ममता बनर्जी का क्षेत्रीय पार्टियों को संदेश, ‘2024 में मोदी को हराना है तो यूपी, बंगाल जीतना होगा’

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ममता बनर्जी का क्षेत्रीय पार्टियों को संदेश, ‘2024 में मोदी को हराना है तो यूपी, बंगाल जीतना होगा’

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि अगर वे 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को बाहर करना चाहते हैं, तो समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जैसी क्षेत्रीय ताकतों को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में जीतना चाहिए। ममता का ये बयान सोमवार को आया जब उनकी पार्टी ने चार महत्वपूर्ण शहरों में निकाय चुनावों में बंपर जीत हासिल की है।

बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों का गठबंधन बनाने के लिए कांग्रेस पर निर्भर नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के क्षेत्रीय दलों के साथ अच्छे संबंध नहीं हैं। यह बताते हुए कि उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए सपा नेता अखिलेश यादव को अपना समर्थन क्यों दिया, बनर्जी ने कहा: “योगी (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) राज्य चुनावों के दौरान यहां प्रचार करने आए थे। मैं वहां चुनाव लड़ने नहीं गई थी क्योंकि उत्तर प्रदेश बच गया तो देश बच जाएगा। अगर हमें 2024 में नरेंद्र मोदी को हराना है तो बंगाल और उत्तर प्रदेश को बचाना होगा। मैंने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा क्योंकि मैं अखिलेश को कमजोर नहीं करना चाहती थी। लेकिन मैंने उनसे कहा है कि हम लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।”

वह उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी शहर (जहां टीएमसी पूर्ण बहुमत से जीती थी) के लिए रवाना होने से पहले एक लोकप्रिय बंगाली टेलीविजन चैनल से टेलीफोन पर बात कर रही थीं। बंगाल और उत्तर प्रदेश में 543 लोकसभा सीटों में से 122 सीटें हैं। 2019 में, भाजपा ने बंगाल की 42 में से 18 सीटों पर कब्जा किया था, जिससे टीएमसी को बड़ा झटका लगा। बनर्जी ने हाल ही में अपनी पार्टी के नेताओं से कहा था कि टीएमसी को 2024 में सभी 42 सीटें जीतनी होंगी।

इससे पहले बंगाल सीएम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को राज्यपालों द्वारा “सत्ता के दुरुपयोग” पर चर्चा करने के लिए बुलाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के राज्यपाल “सत्ता का दुरुपयोग” कर रहे हैं। 2024 के चुनाव परिदृश्य के बारे में अपना दृष्टिकोण बताते हुए उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक का प्रस्ताव भी रखा। 

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उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि क्षेत्रीय दलों को एक-दूसरे के साथ समझ होनी चाहिए। मैंने स्टालिन और केसीआर (तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव) से बात की है। हम साथ काम कर रहे हैं। हम मानते हैं कि भारत के संघीय ढांचे को तोड़ा जा रहा है। हमारे संविधान का उल्लंघन हो रहा है। इसलिए, सभी को एक मंच पर एकजुट होना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘वे (कांग्रेस) अपने रास्ते जाएंगे, हम अपने रास्ते जाएंगे। क्षेत्रीय दलों से उनके अच्छे संबंध नहीं हैं। कुछ (पार्टियों) को (कांग्रेस के साथ) रहना पड़ता है क्योंकि कुछ राज्यों में उनकी (कांग्रेस) सरकार है। मैंने माकपा से भी हमारे साथ काम करने का आग्रह किया। मैंने कांग्रेस से भी पूछा। कोई न सुने तो क्या करें? मुझे किसी से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। मैं कांग्रेस से क्यों लड़ूं?”  



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