विधानसभा में विधायकों का निलंबन रद्द हुआ तो टूटा गतिरोध और दो घंटे बाद फिर बिगड़ गई बात | REET cbi inquiry demand bjp | Patrika News

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विधानसभा में विधायकों का निलंबन रद्द हुआ तो टूटा गतिरोध और दो घंटे बाद फिर बिगड़ गई बात | REET cbi inquiry demand bjp | Patrika News

राज्य विधानसभा में आज कई दिनों से पक्ष विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध टूटा।

जयपुर

Published: February 14, 2022 07:19:09 pm

जयपुर। राज्य विधानसभा में आज कई दिनों से पक्ष विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध टूटा। सत्ता पक्ष ने भाजपा के चार विधायकों के निलंबन रद् करने का प्रस्ताव रखा और ये विधायक सदन में आए। इसके लिए लंबे अर्से बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही को भी स्थगित कर दिया गया। रीट मामले को 2 घंटे से ज्यादा बहस हुई लेकिन बाद में जब संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल का जवाब आया और सीबीआई की जांच से इन्कार कर दिया इससे विपक्ष ने भारी हंगामा कर दिया। कुछ देर सदन में हंगामे के बीच ही सदन चला और फिर बाद में भाजपा विधायक पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए।

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Rajasthan Assembly

इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हमारे चार सदस्यों के निलंबन को रद् किया जाए इसके बाद ही हम सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे। इसके बाद स्पीकर सीपी जोशी ने भी सत्ता पक्ष से अपनी बात रखने को कहा। संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव तो ले आएंगे लेकिन कुछ सदस्य बार बार सदन का माहौल खराब करते है। इसके बाद धारीवाल ने चारों विधायकों के निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव सदन में रख दिया। इसके बाद स्पीकर सीपी जोशी ने 11:30 बजे तक कार्यवाही को स्थगित कर दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही दुबारा शुरू हुई और रीट पर चर्चा शुरू हो गई।नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि रीट को लेकर युवाओं का सपना टूट रहा है। मामले की जांच जरूरी है। सीबीआई से ही कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि किस कोचिंग से कितने बच्चे पास हुए, उसका मिलान करना जरूरी है। आप अगर ईमानदारी से पिछली भर्तियों की जांच करोगे तो 25 से 30 फीसदी ऐसे मिलेंगे, जिन्होंने गलत तरीके अपनाकर या नकल करके नौकरी पाई है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्टडी सर्कल के जरिए पूरा बंटाधार हुआ। 2012 में टेट हुई, तब आज के तकनीकी शिक्षा मंत्री सुभाष गर्ग बोर्ड के अध्यक्ष थे। उस समय नरेंद्र तंवर जो गर्ग का खास था, उसके घर छापा पड़ा तो 50 करोड़ की एफडी मिली थी। एक जीके माथुर भी पकड़े गए थे। ये सारे लोग गर्ग के खास थे। उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी सरकार को इस मामले में निशाने पर लिया।
इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सीबीआई जांच की मांग ठुकराते हुए इस जांच एजेंसी पर ही कई नेताओं की ओर से सवाल खड़े करने के उदाहरण गिना दिए। उन्होंने निम्बाराम के बहाने संघ पर आरोप लगाए तो बीजेपी विधायकों ने आपत्ति की। धारीवाल के जवाब के बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री मिसलीड कर रहे हैं। बाद में नाराज भाजपा विधायकों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। धारीवाल ने कहा कि बीजेपी राज में संघ और बीजेपी के संगठनों के रिटायर्ड लोगों को डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर लगाया जाता था। प्राइवेट कॉलेज में काम करने वाले डॉ. एसएन नाथावत को रीट परीक्षा में जिला कॉर्डिनरेटर बनाया था। पाराशर जैसे व्यक्ति को हमने को-ऑर्डिनेटर लगा दिया, जिसकी वजह से हमें नीचे देखना पड़ रहा है। एक व्यक्ति की वजह से पूरे संगठन को बदनाम नहीं कर सकते। इसके बाद भाजपा सदस्यों ने सदन में धारीवाल के जवाब को गोलमोल बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और बाद में पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

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