सैटेलाइट से किसानों पर नजरः इधर नरवाई जलाई, उधर पहुंच गया जुर्माने का नोटिस | fire crops monitored by satellite | Patrika News

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सैटेलाइट से किसानों पर नजरः इधर नरवाई जलाई, उधर पहुंच गया जुर्माने का नोटिस | fire crops monitored by satellite | Patrika News

राजधानी भोपाल से पूरे प्रदेश की फसलों पर सैटेलाइट से रखी जा रही है नजर…। नरवाई जलाई तो सीधे भेजा जा रहा है नोटिस…।

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भोपाल

Updated: April 08, 2022 04:54:10 pm

भोपाल। गेहूं की कटाई के बाद किसानों को नरवाई में आग लगाना सिरदर्द बन रहा है। किसी भी कारण से खेत में लगी आग किसानों को भारी पड़ रही है। राजधानी भोपाल से ही सैटेलाइट से पूरे प्रदेश में नजर रखी जा रही है। जिस किसी किसान के खेत में नरवाई जलती हुई पाई गई, तत्काल ही उसे जुर्माने का नोटिस भेजा जा रहा है।

इधर, धार जिले के राजगढ़ और फूलगांवड़ी में यह पहला मामला है जब नरवाई जलाने के मामले में प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। क्षेत्र सहित पूरे जिले में अब तक 19 किसानों को नोटिस जारी किया जा चुका है। शासन ने नरवाई जलने वाले खेतों के मालिकों को फौजदारी 106, 117 के तहत अर्थदंड एवं कार्रवाई करने संबंधी नोटिस दिए हैं। क्षेत्र के किसान मुकेश पटेल और भेरूलाल का कहना है कि उन्हें तो नोटिस मिला तब पता चला कि उनके खेत की नरवाई जला दी गई है। किसानों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में बिजली फाल्ट होने पर नरवाई जलने की समस्या आ रही है।

ऐसे रखी जाती है नजर

राजधानी भोपाल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की क्रीम्स शाखा है। यहां सैटेलाइट से सर्वे कराया जा रहा है। इससे पता चल रहा है कि किस जिले में किसान किस क्षेत्र में नरवाई जला रहे हैं। नरवाई जलने की सूचना कृषि विभाग को भेजी जाती है। इसी प्रकार 19 किसानों की नरवाई जलाने की जानकारी राजगढ़ भेजी गई। स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी पटवारी एकत्र करता है।

ढाई हजार जुर्माना

नरवाई जलाने पर किसानों से अलग-अलग तरह से अर्थदंड वसूला जा रहा है। इसके तहत दो एकड़ तक खेत में नरवाई जलाने पर 2500 रुपए, दो से पांच एकड़ खेत में नरवाई जलाने पर पांच हजार रुपए और पांच एकड़ से अधिक खेत में नरवाई जलाने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना देना होता है।

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फारेस्ट में भी है यह सुविधा

प्रदेश के जंगल भी सैटेलाइट की नजर में हमेशा रहते हैं। कहीं भी आग लगने की घटना होने पर सैटेलाइट से वन विभाग के पास तुरंत मैसेज पहुंच जाता है। इससे टीम आग को काबू करने के उपायों में जुट जाती है। फायर मैप के जरिए 24 घंटे आग की घटनाओं को देखा जा सकता है। पहले कई बार जंगलों में आग लगने पर विभाग को जानकारी नहीं लग पाती थी, लेकिन कुछ सालों से सैटेलाइट सिस्टम को अपडेट किया गया है।

मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा अग्नि सचेतक संदेश एवं प्रबंध प्रणाली यानी फायर अलर्ट मैसेज एंड मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया है। जो सैटेलाइट से कनेक्ट होकर आग की जानकारी देता है। सैटेलाइट से तुरंत जानकारी अधिकारियों के पास मैसेज के जरिए पहुंच जाती है और टीम रोकथाम के उपायों में जुट जाती है। पहले जगंल में आग फैलने के बाद गांवों तक सूचना पहुंचती थी। वह भी देरी से आती थी। कई बार तो आधिकारियों तक जानकारी नहीं पहुंचती थी। इससे ज्यादा नुकसान और बड़ी घटनाएं होती थीं, लेकिन अब सैटेलाइट सिस्टम से यह काम तेजी से हो रहा है। सैटेलाइट तापमान को डिटेक्ट करता है।

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