बीसलपुर बांध में आया 13 सेंटीमीटर पानी, एक साल का आया पानी | 13 cm of water came in Bisalpur dam, one year’s water came | Patrika News

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बीसलपुर बांध में आया 13 सेंटीमीटर पानी, एक साल का आया पानी | 13 cm of water came in Bisalpur dam, one year’s water came | Patrika News

कंट्रोल रूम के अनुसार बीसलपुर बांध (bisalpur dam) के कैचमेंट एरिया में लोकल बारिश के चलते बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। बांध के कैचमेंट एरिया से जुड़ी खारी एवं बनास नदी से पानी की आवक शुरू नहीं हुई है, जिसके चलते बांध में बंपर आवक नहीं हुई। कैचमेंट एरिया के टोडारायसिंह नासिरदा बघेरा मेवदा कलां आदि क्षेत्रों में सोमवार को अच्छी बरसात होने के चलते बांध में धीरे-धीरे पानी बढ़ोतरी में इजाफा हो रहा है। रविवार देर शाम बांध का जलस्तर 309.82 आरएल मीटर था, जो सोमवार देर शाम तक बढ़कर 309.95 आरएल मीटर पहुंच गया। बांध से पेयजल में खर्च होने वाला पानी भी प्रतिदिन आवक के साथ अपनी पूर्ति कर रहा है। सूत्रों के अनुसार बीसलपुर बांध में वर्तमान स्थिति में आए पानी से आगामी एक साल तक की पेयजल सप्लाई हो सकती है। बांध के कैचमेंट एरिया में भीलवाड़ा चित्तौड़ एवं उदयपुर क्षेत्र में सोमवार को अच्छी बरसात होने के समाचार हैं। हालांकि कैचमेंट एरिया के डाई खारी एवं बनास तीनों प्रमुख नदियों पर बने बांध रीते पड़े हैं। उन बांधों में भरने के बाद ही बांध में पानी की आवक की रफ्तार बढ़ेगी।

बाप क्षेत्र में भारी बारिश से टूटी खडीनें, जोड गांव में बने बाढ़ के हालात फलोदी/बाप। पिछले दो दिनों के दौरान भारी बारिश से बाप व आस-पास के गांवों में बाढ़ के हालात हो गए हैं। जोड़ गांव में खडीनें टूटने से घरों में पानी घुस गया। प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने छह पुल तोड़कर पानी निकालने का प्रयास किया। पानी निकालने के लिए तोडे़ गए आधा दर्जन पुलों में प्रधानमंत्री आवासीय लिंक सड़क का पुल भी शामिल है। यह पुल तोड़ने के बाद गांव में पानी की निकासी शुरू हो सकी। पानी का बहाव इतना अधिक तेज था कि मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर चालक फंस गए, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। हिण्डालगोल गांव की बस्तियों में भी पानी घुस गया। बाप क्षेत्र में लगातार तेज बारिश से तालाबों पर चादर चल रही है।

ओवरफ्लो होकर पानी अन्य गांवों की ओर जोड़ गांव पानी से घिर जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। गांव में पानी इतना अधिक था कि प्रशासनिक अधिकारी गांव में नहीं जा सके और उन्होंने पानी निकासी के लिए पुल तोड़ने का फैसला किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर हाकम खान व तहसीलदार प्रतिज्ञा सोनी की मौजूदगी में पुलियों को जेसीबी से तुड़वाकर पानी निकासी करवाई। बावड़ी व शेखासर खीरवा की खडीनों को तोड़ते हुए पानी जोड़ पहुंचा था। जिससे खरीफ की फसल पानी के साथ बह गई।

फंसे लोगों को रस्सों से खींचा खडीनें के टूटने से तेज रफ्तार बहकर आए पानी में कई वाहन चालक फंस गए, जिन्हें लोगों ने रस्सों और आपसी सहयोग से बाहर निकाला। एक दो मोटरसाइकिल चालक पानी में बह गये, लेकिन वहां सहयोग के लिए खडे़ लोगों ने उन्हें बचा लिया।

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राणा प्रताप सागर में आया एक फीट पानी
रावतभाटा. चंबल नदी पर बने बांधों के भराव क्षेत्र में झमाझम बरसात होने से पानी की आवक शुरू हो गई है। नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांधी सागर का जलस्तर बढ़कर 1298.01 फीट दर्ज किया गया। फिलहाल यह बांध करीब 14 फीट खाली है। बांध में 5223 क्यूसेक पानी की आवक हुई। रावतभाटा िस्थत राणा प्रताप सागर बांध में करीब एक फीट पानी की आवक दर्ज की गई। इससे बांध का जलस्तर बढ़कर 1153.27 फीट हो गया। राणा प्रताप सागर बांध में शाम छह बजे तक 59290 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। अब बांध करीब सवा चार फीट खाली है। बांध का जलस्तर 1155 फीट होने पर बांध का गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की जाएगी।

जवाहर सागर बांध का जलस्तर 979 फीट पहुंच गया, जो बांध की कुल क्षमता 980 फीट से महज एक फीट कम है। बांध में 98345 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। ऐसे में बांध से 11970 क्यूसेक पानी की निकासी पन बिजलीघर के जरिए विद्युत उत्पादन कर और 1 लाख 275 क्यूसेक पानी की निकासी बांध के गेट खोल कर की गई। जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता एजाजुद्दीन अंसारी ने बताया कि कोटा बैराज के 11 गेट खोलकर 1 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई।



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