मोहल्ला क्लीनिक के प्रचार में 30 करोड़ खर्चना चाहती थी मान सरकार, IAS अधिकारी ने किया इनकार तो कर दिया तबादला

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मोहल्ला क्लीनिक के प्रचार में 30 करोड़ खर्चना चाहती थी मान सरकार, IAS अधिकारी ने किया इनकार तो कर दिया तबादला

मोहल्ला क्लीनिक के प्रचार में 30 करोड़ खर्चना चाहती थी मान सरकार, IAS अधिकारी ने किया इनकार तो कर दिया तबादला


चंडीगढ़: पंजाब के मोहल्ला क्लीनिकों के प्रचार पर खर्च करने से इनकार करना आईएएस अधिकारी अजॉय शर्मा को उस समय महंगा पड़ा, जब शुक्रवार देर रात उनका तबादला स्वास्थ्य विभाग से कर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव एवं परिवार कल्याण और वित्त आयुक्त (कराधान) के पद पर तैनात शर्मा का दोनों विभागों से तबादला कर दिया गया। उन्हें अभी तक कोई पोस्टिंग नहीं दी गई है। विकास प्रताप को वित्त आयुक्त (कराधान) का प्रभार सौंपा गया है, जबकि वीके मीणा को स्वास्थ्य विभाग का प्रभारी बनाया गया है।

शर्मा पिछले स्वतंत्रता दिवस से पहले स्थापित किए गए 75 मोहल्ला क्लीनिकों के अधिकारी थे। अगले सप्ताह ऐसे और मोहल्ला क्लीनिकों का उद्घाटन किया जाएगा। सूत्रों की मानें दो अलग-अलग बैठकों में शर्मा से स्वास्थ्य बजट से प्रचार पर 30 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति देने को कहा गया था। हालांकि, यह पता चला है कि उन्होंने यह कहते हुए राशि को मंजूरी देने से इनकार कर दिया कि विभाग ने मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने के लिए पहले ही 10 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे और वह तमिलनाडु जैसे राज्यों में योजना के प्रचार के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने का औचित्य साबित नहीं कर पाएंगे।

अगर यह पंजाब के लिए होता तो बात अलग होती, क्योंकि इस प्रचार से राज्य के लोगों को फायदा होता। लेकिन इस मामले में पैसा दक्षिण भारत के राज्यों में खर्च किया जाना था। उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु के निवासियों को पंजाब में मोहल्ला क्लीनिकों से लाभ नहीं होगा। इसलिए उन राज्यों में प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए पैसे का कोई मतलब नहीं था। खासकर जब राज्य ने क्लीनिक स्थापित करने पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए थे, तो वह विज्ञापन पर 30 करोड़ रुपये के खर्च को कैसे जायज ठहरा सकता है।

सूत्रों की मानें तो मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने इससे इनकार किया। उन्हें जब ऐसा करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं करेंगे, इसलिए, दिन के अंत तक उन्हें दोनों विभागों से स्थानांतरित कर दिया गया। देर शाम शासन ने तबादला आदेश जारी कर दिया। जंजुआ ने हालांकि इन सभी खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि अजय शर्मा एक अच्छे अधिकारी हैं। अगले हफ्ते उन्हें नई पोस्टिंग मिलेगी। ये रूटीन ट्रांसफर हैं। ये होते रहते हैं।

सुखबीर बादल ने उठाए सवाल
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बाद ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों को सीरिंज बाहर से लाने को मजबूर किया जा रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार की कठपुतली भगवंत मान बेकार मोहल्ल क्लीनिक को प्रचारित करने पर 30 करोड़ रुपये बर्बाद करने पर आमादा है। अगर कोई अधिकारी इस सरासर अपव्यय का विरोध करता है, तो उसे बाहर कर दिया जाता है। बड़ी शर्म की बात है!

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