राजस्थान: 18 साल से चल रहे अवैध खनन की आग साधु के बलिदान से बुझी, जानिए भरतपुर में क्या है इसका सच

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राजस्थान: 18 साल से चल रहे अवैध खनन की आग साधु के बलिदान से बुझी, जानिए भरतपुर में क्या है इसका सच

जयपुर:भरतपुर के ब्रज क्षेत्र में चल रहा अवैध खनन कोई नया मामला नहीं है। कनकाचल और आदिबद्री पहाड़ों को खनन से बचाने के लिए 18 साल पहले शुरू हुए आंदोलन की आग बाबा विजयदास के बलिदान से बुझी। 551 दिन से चल रहे वर्तमान आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को जो हुआ, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।

मीडिया रिपोटर्स के अनुसार वैध की आड़ में अवैध खनन यहां कई सालों से होता आ रहा है। राज्य सरकार की ओर से खनन क्षेत्र को लीज पर दिया जाता है। लीज होल्डर लाइसेंस की आड़ में अवैध खनन करते हैं। अवैध खनन के खिलाफ सैंकड़ों शिकायतें और दर्जनों बार हाईकोर्ट में याचिकाएं लग चुकी है। अवैध खनन के एक प्रकरण की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट यह भी टिप्पणी भी कर चुका है कि ब्रज क्षेत्र के पहाड़ गायब कैसे हो गए, क्या उन्हें हनुमानजी उठा कर ले गए। अवैध खनन के खिलाफ आन्दोलन भी कई बार हो चुके हैं। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन को बंद भी करवा दिया गया था लेकिन प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध खनन फिर से शुरू हो गया था।

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दो महीने पहले भरतपुर सांसद रंजीता कोली पर हो चुका हमला
अवैध खनन को रुकवाने के लिए दो महीने पहले भरतपुर सांसद रंजीता कोली पुलिस टीम के साथ दबिश देने गई। अवैध खनन करने वाले माफियाओं ने ऐसा दुस्साहस दिखाया कि सांसद रंजीता कोली और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। माफियाओं ने फायरिंग भी की। हमला करने पर सांसद और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। बाद में पुलिस के भारी जाब्ता मौके पर पहुंचा। तब तक अवैध खनन करने वाले मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके फोरी तौर पर कार्रवाई भी की लेकिन अवैध खनन बदस्तूर जारी रहा।

भरतपुर में 642 वैध खदाने हैं, इन्हीं की आड़ में होता है अवैध खनन
भरतपुर जिले में कुल 642 वैध खदाने हैं जिन्हें सरकार ने लीज पर दे रखा है। लीज होल्डर इन्हीं वैध खदानों की आड़ में अवैध खनन करते हैं। कामां, पहाड़ी, रूपावास, रूदावल, बयाना और बंशीपहाड़पुर क्षेत्र में दिन रात अवैध खनन चलता रहता है। पहाड़ी क्षेत्र में दर्जनों क्रेशर मशीने दिन रात पहाड़ तोड़ती रहती है और सैंकड़ों की संख्या में डंपर भरकर ले जाए जाते हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि समय समय पर अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाते हैं। आन्दोलन भी करते हैं। इस दौरान खान विभाग और पुलिस मुकदमें दर्ज करके औपचारित कार्रवाई करते हैं। सख्त कार्रवाई के अभाव में अवैध खनन पर पूर्ण रोक नहीं लगाई जा सकी।

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अवैध खनन क्षेत्र में माफियाओं ने बना रखी है चौकियां
अवैध खनन पूरी तरह से गुंडागर्दी से चलता है। पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की ओर जाने वाले रास्तों पर माफियाओं ने चौकियां बना रखी है। इन चौकियों में माफियाओं के गुंडे बैठे रहते हैं। बाहरी व्यक्ति को इस इलाके में आने पर पाबंदी है। अवैध खनन के खिलाफ कोई आवाज उठाता है या उस क्षेत्र में जाने की गुस्ताखी करता है तो माफियाओं के गुंडे हमला कर देते हैं। खनन क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्तों पर माफियाओं ने बाकायदा सीसीटीवी कैमरे भी लगा रखे हैं। इन सीसीटीवी कैमरों के जरिए बाहरी लोगों पर निगाह रखी जाती है।

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अधिकतर वैध खानें हैं राजनेताओं की
भरतपुर जिले में जितनी भी वैध खानें हैं उनमें से अधिकतर खानें राजनेताओं की है। इनमें विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, मंत्री और पूर्व मंत्री शामिल है। कहने को तो ये खनन वैध रूप से होता है लेकिन इसी वैध की आड़ में अवैध खनन किया जाता है। अवैध खनन में प्रशासन की मिलीभगत से अवैध खनन होता है। यह अवैध खनन राजनेताओं के संरक्षण में होने के कारण भी सरकार इस पर सख्त एक्शन नहीं ले पाती है।

कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने खान मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
अवैध खनन के खिलाफ कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुदनपुर कई बार आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने अवैध खनन के लिए खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को जिम्मेदार ठहराया है। भरत सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र् भेजा है जिसमें उन्होंने खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को तत्काल रूप से बर्खास्त करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कांग्रेस विधायक ने लिखा कि प्रदेश का सबसे बड़ा खनन माफिया तो प्रदेश का खनीज मंत्री है।
रिपोर्ट:रामस्वरूप लामरोड़

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