बिहार में नक्सलियों के खिलाफ मेगा ऑपरेशन, औरंगाबाद और गया से मौत का जखीरा बरामद, कमांडर इन चीफ पर सस्पेंस बरकरार

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बिहार में नक्सलियों के खिलाफ मेगा ऑपरेशन, औरंगाबाद और गया से मौत का जखीरा बरामद, कमांडर इन चीफ पर सस्पेंस बरकरार

औरंगाबाद : बिहार में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसएसबी और एसटीएफ के सहयोग से स्पेशल नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विशेष अभियान में तीसरे दिन भी विस्फोटकों की तीसरी बड़ी खेप बरामद की गई। औरंगाबाद के छ्करबंधा के जंगलों में चलाए जा रहे अभियान में लडुईया पहाड़ से कामयाबी मिली। जंगल से 25 आईईडी बम, 250 पीस सीरिज लगा आईईडी एक्सप्लोसिव और 100 मीटर प्लास्टिक का पाइप बरामद किया गया था। इसके पहले दिन रविवार को पहली बड़ी खेप के रूप में अंजनवां के जंगल से 50 आईईडी बम, 24 पीस सीरिज लगा आईईडी एक्सप्लोसिव, बैट्री, इलेक्ट्रिक वायर, जिलेटिन रॉड और पाइप बरामद करते हुए नक्सलियों के पांच बंकरों को ध्वस्त किया गया था।

औरंगाबाद में तीसरे दिन भी चला सर्च ऑपरेशन
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अभियान के दौरान तीसरे दिन भी विस्फोटकों की बरामदगी हुई। इसमें 30 पीस प्रेशर आईईडी बम, तीन पीस सिलिंडर आईईडी बम, 345 पीस केन बम, 300 मीटर कोडेक्स तार, 30 पीस एमसील और 30 पीस एयर गन शामिल है। एयर गन को छोड़कर सभी विस्फोटको को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि तीन दिनों में कुल मिलाकर अब तक 75 आईईडी बम, 274 सीरिज आईईडी, 200 मीटर कोडेक्स वायर, 200 मीटर प्लास्टिक पाइप, 200 पीस बैट्री, 200 पीस जिलेटिन और खाने-पीने का सामान जब्त किया गया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ये अभियान लगातार जारी रहेगा। जवान जंगल में लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं। इससे नक्सलियों में हड़कंप मचा हुआ है।

नक्सलियों की अहम बैठक नहीं होने दे रही पुलिस
उधर, प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (सैक) के कमांडर इन चीफ संदीप यादव का निधन हो गया है। जोनल कमांडर्स और हार्डकोरों पर नया चीफ चुनने का शीर्ष नेतृत्व का भारी दबाव है। इधर, पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर माओवादियों के राह में रोड़े अटका रही है। पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को हाल-फिलहाल इतना मजबूत कर रखा है कि माओवादी संगठन के एरिया, सब जोन, जोनल कमांडर्स और हार्डकोर नए कमांडर इन चीफ की चयन के लिए गुप्त स्थान पर बैठक तय कर रहे हैं। मगर पुलिस को इसकी भनक लग जा रही है। नतीजतन माओवादियों की बैठक होते-होते रह जा रही है। पुलिस ने नक्सल प्रभावित जंगली-पहाड़ी इलाकों में न सिर्फ मोर्चाबंदी के स्तर पर बल्कि माओवादियों पर मानसिक रूप से भी भारी दबाव बना रखा है। पुलिस का मानना है कि मानसिक रूप से गहरा दबाव बनने पर नक्सली टूट जाएंगे और वे ये मानने पर विवश हो जाएंगे कि अब उनकी चलने वाली नही है। फिर उनके पास सरेंडर कर मुख्यधारा में आने और पहचान छिपा कर सोसाइटी में शामिल हो जाने का ही विकल्प होगा।

संदीप यादव के बाद कौन होगा नक्सली कमांडर?

