गोप से भी आजम खान की मुलाकात हुई। गोप ने आजम खान के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए उनके साथ हुए व्यवहार को ‘अन्याय की पराकाष्ठा’ बताया था। कहा था कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी इस कथित अन्याय का लगातार विरोध कर रही है। गोप ने कहा था कि अखिलेश यादव ने कई मौकों पर इस मुद्दे को उठाया। पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध किया। गोप ने आजम खान को समाजवादी पार्टी का संस्थापक सदस्य और अपना बड़ा भाई बताया।

तस्वीर सपा नेता अरविंद सिंह गोप और आजम खान की मुलाकात के दौरान की है।

क्या होगा आजम खान का अगला रुख? सभी को आजम खान के अगले कदम का इंतजार है। जानकारों का मानना है कि उनकी नाराजगी अखिलेश यादव से नहीं, बल्कि उनके इर्द-गिर्द के लोगों से है। आजम की सपा से कोई नाराजगी नहीं है या नाराजगी दूर हो गई है, ये कहना भी गलत है। वे अपने इंटरव्यू में सपा के संस्थापक सदस्य होने के साथ-साथ इस बात का जिक्र करने से नहीं चूकते कि समाजवादी पार्टी से उन्हें निकाला गया था।

इसके अलावा जेल से रिहा होने के बाद वे दिल्ली और अजमेर तक हो आए हैं, लेकिन लखनऊ अब तक नहीं आए। इंतजार उनके लखनऊ आने का भी है। उनका अगला कदम क्या होगा ये आजम खान ही जानते हैं, जिसे लेकर अब तक उन्होंने कोई पत्ता नहीं खोला है।

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक योगेश मिश्रा कहते हैं- आजम खान के नखरे सपा के अलावा कोई और बर्दाश्त नहीं कर सकता। उनकी जो नाराजगी दिखाई दे रही है, उसे आप उनका नखरा कह सकते हैं। कोई भी जब भी किसी मुश्किल में होता है तो वो तमाम तरह की मन्नतें मानता है। अजमेर का दौर उसी का हिस्सा कह सकते हैं। कोई बड़ा आयोजन पार्टी कार्यालय में होगा तो निश्चित रूप से वे लखनऊ में भी दिखाई देंगे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई कहते हैं- आजम खान साहब खुद ये साफ कर चुके हैं कि वे समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे हैं और मरते दम तक रहेंगे। जहां तक लखनऊ आने की बात है, वे खुद भी कह चुके हैं, कि उनकी सेहत अभी ठीक नहीं।

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रामपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनकी पत्नी पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. तज़ीन फातिमा आज एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुईं। ये पेशी यतीमखाना बस्ती मामले में हुई। आजम खान ने पत्नी के साथ कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। कोर्ट से निकलने के बाद आजम खान ने रामपुर पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। आजम ने कहा- 14 दिसंबर 2016 को डीएम-एसपी की मौजूदगी में यतीम खाना बस्ती का पूरा कब्जा ले लिया गया और डेढ़ से 2 साल स्क्रूटनी, अलॉटमेंट और आवास बनाकर दिए गए। उसके ठीक 3 साल बाद 2019 में कब्जा लेने के भी 2 दिन बाद की तारीख बताते हुए हमारे खिलाफ कंप्लेंट हुई। पढ़ें पूरी खबर

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