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इंदौर कलेक्टर ने जनसुनवाई में 237 शिकायतें सुनीं: कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया; पार्षद पति ने निर्माण कार्य में रुकावट डालने की शिकायत की – Indore News

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इंदौर कलेक्टर ने जनसुनवाई में 237 शिकायतें सुनीं:  कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया; पार्षद पति ने निर्माण कार्य में रुकावट डालने की शिकायत की – Indore News

इंदौर कलेक्टर ने जनसुनवाई में 237 शिकायतें सुनीं: कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया; पार्षद पति ने निर्माण कार्य में रुकावट डालने की शिकायत की – Indore News

इंदौर में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद लोगों की समस्याएं सुनी। साथ ही कई शिकायती आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। दीपावली के बाद पहला मंगलवार होने की वजह से जनसुन

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बाणगंगा क्षेत्र के वार्ड 18 के पार्षद पति विजय परिवार द्वारा एक आवेदन दिया गया, जिसमें बताया गया कि वार्ड में हरिजन आदिवासी और गारी समाज की दो धर्मशालाओं का निर्माण हो रहा है। धर्मशालाओं के निर्माण के लिए निगम द्वारा 85-85 लाख रुपए के दो टेंडर मंजूर किए गए हैं। इसके बावजूद कुछ उद्योगपतियों और अन्य लोगों ने आपत्ति लगाई, जिसके चलते जिला प्रशासन ने इस काम को रोक दिया। इस कार्य को पुनः प्रारंभ करवाने के लिए उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई।

मल्हारगंज में 17 अक्टूबर को हुई अंकित राठौर नामक युवक की हत्या के मामले को लेकर राठौर समाज के प्रति​​​​​​निधियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो समाज बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा।

अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायत

इसी कड़ी में सांवेर रोड स्थित कालिंदी गोल्ड सिटी के रहवासी और उपसरपंच ने गार्डन पर हो रहे अवैध निर्माण और कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कुछ लोग गार्डन पर अवैध कब्जा कर वहां पर निर्माण कर रहे हैं। हम लोगों ने जब वहां पर बात की तो लोगों का कहना था कि उनके पास निर्माण के पूरे कागजात हैं पर दिखा नहीं रहे हैं। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने की अपील की है।

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कलेक्टर ने बताया कि कुल 237 आवेदन मिले हैं। जिसमें से अधिकांश आवेदन, प्रापर्टी विवाद, भरण पोषण और आपसी लेन-देन के हैं। इसके अलावा लोगों ने शिक्षा और इलाज के लिए आर्थिक मदद के लिए भी आवेदन दिया है सभी आवेदनों की जांच के बाद उचित सहायता दी जा रही है। अधिकारियों को तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण करने का आदेश दिए हैं।

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