राजस्थान: ईस्टर्न कैनाल योजना पूरा करने से पहले गहलोत सरकार इस खबर को पढ़ ले, सामने आई पानी की कालाबाजारी

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राजस्थान: ईस्टर्न कैनाल योजना पूरा करने से पहले गहलोत सरकार इस खबर को पढ़ ले, सामने आई पानी की कालाबाजारी

भरतपुर : पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (Eastern Canal Rajasthan) को लेकर राजस्थान सरकार (Ashok gehlot Government) अपनी राजनीति लड़ाई लड़ रही है। खुद सीएम गहलोत (CM Ashok gehlot) इस परियोजना के जरिए राजस्थान के जल संकट को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन योजनाओं को क्रिन्यानवयन का फायदा क्या जब नौकरशाहों की जनता तक इन पॉलिसीज का फायदा पहुंचाने की मंशा ना हो। अधिकारी सिर्फ अपना निजी हित साध रहे हो। राजस्थान के भरतपुर जिले की यह खबर सरकार और सरकारी तंत्र की ऐसी ही खामियों को उजागर करने वाली है। भरतपुर में सामने आया है कि जलदाय विभाग की ओर से यहां पानी की कालाबाजारी की जा रही है।

जलदाय विभाग के अधिकारी कर रहे हैं पानी की कालाबाजारी
जलदाय विभाग के अधिकारी पानी की कालाबाजारी कर रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं । यही वजह है कि जो पानी आम जनता तक पहुंचना चाहिए ।वह नहीं पहुंच पा रहा है । पता चला है कि जेजेएम के तहत जलदाय विभाग की ओर से ग्रामीण इलाकों में जो पानी के टैंकर भेजे जाते हैं, उनकी भी कालाबाजारी की जाती है । नियम के अनुसार पानी का टैंकर मोहल्ला के बीच में खड़ा कर दिया जाता है। यहां से लोग पानी भरकर ले जाते हैं । मगर इसी बीच जलदाय विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से पानी के टैंकर को व्यक्ति विशेष के लिए बेच दिया जाता है ।

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जलदाय विभाग के अधिकारियों का घोटाला हुआ कैमरे में कैद
मामला सेवर पंचायत समिति के गांव कसौदा का है । जहां नहर के किनारे जलदाय विभाग की दो बोरिंग लगी हुई है । इन दो बोरिंग के जरिए पूरे गांव के लिए पानी सप्लाई किया जाता है । यह दोनों बोरिंग वहां लगे विद्युत ट्रांसफार्मर के जरिए चलती हैं । जलदाय विभाग का कर्मचारी श्याम लाल सैनी की जिम्मेदारी बोरिंग के जरिए पानी सप्लाई करना होता है । लेकिन विगत रात जब गांव के लिए बोरिंग के जरिए पानी आपूर्ति किया जाना था । मगर गांव में जलापूर्ति नहीं की गई । क्योंकि गांव से जलापूर्ति ठप करके वहां लगे विद्युत ट्रांसफार्मर से अवैध कनेक्शन कर उस बोरिंग से पानी की सप्लाई वहां रहने वाले एक किसान के खेतों में की जा रही थी । यह पूरा घोटाला मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया ।

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क्या कहना है जलदाय कर्मचारी का
जलदाय विभाग के कर्मचारी श्याम लाल सैनी ने कहा कि जलदाय विभाग की बोरिंग के ट्रांसफार्मर से किसी व्यक्ति ने अवैध कनेक्शन कर उसका उपयोग कर रहा था । इसकी सूचना मैंने जेईएन प्रीतम चौधरी को दे दी है । इधर ग्रामीण विभाग पर निदी हित साधने का आरोप लगा रहे हैं।

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क्या कहना है जलदाय विभाग के अधिकारी का
जलदाय विभाग के जेईएन प्रीतम चौधरी का कहना है कि विभाग के कर्मचारी द्वारा मुझे सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति ने हमारी बोरिंग के ट्रांसफार्मर से कनेक्शन लेकर विद्युत जलापूर्ति को ठप किया है । मेरी उस व्यक्ति विशेष से भी फोन पर बात हुई थी जिस पर उसने मुझसे कहा कि मुझसे गलती हुई है और अब दोबारा गलती नहीं होगी । यदि वह दोबारा गलती करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी ।

क्या कहना है ग्रामीणों का
ग्रामीणों का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर पानी की कालाबाजारी कर रहे हैं । इसके जरिए पैसा कमा रहे हैं लिहाजा गांव में जल संकट बरकरार है ।

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