संजय राउत की लेखनी डंक मारती है, मुंह बंद कर दो… ED के ऐक्शन पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का निशाना

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संजय राउत की लेखनी डंक मारती है, मुंह बंद कर दो… ED के ऐक्शन पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत का निशाना

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले में शिवसेना के नेता एवं सांसद संजय राउत के मुंबई स्थित आवास पर रविवार को छापा मारा। इससे पहले, ईडी ने राउत के खिलाफ कई समन जारी किए थे। उन्हें 27 जुलाई को भी तलब किया गया था। ईडी की कार्रवाई पर महाराष्ट्र की सियासत तेज हो गई है। शिवसेना जहां इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बता रही है तो वहीं बीजेपी ने कहा कि ईडी, सीबीआई स्वतंत्र एजेंसियां हैं, बीजेपी के कहने पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि अगर संजय राउत ने कुछ गलत नहीं किया तो डर क्यों रहे हैं।

संजय राउत के घर छापेमारी पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि संजय राउत की वाणी और लेखनी दोनों डंक मारती हैं इसलिए उनसे वे (भाजपा) परेशान हैं… जो विपक्ष में बात करेगा उसका मुंह बंद करो, धुलाई मशीन खाली है। जितने लोग आपके पास आए हैं उन लोगों पर आपने (भाजपा ने) ही ED के इल्जाम लगाए थे, उसका क्या हुआ?

‘सिर्फ महाराष्ट्र में ही भ्रष्टाचारी?’
अरविंद सावंत ने सवाल उठाया कि सिर्फ महाराष्ट्र में ही भ्रष्टाचारी लोग हैं, और राज्यों में नहीं है? खुद राज्यपाल जी कहते हैं कि अगर मुंबई से गुजराती और मारवाड़ी निकल जाएंगे तो इसकी आर्थिक राजधानी का स्तर चला जाएगा। इसका मतलब पैसे वाले कौन हैं और छापेमारी किस पर हो रही है? यह भाजपा करा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल 28 जून को संजय राउत को 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की पूछताछ के लिए तलब किया था। संजय राउत ने मॉनसून सत्र के चलते जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया था। एजेंसी ने शिवसेना सांसद को कारण बताते हुए उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। बाद में वह ईडी कार्यालय पहुंचे।

ईडी, जिसने डीएचएफएल-यस बैंक मामले में पुणे के व्यवसायी अविनाश भोसले को पहले हिरासत में लिया था, सूत्रों के अनुसार, इस मामले में भी राउत से पूछताछ करना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि ईडी का पात्रा चॉल मामला भी डीएचएफएल मामले से जुड़ा है।

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संजय राउत के करीबियों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
अप्रैल में, ईडी ने इस जांच के तहत राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। कुर्क की गई संपत्तियां संजय राउत के सहयोगी और गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक प्रवीण एम राउत के पास पालघर, सफले (पालघर में शहर) और पड़घा (ठाणे जिले में) के पास जमीन थी।

ईडी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के उपनगर दादर में वर्षा राउत का एक फ्लैट और अलीबाग में किहिम बीच पर आठ प्लॉट शामिल हैं, जो संयुक्त रूप से वर्षा राउत और सुजीत पाटकर की पत्नी स्वप्ना पाटकर के पास हैं। ईडी के मुताबिक, सुजीत पाटकर संजय राउत का करीबी सहयोगी है।

एक दिन पहले ही शिवसेना सांसद संजय राउत की कथित ऑडियो क्लिप को लेकर महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। पात्रा चॉल भूमि घोटाले के मामले में गिरफ्तार सुजीत पाटकर की पत्नी सपना पाटकर ने राउत के खिलाफ शिकायत की थी। सपना का आरोप है कि संजय राउत ने उनके साथ गाली गलौज की थी। साथ ही रेप और जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में बीजेपी नेता किरीट सौमेया ने भी शिकायत दी थी। बीजेपी नेता किरीट सौमेया ने बताया, ‘पुलिस ने मुझे सूचित किया कि वकोला पुलिस थाने ने आईपीसी की धारा 507 के तहत जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि बयान दर्ज होने के बाद इसे एफआईआर में तब्दील किया जाएगा।’

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