प्रतिबंध के बाद अब पत्तल, पेपर और बगास की थाली- ग्लास बेचने की तैयारी

0
69

प्रतिबंध के बाद अब पत्तल, पेपर और बगास की थाली- ग्लास बेचने की तैयारी

दुकानों में सजने लगे पत्तल, कागज और बगास की थाली, कटोरी और ग्लास

थर्माकोल के मुकाबले से पत्तल या कागज की थाली व अन्य सामग्री महंगी

बगास से बने उत्पादों की कीमत सात गुना तक अधिक

गया, निज प्रतिनिधि।

एक जुलाई गुरुवार से सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल की बिक्री और यूज पर प्रतिबंध लग जाएगा। प्रतिबंध की चर्चा गया की थोक किराना मंडी पुरानी गोदाम से लेकर खुदरा बाजार लहेरिया टोला तक है।

पाबंदी के बाद दुकानदार पत्तल, पेपर और बगास की थाली- ग्लास बेचने की तैयारी में है। कई दुकानों में दिखने भी लगे हैं। झारखंड से साधारण पत्तल और उड़ीसा से बढ़िया (थाली आदि) मंगा रहे हैं। पेपर वाला लोकल में उपलब्ध है। इस वक्त बगास लोगों को पंसद है। लेकिन, महंगा होने के कारण डिमांड ज्यादा नहीं रहती। उन्होंने बताया कि थर्मोकोल के मुकाबले से पत्तल या कागज की थाली व अन्य सामग्री 20 से 30 रुपए (25 पीस) महंगी है। बगास वाले की कीमत तो 175 रुपए है। पुरानी गोदाम के थोक कारोबारियों ने बताया कि मांगलिक दिनों में डिमांड बढ़ने पर थर्मोकोल जैसी उपलब्धता नहीं होगी। मांग पूरी करना मुश्किल होगा। किल्लत होने पर भाव चढ़ जाएगा।

थर्मोकोल जैसा दूसरा विकल्प नहीं, कैसी भरपाई होगी प्लास्टिक की ग्लास की कमी

धामी टोला-केपी रोड के थोक व्यवसायी संजय अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने सिंगल सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल पर पाबंदी तो लगा दी लेकिन इसके जैसे विकल्प नहीं तैयार किए। थर्मोकोल के पत्तल-प्लेट और प्लास्टिक के ग्लास जितनी सस्ती और आसान से उपलब्ध हो जाता है, इसके जैसे दूसरा विकल्प नहीं है। ऊंची कीमत के साथ-साथ डिमांड की अनुसार उपलब्ध नही हो पाएगा। बगास वाला सात गुना महंगा है। बताया कि 25 साल से इसका काम कर रहे हैं। अब बंद होने पर कई तरह की परेशानी सामने आए जाएगी। कारोबारियों को बैंक का कर्ज देना मुश्किल हो जाएगा। प्रतिबंध से गया में करीब 300 दुकानें व एक हजार परिवार प्रभावित होगा। थोक व्यवसायी, छोटे दुकानदार, कर्मचारी से लेकर ठेला व मजदूर वर्ग के लोगों पर असर होगा। गया में ग्लास की दो फैक्ट्री बंद हो जाएगी।

प्रतिबंध के एक दिन पहले बाजार में बिके थर्मोकोल, प्लास्टिक के उत्पाद

आठ जुलाई तक शादी-विवाह के लिए मांगलिक दिन हैं। इस कारण एक जुलाई से प्रतिबंध के बावजूद गुरुवार को बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल की बिक्री होती रही। पुरानी गोदाम, केपी रोड, जीबी रोड, लहेरिया टोला सहित गली-मुहल्लों की दुकानों में कम-ज्यादा थर्मोकोल के पत्तल, प्लेट, कटोरी व प्लास्टिक के ग्लास आदि की बिक्री हुई। दुकानदारों ने बताया कि एक जुलाई से प्रतिबंध वाले सारे सामान हटा देंगे।

बिहार की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Delhi News