सबसे ज्यादा मारे जा रहे मुसलमान पर कर रहे संघर्ष और कश्मीर छोड़ भाग रहा कश्मीरी पंडित, अबु आजमी का विवादित बयान

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सबसे ज्यादा मारे जा रहे मुसलमान पर कर रहे संघर्ष और कश्मीर छोड़ भाग रहा कश्मीरी पंडित, अबु आजमी का विवादित बयान

सबसे ज्यादा मारे जा रहे मुसलमान पर कर रहे संघर्ष और कश्मीर छोड़ भाग रहा कश्मीरी पंडित, अबु आजमी का विवादित बयान


मुंबई: महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी (Abu Asim Azmi) ने कश्मीरी पंडितों को लेकर फिर से एक विवादित बयान दिया है। अबू आसिम आजमी ने एक आरटीआई का हवाला देते हुए यह कहा कि बीते 30 सालों में जब से कश्मीर में मिलिटेंसी बढ़ी है। तब से सिर्फ 89 कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई है। उनसे ज्यादा मुसलमानों और सिख भाइयों की हत्या हुई है। मुसलमान आज भी कश्मीर में मौजूद है और वहीं संघर्ष कर रहे हैं। कश्मीर से भागने वाले लोगों में ज्यादातर पंडित हैं। आजमी ने कहा कि पिछले साल रिलीज हुई कश्मीर फाइल्स फिल्म (Kashmir Files Film) पूरी तरह से गलत थी। उसका मकसद सिर्फ हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच में दुश्मनी बढ़ाना था। आजमी ने यह भी कहा कि आरटीआई एक सरकारी दस्तावेज है। जिसे कोई विधायक या आम इंसान नहीं बनाता है। यह तो सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। अगर इस आरटीआई के आंकड़ों पर ध्यान दें तो यह पता चलता है कि मिलिटेंसी बढ़ने के बाद तीस सालों में कुछ सत्रह सौ या अठारह सौ लोग मारे गए हैं। जिसमें से सिर्फ 89 कश्मीरी पंडित (Kashmiri Pandit) हैं। सबसे ज्यादा मुसलमान मारे गए हैं और थोड़े से सिख भाई।

देश में संविधान खत्म हो चुका है क्या?
बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर अबू आसिम आजमी ने कहा कि लोग इस डॉक्यूमेंटरी को देखना चाहते हैं लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें रोका जा रहा है। कहा जा रहा है कि इससे कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। आजमी ने पूछा कि क्या इस देश के संविधान खत्म हो चुका है। आजमी ने कहा कि बीबीसी द्वारा 2002 के दंगों पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री को अब टीआईएसएस (टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) के छात्रों को देखने से रोका जा रहा है। लॉ एंड ऑर्डर का हवाला दिया जा रहा है। जेएनयू में भी इस तरह का प्रयास और लड़ाई झगड़ा हो चुका है। आजमी ने यह भी कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरी दुनिया में नाम है, उनका अपना रुतबा है। ऐसे में अगर यह डॉक्यूमेंट्री गलत है तो इस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।

देश में कानून नाम की चीज नहीं है?
कश्मीर फाइल्स फ़िल्म पर सवाल उठाते हुए अबू आसिम आजमी ने कहा कि यह वह पहली फिल्म थी। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमोट किया था। आज तक देश के किसी प्रधानमंत्री ने किसी फिल्म को प्रमोट नहीं किया है। उस फिल्म में ऐसा दिखाया गया कि वहां के मुसलमानों ने कश्मीरी पंडितों पर काफी जुल्म किया। जिसकी वजह से उन्हें कश्मीर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इस फिल्म को दिखाने के लिए थियेटर फ्री कर दिए गए। सड़कों पर चारों तरफ पर्दा लगाकर फिल्म दिखाई जा रही थी। यह सब कुछ सिर्फ और सिर्फ हिंदुओं और मुसलमानों के बीच में दरार पैदा करने की एक कोशिश थी। ताकि लोग यह जान सकें कि कश्मीर में मुसलमानों ने पंडितों के साथ कितना बुरा व्यवहार किया लेकिन आरटीआई द्वारा जो जानकारी सामने आई है। उसने बीजेपी सरकार और कश्मीर फाइल्स की पोल खोल कर रख दी है।

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