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फरीदाबाद से अपहरण, हरियाणा, दिल्ली, UP और उत्तराखंड क्रॉस, नैनीताल में कारोबारी की हत्या में उठे पुलिस पर सवाल

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फरीदाबाद से अपहरण, हरियाणा, दिल्ली, UP और उत्तराखंड क्रॉस, नैनीताल में कारोबारी की हत्या में उठे पुलिस पर सवाल

फरीदाबाद से अपहरण, हरियाणा, दिल्ली, UP और उत्तराखंड क्रॉस, नैनीताल में कारोबारी की हत्या में उठे पुलिस पर सवाल

फरीदाबाद: सेक्टर-15 से अपहृत फरीदाबाद के कपड़ा कारोबारी नागेंद्र चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिजनों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। रविवार को उत्तराखंड के नैनीताल में मिले कारोबारी के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार को फरीदाबाद लाया गया। अब तक आशंका जताई जा रही थी कि अपहरण के दिन ही कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन शव को देखकर आशंका जताई जा रही है कि हत्या गला रेतकर की गई है। परिजनों का कहना है कि गला रेतने से पहले नागेंद्र को कुछ नशीला पदार्थ भी दिया होगा। मामले में ड्राइवर व अन्य लोग भी शामिल होने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने शव का फिर से पोस्टमॉर्टम करने की मांग करते हुए मंगलवार को बीके अस्पताल के बाहर धरना दिया। तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल बीके अस्पताल पहुंच गया। सीनियर अधिकारियों ने समझाकर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया।

कारोबारी की बहन का कहना है कि पुलिस चाहती तो आरोपियों की गाड़ी को नैनीताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में टोल प्लाजा पर रोका जा सकता था। बड़ा सवाल है कि पुलिस को जानकारी होने के बावजूद आरोपी कार में शव लेकर हरियाणा, दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड के इलाकों को क्रॉस कर गए, लेकिन कहीं भी गाड़ी नहीं रोकी गई।

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फरीदाबाद से नैनीताल आसानी से पहुंचे

पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिजन संतुष्ट नहीं हैं। नागेंद्र के जीजा अविनाश व बहन कुसुम ने कहा कि पुलिस तत्परता से कार्रवाई करती तो अपहरणकर्ता फरीदाबाद की सीमा से बाहर नहीं निकल सकते थे। पुलिस ने आरोपी पंकज के परिजनों पर दबाव ही नहीं बनाया। उन पर दबाव बनाया जाता था तो शायद आरोपी गिरफ्त में होता और नागेंद्र के बारे में भी जल्द सुराग लग जाता। वहीं, फरीदाबाद से नैनीताल तक चार-पांच टोल प्लाजा है। हर टोल प्लाजा पर सीसीटीवी चेक किए गए। हर टोल प्लाजा पर वह अकेले ही गाड़ी चलाता हुआ दिखाई दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अपहरण कराने से लेकर हत्या तक पंकज के साथ और भी लोग शामिल हैं।

ड्राइवर संदेह के घेरे में

पीड़ित परिजन ड्राइवर को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं। कारोबारी की बहन कुसुम ने आरोप लगाया कि ड्राइवर आरोपी पंकज से मिला हुआ है। ड्राइवर ने नागेंद्र के बारे में पंकज को जानकारी दी। घटना के बाद ड्राइवर को सेक्टर-17 क्राइम ब्रांच जाने के बजाय नजदीक सेक्टर-15 चौकी में जाना चाहिए था या फिर डायल 112 पर संपर्क करना चाहिए था, जो उसने नहीं किया। इन सब कारणों से ड्राइवर संदेह के घेरे में है। पुलिस भी इस बात को मान रही है कि ड्राइवर समय पर पुलिस को जानकारी दे देता तो पंकज फरीदाबाद की सीमा से बाहर नहीं निकल सकता था। ड्राइवर 10 से 15 मिनट में क्राइम ब्रांच पहुंचा और फिर वह वापस आया। इस बीच तक काफी देर हो चुकी थी। 20 से 25 मिनट का वक्त पंकज को फरीदाबाद से बाहर निकलने का समय मिल गया।

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नागेंद्र के किडनैप की रिपोर्ट में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी पंकज को दबोचने के लिए दिल्ली में छापेमारी कर रही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट लेने के लिए पुलिस नैनीताल गई है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि नागेंद्र की हत्या किस तरह की गई।

मुकेश मल्होत्रा, DCP क्राइम

करीब 2500 CCTV गए

नागेंद्र का सुराग लगाने के लिए पुलिस की पांच से अधिक टीमें छानबीन कर रही थीं। पुलिस ने टोल प्लाजा, रोड किनारे दुकान, ढाबे, होटल, पेट्रोल पंप व अन्य स्थानों पर लगे करीब 2500 सीसीटीवी खंगाले। इन सीसीटीवी खंगाले में भी पुलिस का समय अधिक लगा। वहीं, पुलिस ने शव सड़ी गली अवस्था में शव बरामद किया। बताया जा रहा है कि दायां हाथ शव के निकट ही अलग मिला। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऐसा लगता है कि नागेंद्र की हत्या फरीदाबाद में ही कर दी गई थी और वह शव लेकर नैनीताल पहुंचा। वह नैनीताल के रास्ते से बेहद ढंग से वाकिफ है। इससे की वह शव को आसानी से ले जा सका।

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