बिपरजॉय ने लगा दिया लॉकडाउन, हर दिन ₹500 करोड़ का झटका

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बिपरजॉय ने लगा दिया लॉकडाउन, हर दिन ₹500 करोड़ का झटका

बिपरजॉय ने लगा दिया लॉकडाउन, हर दिन ₹500 करोड़ का झटका

नई दिल्ली: अरब सागर में उठे ताकतवर तूफान बिपरजॉय (Biparjoy Cyclone) आज यानी गुरुवार को गुजरात के कच्छ में तट से टकराने वाला है। संभावना है कि शाम 4 से 8 बजे के बीच ये तूफान कच्छ तट से टकरा सकता है। इस दौरान तूफान की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे की होगी। चक्रवाती तूफान को देखते हुए गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस तूफान से तटीय इलाकों में भारी तबाही की आशंका है। बिपरजॉय के चलते अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। इन इलाकों में सभी औद्योगिक गतिविधियां ठप है। तूफान को देखते हुए पूरे इलाके को खाली करवा लिया लिया है। कच्छ जिसे इंडस्ट्रियल पावर हाउस कहा जाता है, वहां कामकाज पूरी तरह से बंद है। रेलवे की 67 से अधिक ट्रेनें कैंसिल कर दी गई है। विमान सेवाएं रोक दी गई है। इस चक्रवाती तूफान के कारण हर दिन 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।

बिपरजॉय हर दिन दे रहा है 500 करोड़ का झटका

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का सबसे ज्यादा असर कच्छ के तटीय इलाकों पर देखने को मिलता है। कच्छ यहां 357 से अधिक उद्योग, कल कारखाने हैं, वहां इस तूफान के कारण कामकाज पूरी तरह से बंद है। कच्छ में 357 बड़े उद्योग, जिसमें कई बड़ी कंपनियां शामिल है और 6700 एमएसएमई मिलकर 6.5 लाख करोड़ का कारोबार करते हैं । इस तूफान के कारण पूरे इलाके को खाली करवा लिया गया है। जिसके चलते सारे उद्योग-धंधे बंद हैं । औद्योगिक गतिविधियां बंद होने से रोजाना करीब 400-500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

ये उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित

इस तूफान के कारण देश के दो सबसे बड़े बंदरगाहों कांडला बंदरगाह और मुंद्रा पोर्ट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पोर्ट पर कामकाज बंद होने की वजह से यहां ट्रांसपोर्टेशन का वेटिंग पीरियड 2 दिन से बढ़कर 15 दिन पर पहुंच गया है। पोर्ट के अलावा यहां साल्ट मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज यानी नमक बनाने वाले उद्योगों को भारी नुकसान हुआ है। ये सीजन नमक उद्योगों के लिए पीक सीजन होता है। इस सीजन में वहां रोज 20 लाख टन नमक का उत्पादन होता है, लेकिन इस तूफान के कारण कारोबार ठप हो चुका है। मजदूरों को वर्कर्स को वहां तटीय इलाकों से निकाल लिया गया है। वहीं एक और चिंता सता रही है। कांडला और मुंद्रा पोर्ट पर कई कैमिकल्स टैंकर में बंद है। तूफान में इन कैमिकल्स को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

अडानी-अंबानी का काम भी रुकातूफान की वजह से मछुआरों, बंदरगाहों में काम करने वालों और ऑयल रिग्स में काम करने वालों की आजीविका प्रभावित हुई है। कंपनियों का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट प्रभावित हो रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने सिक्का पोर्ट से डीजल और दूसरे ऑयल प्रॉडक्ट्स का निर्यात रोक दिया है। इस पोर्ट की रोजाना क्षमता 704,000 बैरल है। अडानी ग्रुप (Adani Group) ने भी फिलहाल उस इलाके में अपना कामकाज बंद कर दिया है। अडानी के मुंद्रा पोर्ट भी बंद कर दिया गया है। यह देश का सबसे बिजी कंटेनर हार्बर है। इसके साथ-साथ वडिनार और सिक्का के ऑयल पोर्ट को भी बंद कर दिया गया है। कांडला, ओखा, बेदी, और नवलाखी बंदरगाहों में भी कामकाज बंद है।

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