पीएम मोदी, शाह, गहलोत और योगी ने किया मतदान: कुल 44 दलों के समर्थन से द्रोपदी मुर्मू आसान जीत की ओर अग्रसर, See Full list | Voting of 4809 MP-MLA continues across the country for 16th President | Patrika News

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पीएम मोदी, शाह, गहलोत और योगी ने किया मतदान: कुल 44 दलों के समर्थन से द्रोपदी मुर्मू आसान जीत की ओर अग्रसर, See Full list | Voting of 4809 MP-MLA continues across the country for 16th President | Patrika News

द्रोपदी मुर्मू के समर्थन में विपक्ष के भी कई राजनीतिक दल राष्ट्रपति चुनाव में इस बार NDA की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) का पलड़ा विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) की तुलना में भारी नजर आ रहा है, क्योंकि विपक्ष की कुछ पार्टियों ने भी मुर्मू को समर्थन देने का एलान किया है और साफ दिख रहा है कि एनडीए की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू एक आसान जीत की ओर बढ़ रही है। बीजेपी (BJP) ने जैसे ही द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया, कुछ विपक्षी पार्टियां भी उनके साथ हो गई। खासकर झारखंड मुक्ति मोर्चा, बीएसपी, उद्धव गुट और राजभर की पार्टी, ये सभी जो विपक्ष के साथ खड़े नजर आते हैं मुर्मू के समर्थन में आ गए। जिसके बाद मुर्मू की ताकत उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई है। यहां तक कि सपा में भी इस मुद्दे पर फूट पड़ती नजर आ रही है।

द्रोपदी मर्मू को मिल चुका है 44 बड़े-छोटे दलों का समर्थन बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने जहां ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक आदिवासी समुदाय से आने वाली द्रोपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है, वहीं यशवंत सिन्हा को विपक्षी दलों ने उम्मीदवार बनाया है। सिन्हा पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं और बिहार से आते हैं। अब तक मुर्मू को कम से कम 44 पार्टियों ने घोषित रूप से समर्थन दिया है और 34 पार्टियों ने चुनाव में सिन्हा का समर्थन किया है। मुर्मू का समर्थन करने वाले दलों की पूरी सूची इस प्रकार है:

द्रोपदी मुर्मू के समर्थन में 44 राजनीतिक दल 1. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) 3. अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) 4. बीजू जनता दल (बीजद)

5. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 6. युवजना श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) 7. अपना दल सोनेलाल (ADS) 8. राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) 9. असम गण परिषद (एजीपी) 10. पट्टाली मक्कल काची (पीएमके)

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11. नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) 12. नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) 13. जननायक जनता पार्टी (JJP) 14. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) 15. मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) 16. निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद)

17. नेशनलिस्ट प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपीपी) 18. अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) 19. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 20. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) 21. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसी) 22. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM)

23. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) 24. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) 25. राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएएसपी) 26. जन सेना पार्टी (JSP) 27. अखिल भारतीय नमाथु राजियम कांग्रेस (एआईएनआरसी) 28. हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP)

29. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) 30. पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) 31. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) 32. हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (HSPDP) 33. कुकी पीपुल्स एलायंस (केपीए) 34. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले (आरपीआई-ए)

35. तमिल मनीला कांग्रेस मूपनार (टीएमसी-एम) 36. इंडिजिनियस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) 37. पुराना भारतम काची (PBK) 38. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) 39. तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) 40. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक (JSDL)

41. शिवसेना (SHS) और शिवसेना विद्रोही समूह (एकनाथ शिंदे) 42. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) 43. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) 44. जनता दल – सेक्युलर (JDS) राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सिन्हा का समर्थन करने वाले 34 दल इस प्रकार हैं:

1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) 2. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) 3. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 4. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 5. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPI-M) 6. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई)

7. तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) 8. समाजवादी पार्टी (सपा) 9. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 10. राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) 11. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीआई-एमएल) 12. केरल कांग्रेस मणि (केसीएम)

13. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 14. जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) 15. विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) 16. मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) 17. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) 18. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)

19. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) 20. रायजर दल (आरडी) 21. मनिथानेया मक्कल काची (एमएमके) 22. केरल कांग्रेस (केसी) 23. कोंगु देसा मक्कल काची (केडीएमके) 24. केरल कांग्रेस जैकब (केसीजे)

25. भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) 26. कांग्रेस (धर्मनिरपेक्ष) (सीएस) 27. जनाधिपति केरल कांग्रेस (जेकेसी) 28. केरल कांग्रेस बालकृष्ण (केसीबी) 29. इंडियन नेशनल लीग (INL) 30. राष्ट्रीय धर्मनिरपेक्ष सम्मेलन (एनएससी)

31. राष्ट्रवादी कांग्रेस केरल (एनसीके) 32. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) 33. तमिझागा वज़्वुरिमाई काची (टीवीके) 34. आम आदमी पार्टी (आप) देश में फिलहाल हैं कुल 4809 MLA और MP भारत में अभी कुल 776 लोकसभा (538) और राज्यसभा (238) के सांसद हैं और देश में कुल 4033 विधायक हैं। इस तरह देश में फिलहाल हैं कुल 4809 MLA और MP हैं। देश के राज्यों के सभी विधायकों के वोट का वैल्यू 5 लाख 43 हजार 231 है। वहीं, लोकसभा-राज्यसभा के सांसदों का कुल वैल्यू 5 लाख 43 हजार 200 है। इस तरह से दोनों सांसदों और विधायकों की कुल वोट वैल्यू 10 लाख 86 हजार 431 है। इसमें 776 सांसदों की कुल वोट की वैल्यू है- 543,200, जबकि देश के कुल 4,033 विधायकों की वोट वैल्यू है- 543,231। इस प्रकार राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए बहुमत का आंकड़ा 5 लाख 43 हजार 215 है।

द्रौपदी के समर्थन में 6 लाख 66 हजार 28 वोट एनडीए की मुख्य घटक बीजेपी ने मुख्य रूप से द्रोपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है जिसके पास करीब साढ़े चार लाख वोट हैं। वहीं YSR कांग्रेस के करीब पैंतालीस हजार वोट भी उन्हें मिलना तय माना जा रहा है, जबकि BJD के करीब इक्तीस हजार वोट हैं। वहीं जेडीयू 14 हजार से ज्यादा वोट के साथ मुर्मू के साथ खड़ी है और अन्यों के पास 93 हजार वोट हैं। यानी कुल – 6 लाख 66 हजार 28 वोट मुर्मू के समर्थन में नजर आ रहे हैं। अन्यों में शिवसेना जिसमें उद्धव गुट और शिंदे गुट, JD(S), BSP, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), अकाली दल और SBSP शामिल है।

यशवंत सिन्हा को TMC-DMK, AAP का वोट वहीं विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन करने वाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके करीब एक लाख सैंतीस हजार वोट हैं। तृणमूल के पास 58 हजार से ज्यादा वोट हैं। DMK के पास करीब 45 हजार, SP के पास 27 हजार से ज्यादा वोट है। TRS के पास 24 हजार से ज्यादा वोट, AAP के पास करीब 21 हजार वोट और अन्यों के – 88 हजार 212 वोट है यानी कुल हुए 4 लाख 13 हजार 728 वोट है।

अन्यों में NCP, RJD, CPI, CPIM, AIMIM शामिल हैं। अब इन आंकड़ों की तुलना करें तो मुर्मू के पक्ष में 6 लाख 66 हजार 28 वोट पड़ने की संभावना है। तो यशवंत सिन्हा के पक्ष में हैं करीब पौने चार लाख वोट। जबकि बहुमत के लिए चाहिए 5 लाख 40 हजार 996। यानी आंकड़े कह रहे हैं कि द्रौपदी मुर्मू शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला बन सकती हैं।

शुरुआती चुनावों में राष्ट्रपति को मिलते रहे हैं 98 प्रतिशत से अधिक वोट भारत में राष्ट्रपति के चुनाव में 1957 के चुनाव में, राजेंद्र प्रसाद को 98.99 प्रतिशत वोट मिले – जो अब तक का सबसे अधिक वोट है। अगले चुनाव में, एस राधाकृष्णन ने 98.25 प्रतिशत वोट हासिल किए, वोट प्रतिशत के मामले में दूसरे स्थान पर है। हाल के इतिहास में, केआर नारायणन ने लगभग 95 प्रतिशत वोट हासिल किए, जब शिवसेना को छोड़कर सभी प्रमुख दलों ने उनका समर्थन किया था।



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