हो सकता है इंडस्ट्री ने सुशांत को नजरअंदाज किया हो- बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड पर बोले मधुर भंडारकर

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हो सकता है इंडस्ट्री ने सुशांत को नजरअंदाज किया हो- बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड पर बोले मधुर भंडारकर

हो सकता है इंडस्ट्री ने सुशांत को नजरअंदाज किया हो- बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड पर बोले मधुर भंडारकर

बीते कुछ साल में देश की जनता में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और इसके लोगों के प्रित काफी आक्रोश और गुस्सा देखने को मिला है। जैसे ही कोई भी हिंदी फिल्म अनाउंस होती है तो लोग हीरो-हीरोइन क्या पूरे बॉलीवुड को ही बायकॉट करने की मांग शुरू कर देते हैं। हालांकि बायकॉट का यह ट्रेंड कल्चर कोई नया नहीं है। लेकिन यह 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से कुछ ज्यादा तेज हो गया। ऐसा फिल्ममेकर मधुर भंडारकर का मानना है। उन्होंने कहा कि जून 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से जनता में बॉलीवुड और इसके लोगों को लेकर गुस्सा काफी ज्यादा बढ़ गया।

‘फैशन’, ‘चांदनी बार’, ‘पेज 3’ और ‘इंडिया लॉकडाउन’ जैसी फिल्में बनाने वाले Madhur Bhandarkar ने हाल ही मनीष पॉल के पॉडकास्ट शो में इस बारे में बात की। नैशनल अवॉर्ड और पद्म श्री से सम्मानित मधुर भंडारकर ने कहा कि बायकॉट ट्रेंड नया नहीं है, लेकिन कॉन्टेंट अच्छा है तो बायकॉट के बावजूद लोग सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाते हैं।


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बायकॉट के बावजूद देखते हैं फिल्म

मधुर भंडारकर ने कहा, ‘ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। जैसे ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के मामले में, लोगों ने इसे देखा और यह अच्छा रहा। मुझे लगता है कि बायकॉट कल्चर एक चरण है। अगर फिल्म अच्छी है और कॉन्टेंट दमदार है तो लोग जाकर देखेंगे। लोगों ने ‘कंतारा’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘भूल भुलैया 2′ देखी, ऐसा नहीं है कि लोग फिल्में देखने नहीं जाते हैं।’


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सुशांत की मौत के बाद से बढ़ा गुस्सा

मधुर भंडारकर ने कहा कि दर्शकों का एक छोटा वर्ग है, जो फिल्म का बायकॉट करता है। लेकिन हां उनकी अपनी राय है और वो इसके हकदार हैं। वह आगे बोले, ‘मैंने देखा है कि यह बायकॉट बड़े पैमाने पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हुआ। हो सकता है कि इंडस्ट्री ने उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया हो। वह नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से थे। वह आए और उन्होंने स्ट्रगल किया। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण था और असामयिक मौत थी। वहीं से जनता में गुस्सा और बढ़ गया। यह उनकी अपनी राय है।’

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जब मधुर ने अकेले लड़ी अपनी लड़ाई

मधुर भंडारकर ने फिर वह वक्त भी याद किया, जब बायकॉट ट्रेंड की शुरुआत से कुछ साल पहले उनकी फिल्म ‘इंदु सरकार’ को कुछ राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा। उनकी यह फिल्म इमर्जेंसी के दौर पर आधारित थी। मधुर भंडारकर के मुताबिक, तब फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी उनके साथ नहीं खड़ा हुआ। वह बोले, ‘मेरा कोई नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी मेरे साथ खड़ा नहीं हुआ। बहुत सारे लोग, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं, मेरी फिल्म पर संकट आने पर उनमें से किसी ने ट्वीट तक नहीं किया। मैं हमेशा दूसरे लोगों की फिल्मों के लिए खड़ा रहा हूं। मुझे बुरा लग रहा था, मैं एक अकेली लड़ाई लड़ रहा था।’

मधुर भंडारकर ने साल 2022 में ‘इंडिया लॉकडाउन’ के अलावा ‘बबली बाउंसर’ रिलीज की थी। फिलहाल उन्होंने अपना कोई नया प्रोजेक्ट या फिल्म अनाउंस नहीं की है।