राजस्थान में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान: माधु भील को किया समाज से बाहर,लगाया 11000 का जुर्माना, जानें पूरा मामला

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राजस्थान में खाप पंचायत का तुगलकी फरमान: माधु भील को किया समाज से बाहर,लगाया 11000 का जुर्माना, जानें पूरा मामला

भीलवाड़ा : देश भले ही संविधान के अनुसार चलता हो, लेकिन इक्कीसवी सदी आज भी ऐसा समाज भी है, जहां पंच अपना तुगलकी फरमान सुनाते हैं, जिसे पूरे गांव को मानना होता है। भीलवाड़ा से ऐसे ही फरमान की खबर मिली है। यहां खाप पंचायत ने गंगापुर उपखंड के सहाड़ा में एक शख्स के खिलाफ तुगलकी आदेश जारी कर दिया। दरअसल सहाडा चौराहा पर रहने वाले माधव लाल भील ने बग्गा भील से साल 2018 में कुछ रुपए उधार लिए थे। इसी बात को लेकर समाज के पंचों ने खाप पंचायत बुलाकर सरेआम ऐसा फरमान सुना दिया, जिसकी कल्पना भी पीड़ित परिवार ने नहीं की थी।

पीड़ित परिवार पर ₹11000 का जुर्माना भी लगाया
खाप पंचायत ने माधु भील को जाति समाज से बहिष्कृत करते हुए परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया है।साथ ही पीड़ित परिवार पर ₹11000 का जुर्माना भी पंचों ने अपने फैसले में लगा दिया। इतना ही नहीं, यह भी कह दिया कि समाज का कोई भी व्यक्ति इस परिवार से संबंध नहीं रखेगा। माधु भील के परिवार पर रिश्तेदारी और समाज में आने जाने पर पूरी पाबंदी रहेगी। परिवार गांव के पनघट से पीने का पानी भी नहीं भर सकेगा। समाज का कोई भी व्यक्ति माधु लाल से बातचीत करेगा या उससे संबंध रखेगा उसे भी समाज से बाहर कर जुर्माना लगाया जाएगा।

बड़ी बात यह है कि पंचों ने पीड़ित माधु को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया। खाप पंचायत के इस तुगलकी फरमान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

पीड़ित माधुलाल ने बताया कि वह गंगापुर पुलिस थाने गया, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। माधुलाल ने बताया कि उसे समझौता करने के लिए दबाव बनाया गया ।इसके बाद उसने न्यायालय के माध्यम से इस्तगासा पेश कर समाज के 22 पंचों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश प्राप्त किया है।

पीड़ित ने बताया अपना पक्ष
पीड़ित माधुलाल ने कहा कि मैं सरकारी कर्मचारी हूं। तहसीलदार की गाड़ी चलाता हूं। जरूरत होने पर साल 2018 में भग्गा भील से कुछ रुपए उधार लिए थे। साल 2019 में कुछ रुपए चुका दिए थे ,बाकी के रुपए के लिए वह मुझ पर दबाव बना रहा था। उसने पंचों की बैठक बुलाई ।मुझे भी कुछ लोग सूचना देने आए थे, मगर मैं जब तक वहां पहुंचा तब तक पंच अपना फैसला सुना चुके थे। इस खाप पंचायत में 8 गांव के पंच शामिल हुए थे।

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पुलिस अधिकारी ने कहा- मामला दर्ज, जांच कर रहे हैं….
गंगापुर पुलिस उप अधीक्षक गोपी चंद मीणा ने कहा कि माननीय न्यायालय से इस्तगासा प्राप्त हुआ है। माधु भील कि विरोधी पार्टी से उसका कुछ लेनदेन का मैटर था। भील समाज के कुछ लोग इकट्ठा हो गए, उन्होंने माधु के खिलाफ जाती से बहिष्कृत करने की बात कही गई है ।एफआईआर दर्ज कर ली गई है अनुसंधान किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है की पीड़ित माधु भील गंगापुर के तहसीलदार और कार्यपालक मजिस्ट्रेट की गाड़ी का ड्राइवर है ।उसे भी पुलिस में एफआरदर्ज करवाने के लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा तो आम आदमी के खिलाफ ये खाप पंचायतें कैसा सलूक करती होगी।

( रिपोर्ट-प्रमोद तिवारी )

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