भारत कृषि क्षेत्र में आत्म-निर्भर, वैश्विक अगुआ बनेः प्रधानमंत्री

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भारत कृषि क्षेत्र में आत्म-निर्भर, वैश्विक अगुआ बनेः प्रधानमंत्री

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भाषा | Updated: Aug 7, 2022, 6:37 PM

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी की मदद से कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि इस तरह भारत आत्म-निर्भर बनने के अलावा कृषि क्षेत्र में वैश्विक अगुआ भी बन सकता है। प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के शीर्ष निकाय संचालन परिषद की यहां आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जीवनयापन में सुगमता लाने, सेवा की पारदर्शी आपूर्ति और जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर भारत के लिए तीव्र शहरीकरण कमजोरी के बजाय एक ताकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को खाद्य तेलों

 

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नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रौद्योगिकी की मदद से कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि इस तरह भारत आत्म-निर्भर बनने के अलावा कृषि क्षेत्र में वैश्विक अगुआ भी बन सकता है।

प्रधानमंत्री ने नीति आयोग के शीर्ष निकाय संचालन परिषद की यहां आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जीवनयापन में सुगमता लाने, सेवा की पारदर्शी आपूर्ति और जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर भारत के लिए तीव्र शहरीकरण कमजोरी के बजाय एक ताकत बन सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को खाद्य तेलों के उत्पादन में स्वावलंबी बनने पर ध्यान देना चाहिए।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विकसित एवं विकासशील देशों के समूह जी-20 का अगले साल भारत के अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राज्यों से जी-20 के लिए समर्पित टीम बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इस पहल से अधिकतम लाभ लेने में यह कारगर हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की संचालन परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में 23 मुख्यमंत्री, तीन उप राज्यपाल और दो प्रशासकों के अलावा कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए।

यह कोविड-19 महामारी आने के बाद से संचालन परिषद की पहली परंपरागत बैठक रही। वर्ष 2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह बैठक आयोजित की गई थी।

संचालन परिषद की बैठक में चार अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। फसल विविधीकरण और दालों, तिलहन एवं अन्य कृषि जिंसो में स्वावलंबन हासिल करना, स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करना, उच्च शिक्षा में एनईपी का क्रियान्वयन और शहरी शासन के मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।

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