HomeTop storiesऔरंगाबाद में इलाज के दौरान मरीज की मौत: निजी क्लिनिक का...
Advertising
<
औरंगाबाद में इलाज के दौरान मरीज की मौत: निजी क्लिनिक का झोलाछाप डॉक्टर फरार, छत्तीसगढ़ से 3 दिन पहले लौटे मजदूर को कराया था एडमिट – Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद में इलाज के दौरान मरीज की मौत: निजी क्लिनिक का झोलाछाप डॉक्टर फरार, छत्तीसगढ़ से 3 दिन पहले लौटे मजदूर को कराया था एडमिट – Aurangabad (Bihar) News h3>
औरंगाबाद के एक निजी क्लिनिक में मंगलवार को इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मामला कुटुंबा थाना क्षेत्र के कुटुंबा पूरब बाजार का है। जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने के बाद 48 साल के मरीज को इलाज के लिए प्राइवेट क्लिनिक में एडमिट कराया गया था। मृत मरीज के परिजन का आरोप है कि प्राइवेट क्लिनिक में झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहा था। उसके ओर से गलत दवा दिए जाने से मरीज की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद संचालक प्राइवेट क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। मृतक की पहचान गोवास गांव के रहने वाले सरजू पासवान के बेटे 48 साल के अशोक पासवान के रूप में की गई है। मृतक के बड़े भाई कृष्णा पासवान ने बताया कि सोमवार को अशोक की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे तेज बुखार था। मंगलवार की सुबह इलाज के लिए अशोक पासवान को ऑटो से कुटुंबा रेफरल अस्पताल के पास पहुंचाया गया, जहां से रेफर किए जाने पर पास में स्थित एक प्राइवेट क्लिनिक में एडमिट कराया गया। कृष्णा पासवान के मुताबिक, क्लिनिक में दवा दिए जाने के बाद अशोक घर लौट आया। घर आने के बाद अशोक की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई कृष्णा पासवान के मुताबिक, घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद अशोक की हालत और बिगड़ने लगी। उसकी सांस फूलने लगी और वो बेहोशी की हालत में चला गया। घबराए परिजन आनन-फानन में उसे कुटुंबा रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने निजी क्लिनिक संचालक पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। रेफरल अस्पताल के डॉक्टर बोले- मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी इधर, रेफरल अस्पताल में ओपीडी में तैनात डॉ. सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि जब अशोक को अस्पताल लाया गया था, तब उसकी सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही थी। प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। घटना की सूचना मिलते ही कुटुंबा थाना अध्यक्ष इमरान आलम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। आवेदन मिलने पर संबंधित निजी क्लिनिक संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 3 दिन पहले घर आया था अशोक परिजनों ने बताया कि अशोक पासवान छत्तीसगढ़ के जिंदल प्लांट में मजदूरी का काम करता था और 17 जनवरी को ही घर लौटा था। घर आने के बाद उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी। मंगलवार को अचानक तेज बुखार आने के बाद वह इलाज के लिए गया था, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी जान चली गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी जानकी देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। अशोक के दो बेटे और चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि मंझली बेटी की शादी की तैयारी को लेकर परिवार सोच-विचार कर रहा था। अस्पताल के आसपास अवैध निजी क्लिनिकों की भरमार कुटुंबा प्रखंड में बिना निबंधन के संचालित हो रहे निजी क्लिनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। रेफरल अस्पताल के आसपास भी नियमों को ताक पर रखकर कई निजी क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में किसी निजी क्लिनिक का संचालन प्रतिबंधित है। जिस क्लिनिक में अशोक पासवान का इलाज हुआ, वह रेफरल अस्पताल से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर सिंह ने बताया कि अवैध क्लिनिकों के खिलाफ विभागीय निर्देश के आलोक में समय-समय पर छापेमारी की जाती है। हालांकि, छापेमारी की सूचना मिलते ही निजी क्लिनिक संचालक बोर्ड हटाकर फरार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिकों के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – BiharNews