मुझे काम क्यों नहीं करना चाहिए? लोगों की सोच पर ईशा देओल ने मारा तमाचा, दिया करारा जवाब

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मुझे काम क्यों नहीं करना चाहिए? लोगों की सोच पर ईशा देओल ने मारा तमाचा, दिया करारा जवाब

मुझे काम क्यों नहीं करना चाहिए? लोगों की सोच पर ईशा देओल ने मारा तमाचा, दिया करारा जवाब

बड़े पर्दे पर कोई मेरे दिल से पूछे, धूम, युवा, कारगिल, एलओसी, नो एंट्री, न तुम जानो न हम जैसी कई फिल्मों में नजर आने वाली ईशा देओल इन दिनों चर्चा में हैं। सुनील शेट्टी के साथ की अपनी नई सीरीज ‘हंटर टूटेगा नहीं तोडे़गा’ से। ईशा का मानना है कि ओटीटीट पर रुद्र के बाद इस सीरीज का मिलना उनके लिए एक बड़ा मौका है। इस खास मुलाकात में वे अपनी सीरीज, ओटीटी, महिला के रूप में गौरवान्वित पल, मदरहुड, पिता धर्मेंद्र और मां हेमा मालिनी के बारे में बात करती हैं।

सोशल मीडिया पर आप हमेशा फिट और खूबसूरत लगती हैं। आपकी पिछली सीरीज रूद्र में भी आपको काफी सराहा गया। मदरहुड के साथ-साथ फिट और खूबसूरत लगना कैसे मैनेज करती हैं?
-बहुत जरूरी है इसे मेंटेन करना। अगर आपको एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करना है, तो यह बहुत अहम् जाता है। बहुत मेहनत लगती है इसमें। हालांकि मैं वर्कआउट करना काफी इंजॉय करती हूं। मैं हमेशा से जिम जाती रही हूं। मैंने सालों जिमिंग की है और उससे मेरी बॉडी को काफी फायदा हुआ है। वो मेहनत भी काम आ रही है आज। आप जब एक अरसे तक वेट ट्रेनिंग करते हैं, तो आपकी मसल्स का टोन सेट हो जाता है, उसके बाद जब आप दोबारा वर्कआउट करते हैं, तो आपकी बॉडी जल्दी एक्सेप्ट कर लेती है। जहां तक मदरहुड की बात है, तो वो भी औरत की खूबसूरती में चार चांद ही लगाता है। वो ग्लो अलग दिखता है। मैं अपनी फिटनेस और खूबसूरती का श्रेय अपने मातृत्व को दूंगी।

‘रूद्र’ में अजय देवगन के बाद अब आप ‘हंटर टूटेगा नहीं तोड़ेगा’ में आप सुनील शेट्टी के साथ नजर आएंगी। कैसा रहा आपका अनुभव ?
-अजय हों या अन्ना (सुनील शेट्टी) इनके साथ एक अच्छी बात ये है कि इनके साथ मैंने काफी काम किया है। अजय ‘के साथ काल, कैश, युवा, मैं ऐसा ही हूं, संडे जैसी कई फिल्में कीं, तो अन्ना के साथ भी दस, कैश, एलओसी जैसी अनेकों फिल्मों का साथ रहा। ऐसे में इनके साथ करियर की शुरुआत में ही एक अलग तरह का रेपो बन गया, जो काफी रिस्पेक्टफुल रहा है। जब मैंने अपनी सेकंड इनिंग शुरू की और मुझे इनके साथ काम करने का मौका मिला तो मैंने आंख बंद कर हां कर दी। अब जब मुझे हंटर टूटेगा नहीं तोड़ेगा में अन्ना के साथ के अलावा एक दमदार पत्रकार की भूमिका मिली, तो मेरे लिए सोने पर सुहागा वाली बात थी। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं, भगवान की और अपने साथी कलाकारों की, जो मुझे अच्छे मौके मिल रहे हैं। रूद्र की तरह यह रोल भी लेयर्ड है। यह छोटे शहर की लड़की है, जो बड़े शहर में अपने कुछ सपनों के साथ आती है, जहां पत्रकार होने के नाते इसे कुछ पता चलता है और तब इसका किरदार ट्रांसफॉर्म होता है। इसमें काफी टर्न और ट्विस्ट हैं। इसका विषय काफी अहम है। यह मास अपील की सीरीज है।

ओटीटी आपके लिए भी गेम चेंजर साबित हुआ है?
-बिलकुल और ये मुझ जैसे तमाम समकालीन अदाकारों के लिए बहुत बड़ा प्लैटफॉर्म साबित हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता है। हर तरह के विषय आपको यहां देखने को मिल जाएंगे। कई बार लोगों की सोच होती है कि ईशा देओल को क्या जरूरत है दोबारा अभिनय करने की? मगर मैं पूछती हूं, क्यों नहीं सालों में मैंने इतना काम किया, मेहनत की, नाम कमाया, तो मुझे काम क्यों नहीं करना चाहिए? एक औरत होने के नाते मैं आत्मनिर्भर रहना चाहती हूं, काम के प्रति मैं काफी पैशनेट हूं। बचपन से हैं इसी दुनिया में पली-बढ़ी हूं और इसी में रही हूं। यही मेरी दुनिया है। इसके अलावा मुझे कुछ और आता भी नहीं।

अभिनेत्री के रूप में भविष्य में किस तरह की भूमिकाएं करना चाहेंगी?
-मैं दमदार और गहरी भूमिकाएं करने की इच्छुक हूं। मैं चाहती हूं, जो भी भूमिकाएं करूं, उसमें एक सटल मेसेज हो। मैंने ऐसे रोल करना चाहती हूं, जिससे दर्शक जुड़ाव महसूस करें। वैसे मैं एक्शन प्रधान भूमिका करने की ख्वाहिश रखती हूं। पावरफुल एक्शन रोल मिले तो जरूर करना चाहूंगी।

मार्च के इस महीने को अंतरराष्ट्रीय महिला मंथ के रूप में भी मनाया जाता है। आपने औरत होने के नाते सबसे ज्यादा प्राउड फील कब किया?
-अब ये प्राउड है या नहीं, मैं नहीं जानती, मगर मेरी जिंदगी का सबसे खुशनुमा पल था मां बनना। वो अलग ही अहसास होता, आप जब एक बच्चे को जन्म देते हैं, तो आपका भी पुनर्जन्म होता है। फिर दोबारा मां बानी तो वही अहसास और एक बार फिर पुनर्जन्म की अनुभूति। मेरे करियर में कई कमाल के पल आए, मगर मां बनना उन सभी में एक अलग अहसास रहा।

आप खुद को कैसी मां मानती हैं, क्योंकि आपकी मां हेमा मालिनी एक अच्छी मां साबित हुई हैं?
-मम्मी हमारे साथ काफी चिल रहा करती थीं, मगर मैं उतनी चिल नहीं हूं, हमारी मम्मी हमें काफी छूट दिया करती थी, मगर मैं अपने बच्चों को इतनी छूट नहीं देती। मैं अपने बच्चों पर हर वक्त नजर रखती हूं, उनकी अपडेट्स लेती रहती हूं। अभी जैसे मैं इंटरव्यू दे रही हूं, मगर मुझे पता है कि वो लोग घर पर क्या कर रहे होंगे। शूटिंग पर भी मैं अपने बच्चों की पल-पल की जानकारी लेती रहती हूं। मां के रूप में मैं काफी हाइपर और सजग रहती हूं।