राजस्थान के दरवाजे पर खड़े 6 लाख रोजगार, जानिए कैसे देगी सरकार | costly electricity would be problem of future employment in rajasthan | Patrika News

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राजस्थान के दरवाजे पर खड़े 6 लाख रोजगार, जानिए कैसे देगी सरकार | costly electricity would be problem of future employment in rajasthan | Patrika News

निवेश के जरिए नौकरियों के बीच खड़ी यह बड़ी बाधा

 

जयपुर

Published: February 13, 2022 07:20:40 pm

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पंकज चतुर्वेदी जयपुर. राजस्थान समेत पूरे देश में मुद्दा बन चुके रोजगार के लिए राज्य सरकार अनुमान हमारे मौजूदा बुनियादी सुविधाओं के ढ़ांचे में लटकते नजर आ रहे हैं। इन्वेस्ट राजस्थान समि ट से पहले प्रदेश में मिले निवेश प्रस्तावों के दम सरकार ने छह लाख नए रोजगार पैदा होने का अनुमान तो लगाया है, लेकिन निवेशक के लिए सबसे जरूरी बिजली हमारे यहां अधिकतर राज्यों से महंगी है। उद्योगों की पानी की जरूरतें पूरा करने पर भी ढुलमुल रवैए से सरकार कोई ठोस फैसला नहीं कर पा रही। सरकारी नौकरियां बेरोजगारों के अनुपात में बहुत कम है और निजी रोजगारों की संभावना में नीतिगत अड़चनें। ऐसे में बड़ा सवाल है कि हमारे यहां निवेशक हितैषी रियायतें दिए बिना कैसे लाखों नए रोजगार और निवेश का सपना पूरा होगा?

प्रति यूनिट विद्युत शुल्क 2 से 3 रुपए महंगा राजस्थान में हमारे पड़ौसी गुजरात और हरियाणा की तुलना में विद्युत शुल्क में ही 2 से 3 रुपए का अंतर है। हमारे यहां औद्योगिक उपयोग के लिए विद्युत शुल्क की दरें 7.30 रुपए प्रति यूनिट तक हैं।

राजस्थान विद्युत शुल्क: 6.25 से 7.30 रुपए प्रति यूनिट
फिक्स चार्ज: 80 रुपए प्रति हार्सपावर से 270 रुपए प्रति केवीए है
(रात 11 से सुबह 6 बजे तक उद्योग संचालन करने पर बिल में 15 % की छूट। लोड फैक्टर 50 प्रतिशत से ज्यादा होने पर 1 रुपए प्रति यूनिट की छूट )

गुजरात
विद्युत शुल्क – 4.20 रुपए 4.60 रुपए प्रति यूनिट
फिक्स चार्ज: 50 रुपए प्रति किलोवॉट से 475 रुपए प्रति केवीए तक अलग से हैं। (सुबह 7 से 11 बजे और शाम 6 से रात 10 बजे तक 50 केवीए क्षमता तक 50 पैसे और इससे ज्यादा क्षमता पर 85 पैसे प्रति यूनिट अलग से चार्ज)

हरियाणा
विद्युत शुल्क: 4.75 से 6.75 रुपए प्रति यूनिट
फिक्स चार्ज: 165 रुपए केवीए
(पिछले छह साल से बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की। उद्यमियों को टाइम ऑफ डे और टाइम ऑफ यूज की बिजली दर में कमी की)

10 प्रतिशत पानी आरक्षण पर निर्णय नहीं फिलहाल प्रदेश में औद्योगिक प्रोजेक्ट के आधार पर पानी की उपलब्धता तो कराई जाती है, लेकिन निवेशकों को स्थायी तौर पर भरोसा हो, ऐसी कोई नीति नहीं। उच्च स्तर तक अन्य राज्यों की तरह हर जलापूर्ति योजना में से 10 प्रतिशत पानी औद्योगिक प्रयोजन के लिए आरक्षित रखने संबंधी चर्चा तो हो गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय इस दिशा में नहीं हो पाया है।

इन राज्यों ने किए पानी के उपाय — आंध्र प्रदेश में औद्योगिक उपयोग के लिए 10 प्रतिशत पान रिजर्व, आपूर्ति दरें भी तय हो चुकी।
— पंजाब में 10 प्रतिशत पानी पीने और उद्योगों के लिए आरक्षित
— मध्यप्रदेश में नर्मदा बेसिन से जल आधारित उद्योगों के लिए विशेष आवंटन
— महाराष्ट्र में भी व्यावसायिक, जल विद्युत और कृषि उपयोग के लिए पानी आरक्षित

ऐसे लगा रही सरकार रोजगार का अनुमान इन्वेस्ट राजस्थान समिट की तैयारियों के तहत हुए आयेाजनों में आए निवेश प्रस्तावों से 6 लाख से अधिक रोजगार और 7 लाख करोड़ रुपए कुल निवेश का अनुमान है।

शहरों में रोड शोज: 5.76 लाख करोड़ रुपए का निवेश और 2.95 लाख रोजगार
जिला स्तरीय सम्मेलन: 1.22 लाख करोड़ रुपए का निवेश और 3.73 लाख रोजगार

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