रिश्तों से बगावत, दोस्ती से ‘धोखा’… जानें सभी दलों में रहकर अब BJP में जाने वाले मनप्रीत बादल की पूरी कहानी

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रिश्तों से बगावत, दोस्ती से ‘धोखा’… जानें सभी दलों में रहकर अब BJP में जाने वाले मनप्रीत बादल की पूरी कहानी

रिश्तों से बगावत, दोस्ती से ‘धोखा’… जानें सभी दलों में रहकर अब BJP में जाने वाले मनप्रीत बादल की पूरी कहानी


चंडीगढ़: पंजाब में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा निकल नहीं पाई की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यहां पर पार्टी की वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह बादल ने कांग्रेस छोड़ दी है। यह पहली बार नहीं है जब मनप्रीत सिंह बादल ने किसी पार्टी को छोड़ा है। इससे पहले भी वह कई पार्टियां बदल चुके हैं। मनप्रीत बादल, प्रकाश सिंह बादल के भतीजे और सुखबीर बादल के चचेरे भाई हैं। 2016 में उन्होंने बादल परिवार के खिलाफ कांग्रेस से हाथ मिला लिया था। मनप्रीत सिंह लेफ्ट के साथ भी रहे। अपनी पार्टी बनाई और फिर एसएडी के साथ ही कांग्रेस में भी रहे और अब वह बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल भी विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर आ गए हैं। मनप्रीत पर गेहूं और धान ढुलाई में फर्जी कंपनियां बना सरकारी खजाने को लूटने का आरोप है। यह आरोप बठिंडा के पूर्व विधायक भाजपा नेता सरूप चंद सिंगला ने लगाए थे। कहा जा रहा है कि जांच और कार्रवाई से बचने के लिए वह बीजेपी की शरण में जा रहे हैं।

भगवंत मान को राजनीति में लाए थे मनप्रीत

खास बात यह है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनप्रीत सिंह कभी दोस्त हुआ करते थे। दोनों के रिश्ते बहुत अच्छे थे। यहां तक की भगवंत मान को राजनीति में लाने वाले मनप्रीत बादल ही थे। भगवंत मान को पहली बार चुनाव मनप्रीत ने ही लड़ाया था। उन्होंने भगवंत मान को अपनी पार्टी पीडीपी से टिकट दिया था।

भारत जोड़ो यात्रा में नहीं हुए थे शामिल

राहुल गांधी की यात्रा में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे लेकिन मनप्रीत सिंह शामिल नहीं हुए थे। पूरे पंजाब के नेता थे लेकिन मनप्रीत के न पहुंचने पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। यह बात सामने आई कि मनप्रीत बादल और पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के बीच खटपट है। हालांकि यह भी कहा गया कि उन्हें इस भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होना चाहिए था क्योंकि किसी नेता से मतभेद अलग बात है।

सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री रहे मनप्रीत सिंह

मनप्रीत सिंह बादल का जन्म 26 जुलाई 1962 को हुआ था। उनकी पढ़ाई दून स्कूल से हुई। उसके बाद मनप्रीत ने दिल्ली के सेंट स्टीफन से पढ़ाई की। वह 1995 से 2012 तक पंजाब विधान सभा के सदस्य रहे और उन्होंने 2007 से 2010 तक प्रकाश सिंह बादल की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया है। बादल सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत सिंह पंजाब के सबसे कम उम्र के विधायक भी रहे हैं। इसके अलावा उनके नाम पर पंजाब का सबसे कम उम्र का वित्त मंत्री रहने का भी खिताब है।

33 साल की उम्र में जीते थे पहला चुनाव

मनप्रीत सिंह बादल ने 1995 में पहली बार चुनाव लड़ा। तब वह 33 साल के थे। वह गिद्दड़बाहा से यह उपचुनाव जीते थे। तब पंजाब में बेअंत सिंह की सरकार थी। उसके बाद मनप्रीत 1997, 2002 और 2007 में भी गिद्दड़बाहा विधानसभा से लगातार विधायक बने।

सुखबीर सिंह बादल से मनमुटाव
मनप्रीत बादल 2007 की बादल सरकार में वित्तमंत्री रहे। तब वह सरकार में सीएम के बाद दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे। प्रकाश सिंह बादल के बाद वह खुद के पंजाब के सीएम का दावेदार मान रहे थे। लेकिन अकाली दल की कमान सुखबीर बादल के हाथ में जाने की भनक लगी और उन दोनों के बीच मनमुटाव होने लगे।

भाभी के खिलाफ हारे थे चुनाव
मन्रप्रीत सिंह बादल का उपमुख्‍यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से विवाद बढ़ने लगा और उन्होंने इसी कारण अकाली दल छोड़ा। साल 2010 में आपसी मतभेद के बाद मनप्रीत का रास्ता अकाली सरकार से अलग हो गया था। उन्होंने 2012 में लेफ्ट के साथ मिलकर पंजाब में अपनी नई पार्टी पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब बना डाली थी। वह अपनी पार्टी के सिंबल पर ही 2012 का विधानसभा चुनाव लड़े। मनप्रीत 2014 में कांग्रेस के सिंबल पर बठिंडा से चुनाव लड़े थे। उनकी खूब चर्चा हुई थी क्योंकि यह चुनाव वह अपनी भाभी और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के खिलाफ लड़ रहे थे। हालांकि वह इस चुनाव में हार गए।

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