मोहम्मद जीशान अय्यूब- बॉलीवुड में खूब होता है भेदभाव! रंग, भाषा और कपड़े देख बांटते हैं रोल

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मोहम्मद जीशान अय्यूब- बॉलीवुड में खूब होता है भेदभाव! रंग, भाषा और कपड़े देख बांटते हैं रोल

मोहम्मद जीशान अय्यूब- बॉलीवुड में खूब होता है भेदभाव! रंग, भाषा और कपड़े देख बांटते हैं रोल

एक्टर मोहम्मद जीशान अय्यूब इस समय वेब सीरीज ‘स्कूप’ को लेकर चर्चा में हैं। हंसल मेहता की इस वेब सीरीज में वह एक न्यूजपेपर के एडिटर का रोल प्ले कर रहे हैं। इस रोल में मोहम्मद जीशान अय्यूब को काफी तारीफ मिल रही है। खुद मोहम्मद जीशान अय्यूब भी बेहद खुश हैं। करीब 8-10 साल के करियर में मोहम्मद जीशान अय्यूब को कोई सॉफ्ट या शहरी किरदार निभाने को नहीं मिला। उन्हें लगभग हर फिल्म में एकदम देहाती या फिर विशेष वर्ग के किरदारों में ही दिखाया गया। मोहम्मद जीशान अय्यूब ने हाल ही इस बारे में बात की और बताया कि आखिर क्यों वह अब तक इस तरह के किरदारों से दूर रहे। एक्टर ने कहा कि समाज और फिल्म इंडस्ट्री में क्लास और नस्लवाद फैला हुआ है, और यह एक बड़ी वजह है।

Mohammed Zeeshan Ayyub ने हमारे सहयोगी ईटाइम्स से बातचीत में अपने करियर के स्ट्रगल के दौर को भी याद किया। मोहम्मद जीशान अय्यूब ने बताया कि किस तरह कई बार अच्छे काम पर भी उनकी तारीफ नहीं की जाती थी। हालांकि फिर ऐसे भी मौके थे, जहां वह तारीफ के हकदार नहीं थे, लेकिन उन्हें सराहा गया। पर मोहम्मद जीशान अय्यूब को तब सपोर्टिंग किरदार करने में तकलीफ होती थी, जब उनके सामने खड़ा एक्टर उनसे इन्फीरियर फील करता था। एक्टर के मुताबिक, उन्हें बहुत बुरा लगता था।


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रोल के लिए सुझाव देते तो डायरेक्टर मना कर देते

मोहम्मद जीशान अय्यूब से जब पूछा गया कि उन्हें ‘स्कूप’ से पहले ग्रामीण परिवेश के किरदारों में टाइपकास्ट क्यों किया जा रहा था? जबकि ‘स्कूप’ के शहरी किरदार में वह काफी जमे हैं। जवाब में मोहम्मद जीशान अय्यूब ने कहा, ‘यह वास्तव में अजीब है कि मुझे इससे पहले कभी शहरी और सॉफेस्टिकेड किरदार निभाने का मौका नहीं मिला। मैं अकसर किरदार को और दिलचस्प बनाने के लिए कुछ बदलावों का सुझाव देता था। लेकिन डायरेक्टर यह कहते हुए मना कर देते थे कि जैसा है, वैसा ही रहने दो। तुम एक खास तबके का किरदार निभा रहे हो।’

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स्कूप के सेट पर हंसल मेहता और मोहम्मद जीशान अय्यूब: फोटो- Insta/mohdzeeshanayyub

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‘इंडस्ट्री में नस्लवाद और क्लास बड़ी समस्या’

मोहम्मद जीशान अय्यूब ने आगे कहा, ‘हमारी इंडस्ट्री और समाज में क्लास और नस्लवाद की बड़ी समस्या है। हम हमारी स्किन के रंग के हिसाब से अलग-अलग वर्गों में बंटे हुए हैं। लेकिन क्यों? मुझे नहीं पता क्यों। लेकिन यह है। अब भी डायरेक्टर्स को लगता है कि अरे यार, जीशान को अंग्रेजी बोलने वाला किरदार कैसे दे। चूंकि मैं अपने ज्यादातर इंटरव्यू हिंदी में देता हूं, तो उन्हें लगता है कि मुझे इंग्लिश नहीं आती। तब ‘स्कूप’ के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और डायरेक्टर हंसल मेहता को लोगों को जाकर बताना पड़ता था कि भई इसे इंग्लिश आती है।’

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फिल्म रांझणा में धनुष के साथ मोहम्मद जीशान अय्यूब, फोटो: ETimes

रंग, भाषा और कपड़ों को लेकर करते हैं जज

लेकिन लोग इतने जजमेंटल क्यों हैं? यह पूछे जाने पर मोहम्मद जीशान अय्यूब बोले, ‘मुझे नहीं पता क्यों। लेकिन वो हैं। वो आपको आपके कपड़ों और भाषा से आंकते हैं। मैं हर किसी को यह नहीं बता सकता कि मैं हिंदी में बोलना पसंद करता हूं। यह मेरी पहली भाषा है। चूंकि मैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करता हूं, इसलिए मैंने हिंदी को अपनी प्राथमिक भाषा के रूप में चुना। इसके अलावा करियर की शुरुआत में मैंने जो किरदार किए, वो ऐसे थे जो दिल और जमीन से जुड़े थे। इस इंडस्ट्री में आप टाइपकास्ट हो जाते हैं। मैं मुकेश छाबड़ा और हंसल सर का वास्तव में आभारी हूं कि उन्होंने आखिरकार उस बात पर विश्वास किया जो मैं हमेशा से कहता आ रहा हूं कि मैं शहरी और सॉफेस्टिकेड किरदार निभा सकता हूं। मुझे लगता है कि हमारी इंडस्ट्री में अभी कल्पना की कमी है।’

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मोहम्मद जीशान अय्यूब ने 2011 में किया था डेब्यू

मोहम्मद जीशान अय्यूब ने 2011 में फिल्म ‘नो वन किल्ड जेसिका’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। तब से लेकर अभी तक वह ‘रांझणा’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’, ‘जन्नत 2’ और ‘शाहिद’ समेत कई फिल्में कर चुके हैं। उनकी वेब सीरीज ‘स्कूप’ 2 जून को रिलीज हुई थी।