‘सेक्स’ की लड़ाई से चीतों पर जीवन का संकट, 9 नर में सिर्फ 8 मादा ही बचीं

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‘सेक्स’ की लड़ाई से चीतों पर जीवन का संकट, 9 नर में सिर्फ 8 मादा ही बचीं

‘सेक्स’ की लड़ाई से चीतों पर जीवन का संकट, 9 नर में सिर्फ 8 मादा ही बचीं

भोपाल: भारत में साल 1952 से विलुप्त हुए चीतों को भारत में फिर से स्थापित करने के लिए शुरू हुआ प्रोजेक्ट चीता (Kuno national park project cheetah) संकट में है। 17 सितंबर 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता को शुरू किया। इसमें पिछले तीन महीने में तीन बड़े झटके लगे हैं। यहां दो मादा और एक नर चीता की मौत हो चुकी है। मौत के पहले दो कारण तो भले बीमारियों से जुड़े हों, लेकिन तीसरी मौत का कारण हिंसा होना पाया गया है। 9 मई को मादा चीता दक्षा की मौत ने नई बहस को जन्म दिया है।

सेक्‍स के दौरान हिंसक हो जाते है नर चीते

नेशनल पार्क में मंगलवार दोपहर 12 बजे दक्षा की दर्दनाक मौत हो गई। मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एवं मुख्य वन्य जीव संरक्षक जसवीर सिंह चौहान के अनुसार संभोग के दौरान हिंसा के कारण मादा चीता दक्षा की मौत हुई हो, ऐसा हो सकता है! चीता कंजर्वेशन फंड की एक रिपोर्ट के अनुसार वन्य प्राणी विशेषज्ञ बताते हैं कि सेक्स के दौरान अक्सर नर चीते हिंसक हो जाते हैं, इस दौरान वे अपनी साथी मादा चीता पर गंभीर हमला कर देते हैं। चीता कंजर्वेशन फंड की एक रिपोर्ट कहती है कि मादा चीता सिर्फ सेक्स के लिए ही नर चीते से मिलती है। सेक्स करने के बाद दोनों फिर से अलग-अलग हो जाते हैं। इस दौरान अगर बच्चे हैं तो उन्हें अपना ख्‍याल खुद रखना होता है। 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भागने वाली मादा चीता जब संभोग के लिए सक्रिय होती है तो वह परिवार से अलग हो जाती है।

वातावरण तो नहीं बना मौत की वजह

वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि मादा चीता के सेक्स पीरियड के बारे में पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है। यह अनियमित होता है। चीात के आसपास के वातावरण पर सेक्स की परिस्थिति निर्भर होती है। नर और उसके गंध के सहारे मादा करीब पहुंचती है। चीतों का सेक्स पीरियड 14 दिन तक चलता है और इस दौरान फीमेल कई नर चीतों के साथ संबंध बना सकती है। अधिक नर चीतों से घिरी होने के कारण मादा चीता पर हमले की आशंका बलवती हो जाती है। कूनो नेशनल पार्क में दक्षा पर हुए हमले के पीछे कहीं यह कारण तो नहीं कि नए वातावरण में वह सेक्स के लिए तैयार न रही हो और नर चीता से इसलिए उसका संघर्ष हुआ हो।

सेक्स के लिए प्रबंधन ने बनाई थी योजना

30 अप्रैल को कूनो नेशनल पार्क में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इसमें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के महानिरीक्षक डॉ. अमित मल्लिक, भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. कमर कुरैशी, दक्षिण अफ्रीका से आए प्रोफेसर एड्रियन टॉड्रिक और चीता मेटा पापुलेशन इनीशिएटिव के विसेंट वेन डर मार्व शामिल हुए थे। इन सभी ने निर्णय लिया था कि दक्षिण अफ्रीका से आए नर चीता कोयलिशन अग्नि और वायु को मादा दक्षा के साथ सेक्स के लिए मिलाने का फैसला लिया गया।

7 नंबर बाड़ा और 1 नंबर बाड़ा के बीच बने गेट को 1 मई को खोल दिया गया। 6 मई को 7 नंबर बाड़े से निकलकर कोयिलिशन 1 नंबर बाड़ा में पहुंचा। संभवतः इसी दौरान कोयलिशन और दक्षा के बीच सेक्स की गतिविधि हुई। इसी दौरान नर चीता हिंसक हो गया और अपनी साथी मादा दक्षा पर हमला कर दिया। इसी हमले में दक्षा बुरी तरह घायल हो गई।

अब नर और मादा की संख्या बराबर हुई

आपको बता दें कि प्रोजेक्ट चीता के तहत पहली बार 17 सितंबर 2022 नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनों में छोड़ा था। इनमें, 5 मादा और 3 नर चीते थे। वहीं, दूसरे चरण में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए, जिसमें 5 मादा और 7 नर थे। यहां कुल 20 चीते छोड़े गए थे। अब जबकि 3 चीतों की मौत हो चुकी है। एक मादा साशा की मौत किडनी की बीमारी से हुई है, वहीं, दूसरे नर उदय ने हार्ट अटैक के कारण दम तोड़ा था, लेकिन 9 मई को मादा दक्षा की मौत सेक्स के दौरान हिंसा के कारण हुई है। अब कूनो में 17 चीते बचे हैं, जिनमें से 8 मादा और 9 पुरूष हैं।

4 शावकों का हो चुका है जन्‍म

भले ही कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों की मौत हो गई हो, लेकिन 30 मार्च को नामीबिया से आई चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया है। सभी शावकों की स्थिति अभी स्वस्थ बताई जा रही है।

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रिपोर्ट: दीपक राय

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