कल से 6 सूना होगा जैसलमेर एयरपोर्ट: विंटर शेड्यूल की आज आखिरी उड़ान; 6 महीने थमेगा हवाई सफर – Jaisalmer News h3>
28 मार्च, 2026 मरुधरा की तपती रेत और बढ़ते पारे ने अब स्वर्णनगरी के आसमान से विमानों की विदाई की पटकथा लिख दी है। जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट के लिए आज शनिवार का दिन बेहद खास और भावुक है। शाम 4:30 बजे जैसे ही बेंगलुरु के लिए सीजन की आखिरी फ्लाइट ने टेक-ऑफ किया, उसके साथ ही जैसलमेर का आसमान आगामी छह महीनों के लिए शांत हो गया। कल (29 मार्च) की सुबह जैसलमेर एयरपोर्ट के सिविल टर्मिनल पर सन्नाटा पसरा होगा, क्योंकि विंटर शेड्यूल आधिकारिक रूप से समाप्त हो रहा है। पर्यटन इतिहास का ‘गोल्डन जुबली’ सीजन इस साल का विंटर शेड्यूल जैसलमेर के एविएशन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। अक्टूबर से मार्च तक चले इस छह महीने के सफर में पहली बार रिकॉर्ड 2.40 लाख यात्रियों ने हवाई यात्रा की। यह आंकड़ा जैसलमेर की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण है। सीजन की शुरुआत में जहां केवल दिल्ली के लिए एक फ्लाइट थी, वहीं पर्यटकों के जबरदस्त रुझान को देखते हुए देखते ही देखते रोजाना 6 फ्लाइट्स का नेटवर्क तैयार हो गया। बेंगलुरु का ‘ब्लॉकबस्टर’ डेब्यू, जयपुर रहा सुस्त इस सीजन की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ बेंगलुरु-जैसलमेर सीधी उड़ान रही। पहली बार शुरू हुए इस रूट ने विमानन कंपनियों को मालामाल कर दिया। आईटी सिटी के युवाओं और प्रोफेशनल्स ने वीकेंड टूरिज्म के लिए इस फ्लाइट को अपनी पहली पसंद बनाया, जिसके चलते यह रूट कभी खाली नहीं रहा। दिल्ली और मुंबई की उड़ानों ने भी अपनी साख बनाए रखी, हालांकि जयपुर के लिए रिस्पॉन्स उम्मीद से थोड़ा कम यानी सुस्त दर्ज किया गया। लोकल इकोनॉमी में आया ‘बूम’ हवाई कनेक्टिविटी का सीधा असर जैसलमेर की गलियों और बाजारों में देखने को मिला। फ्लाइट से आने वाले ‘हाई-एंड’ पर्यटकों ने स्थानीय होटलों, हैंडीक्राफ्ट शोरूम और ऊंट सफारी संचालकों के कारोबार को नई ऊंचाइयां दीं। समय की बचत होने के कारण सैलानियों ने शहर में ज्यादा समय बिताया और स्थानीय उत्पादों पर जमकर खर्च किया। अब अक्टूबर का इंतज़ार आज की आखिरी उड़ान के साथ ही सिविल एयरपोर्ट का कामकाज अब पूरी तरह से थम गया। एयरपोर्ट निदेशक अनिल जाजोरिया के अनुसार, इस बार का रिस्पॉन्स अभूतपूर्व रहा है। अब जैसलमेर को दोबारा हवाई नक्शे पर लौटने के लिए अक्टूबर 2026 के नए विंटर शेड्यूल का इंतज़ार करना होगा। तब तक के लिए रनवे पर केवल सन्नाटा और गर्मी की लहरें ही नजर आएंगी। इस सीजन के बड़े आंकड़े और उपलब्धियां यह सीजन जैसलमेर के एविएशन इतिहास के लिए “गोल्डन सीजन” रहा है। पहली बार आंकड़ों ने सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं: आज की अंतिम उड़ान: बेंगलुरु के लिए टेक-ऑफ आज शनिवार शाम 4:30 बजे जब बेंगलुरु के लिए फ्लाइट ने टेक-ऑफ किया, तो वह इस विंटर शेड्यूल की आखिरी आधिकारिक उड़ान बन गई। इस बार पहली बार शुरू हुई बेंगलुरु-जैसलमेर सीधी उड़ान सबसे सफल रही। आईटी प्रोफेशनल्स और युवाओं ने वीकेंड टूरिज्म के लिए इस रूट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया, जिसके चलते यह फ्लाइट लगभग हर दिन फुल रही। रूट वाइज रिपोर्ट कार्ड
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