पटना : नया के चक्कर में विरासत को न भूलें, कलेक्ट्रेट कैंपस से भाप से चलने वाले रोड रोलर को हटाने की अपील

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पटना : नया के चक्कर में विरासत को न भूलें, कलेक्ट्रेट कैंपस से भाप से चलने वाले रोड रोलर को हटाने की अपील

पटना : कलेक्ट्रेट को नया बना जा रहा है। पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा है। यहां पर कई ऐतिहासिक धरोहर पहले से है। मगर इस विरासत को बचाने के लिए तोड़ने से पहले कोई इंतजाम नहीं किया गया। अब विरासत प्रेमी बिहार के संग्रहालय प्रबंधन से इन्हें बचाने की अपील कर रहे हैं। इनकी सबसे ज्यादा चिंता एक सदी से ज्यादा पुराने भाप से चलने वाले रोड रोलर को लेकर है। पुरानी वस्तुओं को ऐतिहासिक पटना कलेक्ट्रेट में चल रही तोड़फोड़ स्थल से तत्काल हटाने की मांग की है। दो महीने से कलेक्ट्रेट परिसर में तोड़फोड़ की कार्रवाई चल रही है। इंग्लैंड के लीड्स स्थित जॉन फॉलर एंड कंपनी के निर्मित ये दुर्लभ रोड रोलर फिलहाल गंगा के तट पर स्थित जिला अभियंता कार्यालय के सामने मौजूद खुली जमीन में रखा हुआ है। इस इमारत के पूर्वी हिस्से को नए कलेक्ट्रेट परिसर के निर्माण के लिए तीन जुलाई को ढहा दिया गया था।

विरासत को बचाने पटना संग्राहलय आया आगे
पटना संग्रहालय ने कुछ दुलर्भ विरासती वस्तुओं को लेने में रुचि दिखाई है और वो तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होने के बाद आगे आया था। संग्रहालय के विशेषज्ञों की एक टीम ने 13 जुलाई को पटना कलेक्ट्रेट का दौरा किया था और भाप से चलने वाले स्टीमरोलर का मुआयना किया। पटना और अन्य स्थानों के कई विरासत प्रेमियों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी इन पुरानी वस्तुओं को वहां से हटाने के लिए अंतिम कदम उठाने के लिए ज्यादा वक्त ले रहे हैं जबकि जिला अभियंता कार्यालय भवन का शेष हिस्सा कभी भी तोड़ा जा सकता है।

अमूल्य वस्तुओं को नहीं हटाने पर जताई हैरानी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पटना संग्रहालय की एक टीम पुरानी वस्तुओं का प्रस्तावित अधिग्रहण करने के सिलसिले में जल्द ही विध्वंस स्थल का दौरा कर सकती है। हरियाणा में गुरुग्राम के पास ‘हैरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम’ की क्यूरेटर रागिनी भट्ट ने संग्रहालय अधिकारियों से अपील की कि वो इस मामले को तत्काल नोटिस में लें। उन्होंने कहा कि ऐसी अमूल्य वस्तुओं को तोड़फोड़ स्थल से तत्काल हटा देना चाहिए। जॉन फॉलर रोड रोलर बहुत दुलर्भ है और इसे गर्व से प्रदर्शित करना चाहिए। जिस किसी संग्रहालय के पास ये होगा, वो भाग्यवान होगा। हमारे संग्रहालय के पास दो पुराने रोड रोलर हैं जिनमें एक को 1914 में मार्शल कंपनी ने बनाया था जबकि दूसरा 1950 में टाटा टेल्को।

पटना कलेक्ट्रेट को नया बनाया जा रहा
पटना कॉलेज के 18 वर्षीय छात्र अमन ने कहा कि पटना कलेक्ट्रेट में मई मध्य से तोड़फोड़ की कार्रवाई चल रही है। विंटेज वस्तुओं को तोड़फोड़ शुरू करने से पहले ही हटा देना चाहिए था। उन्होंने पूछा कि कलेक्ट्रेट परिसर की करीब-करीब सभी इमारतों को तोड़े जाने के बावजूद इन विरासती वस्तुओं को अबतक पटना संग्रहालय में क्यों स्थानांतरित नहीं किया गया? इस साल 13 मई को उच्चतम न्यायालय ने विरासत निकाय इनटैक की एक याचिका को खारिज कर दिया था, जो पटना कलेक्ट्रेट परिसर को विध्वंस से बचाने के लिए साल 2019 से कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। शीर्ष अदालत के इस फैसले से इस ऐतिहासिक परिसर को ढहाने का रास्ता साफ हो गया था।

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