सीएम से मिलने आए पीएम और वे करवट बदलकर सो गए, अपने काम से ज्यादा नींद को लेकर चर्चा में रहे मध्य प्रदेश के ये मुख्यमंत्री

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सीएम से मिलने आए पीएम और वे करवट बदलकर सो गए, अपने काम से ज्यादा नींद को लेकर चर्चा में रहे मध्य प्रदेश के ये मुख्यमंत्री

भोपाल: मध्य प्रदेश के नौवें मुख्यमंत्री कैलाश जोशी (Ex MP CM Kailash Josh) करीब सात महीने ही इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी ऐसी कोई उपलब्धि भी नहीं रही जिसकी चर्चा हो। ज्यादा चर्चा उनकी रहस्यमय बीमारी (Kailash Joshi Mysterious Disease) को लेकर होती है जिसके चलते उनका अधिकांश समय बिस्तर पर ही बीतता था। वे अर्धचेतन की अवस्था में कई घंटे तक पड़े रहते। उन्हें इसका आभास भी नहीं होता था कि उनके आसपास क्या हो रहा है। खुद जोशी का मानना था कि उनके ऊपर कोई टोटका किया गया। आश्चर्य तो यह है कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद वे कई साल तक राजनीति में सक्रिय रहे। लोकसभा और राज्यसभा के सांसद रहे, लेकिन सोने की ऐसी गंभीर बीमारी कभी नहीं रही।

कैलाश जोशी जनसंघ के जमाने के सीधे, सरल और कड़क मिजाज राजनीतिज्ञ थे। 48 साल की उम्र मुख्यमंत्री बनने के लिहाज से युवा ही मानी जाएगी, लेकिन अपने पूरे कार्यकाल में वे इस रहस्यमय बीमारी से जूझते रहे। जोशी की हालत ऐसी हो जाती थी कि वे घर से एयरपोर्ट के लिए निकलते थे, लेकिन रास्ते में उन्हें इतनी तेज नींद (Kailash Joshi Sleeping Disorder) आती थी कि लौटकर सो जाते थे। ऐसा भी नहीं कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासन में कोई ढीलापन रहा हो। सारे प्रशासनिक काम नियमित रूप से होते थे। ये कैसे संभव होता था, यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है।

कैलाश जोशी की इस बीमारी की चर्चा दिल्ली तक में होती थी। एक बार उन्हें देखने तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई भोपाल आए। देसाई जब सीएम हाउस में पहुंचे तो जोशी अपनी बिस्तर से उठ तक नहीं पाए। उन्हें लोगों ने जगाने की कोशिश की और प्रधानमंत्री के आने के बारे में बताया। जोशी नींद में ही हूं-हां करके करवट बदलकर सो गए।

एक वरिष्ठ पत्रकार ने जोशी के मुख्यमंत्री रहते ही उनसे इस बारे में सवाल किया था। जवाब में जोशी ने स्पष्ट कहा कि उनके ऊपर कोई टोटका किया गया था। इसके पीछे कौन हो सकता है, इसका कोई जवाब उन्होंने नहीं दिया था। इसी पत्रकार ने अपनी किताब में लिखा है कि उस समय पूरे प्रदेश में उनकी बीमारी को लेकर चर्चा चल पड़ी थी। लोग इसके पीछे उनके कुछ निकट सहयोगियों की साजिश का भी आरोप लगाते थे।

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समाजवादी नेता और कैलाश जोशी के करीबियों में शामिल रहे रघु ठाकुर ने कई साल बाद इसके लिए बीजेपी के ही एक वरिष्ठ नेता का नाम लिया था। ठाकुर ने किसी तांत्रिक टोटके से इनकार करते हुए कहा था कि इस नेता को देखकर ही जोशी बीमार हो जाते थे। उन्होंने अपने सामने हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि कैलाश जोशी किसी के साथ बातचीत कर रहे थे। तभी वह नेता वहां आ गए। उन्हें देखते ही जोशी भरी गर्मी में रजाई तानकर सो गए।

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कैलाश जोशी का शासनकाल एक और कारण से भी चर्चा में रहा। एक सुबह इलाहाबाद से एक महिला अचानक भोपाल आई और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री की पत्नी होने का दावा किया। महिला ने पत्रकारों के सामने रो-रोकर दावा किया कि कैलाश जोशी ने उससे शादी की है और वही उसके पति हैं। हालांकि, महिला के इस दावे को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। सबने इसे राजनीतिक स्टंट माना, लेकिन जोशी इससे भी काफी परेशान हो गए थे। इसके कुछ सप्ताह बाद ही मुख्यमंत्री की कुर्सी भी उनसे छिन गई।



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