औरंगाबाद के काला पहाड़, अम्बा, भलुआही, देव, अम्बातरी, तरी और लंगुराही-पचरूखिया में केंद्रीय सुरक्षा बलों का कैम्प है। इसका मकसद है कि नक्सलियों के पैर इन इलाकों से उखड़े, नक्सलियों का पूरी तरह से खात्मा हो और इलाके में स्थायी रूप से शांति कायम हो। पुलिस और केंद्रीय बलों-सीआरपीएफ, कोबरा, एसएसबी और एसटीएफ की नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार चल रही गतिविधियों से पहले की तरह माओवादियों की खुलेआम रात तो क्या, दिन के उजाले में चलने वाली गतिविधियों को ब्रेक लग गया है। इससे इलाके में लोग सुकून का तो अनुभव कर रहे हैं लेकिन लोगों के दिलों में बैठा नक्सलियों का खौफ अभी दूर नहीं हो पाया है। ये खौफ तभी दूर होगा जब नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा होगा। पुलिस इसी मकसद पर काम कर रही है। इस तरह का काम सिर्फ बिहार के औरंगाबाद में ही नहीं बल्कि बगल के गया जिले समेत राज्य के सभी नक्सलग्रस्त इलाकों के साथ ही झारखंड में भी चल रहा है। इसका सीधा असर ये हुआ है कि नक्सली जंगलों में मौजूद तो है लेकिन अपनी मांद से निकल कर वे खुले रूप में अपनी गतिविधियां नहीं चला पा रहे हैं। हालांकि, नक्सली कमांडर इन चीफ संदीप यादव जब तक जिंदा था, संगठन को संभालकर रखा था। लेकिन संदीप यादव के निधन के बाद संगठन बिखरने की स्थिति में आने लगा है।

स्पेशल ऑपरेशन में 10 नक्सली गिरफ्तार
माओवादियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस की दो टीमों ने छापेमारी की। अलग-अलग स्थानों से कुल दस हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सली औरंगाबाद और अरवल जिले में काफी सक्रिय रहे हैं। पुलिस को कई मामलों में इनकी तलाश थी। इनके पास से असलहे भी बरामद किए गए। पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को बताया कि सूचना मिली कि कई नक्सल कांडों में वांछित नक्सली मनीष उर्फ मनीष यादव क्षेत्र में घूम रहा है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) मुकेश कुमार के नेतृत्व में रफीगंज, पौथु और गोह थानाध्यक्ष का विशेष अनुसंधान दल तैयार कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई। इस दौरान अरवल जिले के बंशी थाने के बलौरा निवासी मनीष उर्फ मनीष यादव, रफीगंज थाने के पड़राही निवासी कमलेश यादव, योगेंद्र यादव, पौथु थाने के दल बिगहा निवासी महेंद्र यादव, बनाही निवासी सरयू राम और गोह के अजान निवासी देवीलाल यादव को गिरफ्तार किया गया। इनमें मनीष यादव अरवल और आसपास के जिलों में 15 नक्सलियों की टीम के साथ ईट-भट्ठों से लेवी वसूला करता था। छापेमारी में एक नक्सली के घर से 3.15 बोर का एक अवैध देशी रायफल, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया।

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औरंगाबाद में बंद घर से बम बरामद
दाउदनगर पुलिस ने तरार गांव में एक बंद घर से चार जिंदा बम, एक रायफल, एक जिंदा कारतूस और सात बोतल देशी शराब बरामद किया। मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिस घर से ये चीजें बरामद हुई है, वो इसी गांव के डॉ. एनामुल हक के बेटे फैजल हक का है। इस घर में हमेशा ताला बंद रहता है। एसडीपीओ कुमार ऋषि राज के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। एसडीपीओ ने बताया कि सूचना मिली कि उस घर में शराब है। इसके फौरन बाद उनके नेतृत्व में छापेमारी की गई। बंद घर की चाभी इसी गांव के निवासी इमाम के पास रहती थी। उससे चाभी मंगवाकर घर को खुलवाया गया। फिर एक कमरे की तलाशी ली गई है। जहां से एक रेक पर रखा चार जिंदा बम, एक देशी रायफल और देशी शराब जब्त किया गया। अब इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि कहीं इसका कुछ नक्सली कनेक्शन तो नहीं है।

गया में एके 47 और उसकी गोलियां बरामद
नक्सली सर्च ऑपरेशन के दौरान गया पुलिस को एके 47 और उसकी गोलियां बरामद करने में कामयाबी मिली है। लुटुआ थाने के हरदिया पहाड़ी क्षेत्र से जब्त किया गया। एके 47 राइफल, दो मैगजीन ( 250 राउंड एके-47) सहित एक काले रंग का मैगजीन पाउच छिपाकर रखे गए थे। वरीय पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने बताया कि गया पुलिस नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रही है। इसमें सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन भी शामिल है।

औरंगाबाद से आकाश और गया से विप्लव कुमार की रिपोर्ट

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