नर्सरी एडमिशन: जितना पास होगा स्कूल, उतना मजबूत होगा दाखिले का चांस, पढ़ें स्कूलों ने क्या रखा है क्राइटेरिया

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नर्सरी एडमिशन: जितना पास होगा स्कूल, उतना मजबूत होगा दाखिले का चांस, पढ़ें स्कूलों ने क्या रखा है क्राइटेरिया

नई दिल्ली: नर्सरी में दाखिला की रेस शुरू चुकी है और एडमिशन किसी हिसाब से मिलेगा, यह स्कूलों ने तय कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने प्राइवेट स्कूलों के लिए अपनी वेबसाइट पर एडमिशन क्राइटेरिया अपलोड करने की लास्ट डेट 23 दिसंबर तय की है। दिल्ली के करीब 1730 प्राइवेट स्कूल नर्सरी के लिए बच्चों के एडमिशन करेंगे। कई स्कूलों ने अपना एडमिशन क्राइटेरिया अपलोड कर दिया है। स्कूलों के 100 पॉइंट फॉर्मूला में हमेशा की तरह डिस्टेंस यानी दूरी का फंडा सबसे ऊपर दिख रहा है मगर सीट पक्की करने के लिए सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा। अल्मनाई और सिबलिंग के पॉइंट दाखिले पाने के लिए बड़ा रोल निभाएंगे।शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि सभी जिलों के डीडीई यह सुनिश्चित करेंगे कि जो स्कूल 2 दिसंबर तक एडमिशन क्राइटेरिया अपलोड नहीं करेंगे, उनकी एडमिशन प्रक्रिया रोक दी जाए।

अकैडमिक सेशन 2023-24 के लिए प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी के फॉर्म 1 दिसंबर से 23 दिसंबर तक भरे जाएंगे। 20 जनवरी को पहली लिस्ट आएगी। स्कूल 100 पॉइंट सिस्टम के हिसाब से स्टूडेंट्स को मार्क्स दिए हैं और इसी के तहत एडमिशन लिस्ट बनेगी। 100 पॉइंट क्राइटेरिया में ज्यादातर स्कूल नेबरहुड/डिस्टेंस, सिबलिंग, अल्मनाई, सिंगल चाइल्ड, गर्ल चाइल्ड, फर्स्ट बॉर्न चाइल्ड में अपने पॉइंट्स बांटे हैं। सीट पक्की करने के लिए डिस्टेंस के साथ सिबलिंग यानी अगर बच्चे के भाई या बहन उसी स्कूल में पढ़ते हैं, अल्मनाई यानी अगर किसी पैरंट ने उसी स्कूल से पढ़ा हो जैसे पॉइंट काफी अहम हैं, खासतौर पर सरकारी जमीन पर बने करीब 450 स्कूलों में, जिनकी डिमांड काफी ज्यादा है। स्कूलों का कहना है कि पैरंट्स को आसपास का स्कूल ही चुनना चाहिए, यह बच्चे के लिए भी अच्छा है। हालांकि, ऐप्लिकेशन इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि कई बच्चे एक से डिस्टेंस पॉइंट वाले होते हैं। ऐसे में अल्मनाई और सिबलिंग के पॉइंट काम करते हैं। दोनों के लिए हमने 20 -20 पॉइंट दिए हैं।

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दूरी का अलग-अलग पैमाना
स्कूलों में नेबरहुड के सबसे ज्यादा पॉइंट रहेंगे, मगर डिस्टेंस का भी स्कूलों का अलग-अलग पैमाना है। ज्यादातर स्कूलों ने नेबरहुड को 40 से 80 पॉइंट दिए हैं। आमतौर पर 0 से 3 किलोमीटर की रेंज में रहने वाले स्टूडेंट्स पड़ोस के माने जाते हैं मगर कई प्राइवेट स्कूलों ने डिस्टेंस की रेंज 6 किलोमीटर और कई ने 20 किलोमीटर तक भी रखी है। यह इसलिए क्योंकि कई बार उनके इलाके में रेजिडेंशल एरिया नहीं होता या फिर ऐसे परिवार नहीं रहते, जो उनकी फीस दे पाएं।

डीपीसी आर के पुरम की जूनियर स्कूल – वसंत कुंज में नर्सरी के लिए जनरल कैटेगरी की 108 सीटें और डीपीएस ईस्ट ऑफ़ कैलाश 90 सीटें हैं, यह स्कूल 15 किलोमीटर की रेंज के स्टूडेंट्स को नेबरहुड के पॉइंट देगा। नेबरहुड को 50 पॉइंट, सिंबलिंग को 25 पॉइंट और बाकी अल्मनाई को देंगे। स्कूल में दूर के इलाकों से स की ज्यादा ऐप्लिकेशन आती है इसलिए रेंज बढ़ाई गई है। स्कूल 0-10 किमी की एरियल डिस्टेंस में रहने वाले स्टूडेंट को 70, 10.1 किमी से 12 किमी के लिए 60 पॉइंट देगा। डिस्टेंस में 0 से 6 किमी के लिए 50, 6.1 से 8 तक के लिए 40, 8.1 से 15 किमी की रेंज में रहने वाले बच्चे को 30 पॉइंट और 15.1 से 20 किमी के‌ लिए 20 पॉइंट मिलेंगे।

डिस्टेंस की रेंज बढ़ाने से फुल पॉइंट हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या नर्सरी की कुल सीटों की संख्या से काफी ऊपर रहती है। इसी तरह कई स्कूल अपनी बसों के रूट के हिसाब से नेबरहुड/डिस्टेंस तय करते हैं और कई तो ट्रांसपोर्ट के ही पॉइंट दे रहे हैं मसलन मॉडर्न इंटरनैशनल स्कूल ने डिस्टेंस को 40 गर्ल चाइल्ड को, 10 पॉइंट गर्ल पॉइंट, सिबलिंग को 30 और अल्मनाई को 20 पॉइंट दिए हैं।

सिबलिंग- अल्मनाई का बड़ा रोल
स्कूलों का मानना है कि पैरंट्स के लिए डिस्टेंस के साथ बाकी पॉइंट सीट फिक्स करेंगे। कई स्कूलों ने सिबलिंग और अल्मनाई के लिए अलग-अलग 10 से 20 पॉइंट रखे हैं। कई स्कूलों ने गर्ल चाइल्ड, सिंगल चाइल्ड के लिए भी 10 से 20 पॉइंट दिए हैं। मसलन, साउथ दिल्ली के ब्लूबेल्स स्कूल इंटरनेशनल ने नेबरहुड 50 को, अल्मनाई को 20, सिबलिंग को 20 और स्टाफ को 10 पॉइंट दिए हैं।

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