महाराष्ट्र: शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड का गठबंधन, उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान

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महाराष्ट्र: शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड का गठबंधन, उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र: शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड का गठबंधन, उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharahstra) की सियासत में बगावत का दंश झेल रही शिवसेना (Shivsena) को अब एक नया साथी मिल गया है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर यह घोषणा की है कि शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड (Sambhaji Brigade) का गठबंधन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में शिवसेना और संभाजी ब्रिगेड एक साथ चुनाव लड़ेंगे। ठाकरे ने कहा कि कई लोग मुझसे यह कह रहे थे कि अब संविधान बचाने के लिए हमें एक साथ आना पड़ेगा। मुझे उम्मीद है कि हम एकसाथ आकर नया इतिहास रचेंगे। संभाजी ब्रिगेड इसके पहले बीजेपी (BJP) के साथ गठबंधन में थी। महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत होने जा रही है। बता दें कि संभाजी ब्रिगेड एक संगठन है लेकिन अब उन्होंने एक राजनीतिक दल के रूप में भी रजिस्ट्रेशन करवाया है।

संभाजी ब्रिगेड की तरफ से यह सुझाव भी दिया गया था कि उन्हें और शिवसेना को एक साथ आना चाहिए। ब्रिगेड के मुख्य प्रवक्ता गंगाधर बनवारे के मुताबिक लोकतंत्र की रक्षा के लिए संभाजी ब्रिगेड और शिवसेना का साथ आना जरूरी है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्षेत्रीय पहचान को बनाए और बचाए रखने के लिए साथ ही संविधान को संरक्षित रखने के लिए गठबंधन को अमलीजामा पहनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संभाजी ब्रिगेड हमारे पास तब आई है जब हमारे पास कुछ भी नहीं है। एक शिवप्रेमी होने के नाते हमारा खून एक है।

पुरानी दोस्ती और नया काम
उद्धव ठाकरे ने कहा कि संभाजी ब्रिगेड और शिवसेना की दोस्ती पहले से ही है लेकिन अब दोनों का गठबंधन भी हो रहा है। हम इसका स्वागत करते हैं। बगावत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई शुरु है, मामला अदालत में है जो भी निर्णय होगा उस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। इसलिए मैं इस विषय पर ज्यादा बात नहीं करूंगा। ठाकरे ने कहा कि यह गठबंधन लोकतंत्र और प्रदेश की अस्मिता के लिए किया गया है। उद्धव ठाकरे ने यह सवाल भी किया कि क्या संघ के विचार बीजेपी को मान्य है। उनसे यह भी पूछना चाहिए कि क्या मोहन भागवत के विचारों से बीजेपी सहमत हैं?

शिंदे गुट की बगावत के बाद टूट रही थी शिवसेना
शिवसेना से बगावत करने के बाद एकनाथ शिंदे ने बीते 30 जून को महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। फिलहाल उनके साथ में शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। इस तरह से शिंदे गुट के पास 50 विधायकों का समर्थन है। एकनाथ शिंदे हमेशा यह कहते रहे हैं कि उन्होंने कोई बगावत नहीं की है। वह आज भी बाला साहेब के विचारों को मानते हैं और उसी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने उद्धव ठाकरे से अलग होने पर यह भी कहा था कि शिवसेना ने नैसर्गिक गठबंधन को तोड़कर काँग्रेस्सर एनसीपी के साथ गठबंधन किया था। जो जनता को मान्य नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि हमने वोट हिंदुत्व के नाम पर लिए थे लेकिन गठबंधन किसी और के साथ किया था।

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