मोदी सरकार में कृषि बजट बढ़कर 6.22 लाख करोड़ रुपये हुआ : प्रह्लाद पटेल

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मोदी सरकार में कृषि बजट बढ़कर 6.22 लाख करोड़ रुपये हुआ : प्रह्लाद पटेल

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बुधवार को कहा कि केंद्र ने कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2014-22 के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए बजट में लगभग 6.22 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने किसानों के हित में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों के बारे में बताया।

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पटेल ने कहा कि वर्ष 2006-14 की अवधि के दौरान कृषि बजट 1,48,162.16 करोड़ रुपये था, जबकि 2014-22 के दौरान कृषि क्षेत्र के लिए बजट आवंटन 6,21,940.92 करोड़ रुपये रहा।

उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत केंद्र ने पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे 2.16 लाख करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। केंद्र इस योजना के तहत तीन समान किस्तों में प्रतिवर्ष 6,000 रुपये प्रदान करता है।

पटेल ने कहा कि विभिन्न संस्थानों द्वारा जारी रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दिखाती है कि कई राज्यों में किसानों की कुल मुद्रास्फीति-समायोजित आय दोगुनी हो गई है, या लगभग दोगुनी हो गई है।’’

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को आधुनिक डिजिटल तकनीक देकर उन्हें सशक्त बनाया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से किसानों को भ्रष्टाचार और बिचौलियों की समस्या से निजात दिलाने के साथ-साथ कई तरह की परेशानियों से भी बचाया गया है।

मंत्री ने कहा, ‘‘डिजिटल तकनीक के माध्यम से सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सहायता अब सीधे उन तक पहुंचने लगी है, जिससे उन्हें व्यापार करने के नए अवसर मिले हैं…।’’

उन्होंने कहा कि ‘बीज से लेकर बाजार तक’ और ‘डिजिटल कृषि मिशन’ ने किसानों के जीवन स्तर और स्थितियों में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अन्य प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए पटेल ने कहा कि देशभर में 1.74 करोड़ से अधिक किसानों को ई-नाम पोर्टल से जोड़ा गया है और ई-नाम के माध्यम से 2.36 लाख व्यवसायों को पंजीकृत किया गया है। इस पर 2.22 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया है, जबकि 25,185 करोड़ रुपये बीमा प्रीमियम के रूप में किसानों को दिए गए।

पटेल ने कहा कि अब तक 3,855 से अधिक एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) पंजीकृत किए गए हैं, जबकि 22.71 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं और 11,531 परीक्षण प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का आवंटन 6,057 करोड़ रुपये था, जबकि मोदी सरकार ने इसे करीब 136 प्रतिशत बढ़ाकर 15,511 करोड़ रुपये कर दिया है।

सूक्ष्म सिंचाई कोष के तहत 17.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 4,710.96 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

पटेल ने कहा कि पिछली सरकार के समय कृषि ऋण प्रवाह 7.3 लाख करोड़ रुपये था और मोदी सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए लक्ष्य बढ़ाकर 18.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक सब्सिडी भी बढ़ाई है कि किसानों को मिट्टी के पोषक तत्व सस्ती कीमत पर मिलें।

पटेल ने कहा कि भारत दुनिया में कृषि उपज के मामले में पहले या दूसरे स्थान पर है और 3.75 लाख करोड़ रुपये के कृषि उत्पादों का रिकॉर्ड निर्यात किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले कृषि क्षेत्र में केवल 100 स्टार्टअप काम कर रहे थे, लेकिन पिछले 7-8 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 4,000 से अधिक हो गई है।

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